बांदा में खाकी पर रिश्वतखोरी का बड़ा आरोप, 20 हजार लेने के बाद भी नहीं माना दरोगा

बांदा नगर कोतवाली में तैनात दरोगा पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेने और फिर भी पीड़ित परिवार पर गंभीर धाराएं लगाने का आरोप लगा है। मामले में एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। नगर कोतवाली में तैनात एक दरोगा पर रिश्वत लेने और फिर भी पीड़ित पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाने का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई है और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पारिवारिक विवाद में हुई साधारण मारपीट के मामले को हल्का करने और कम धाराओं में निपटाने के नाम पर दरोगा ने 20 हजार रुपये लिए, लेकिन इसके बावजूद केस में छेड़खानी और जान से मारने की धमकी जैसी संगीन धाराएं जोड़ दी गईं।

साधारण विवाद को बना दिया गंभीर मामला

जानकारी के अनुसार मामला बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां पारिवारिक विवाद के दौरान मारपीट हुई थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले को सुलझाने और धाराएं कम कराने के नाम पर दरोगा सुधीर चौरसिया ने उनसे 20 हजार रुपये की मांग की। परिवार का आरोप है कि पैसे देने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी, लेकिन हुआ इसके उलट। आरोप है कि दरोगा ने मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ दीं, जिससे परिवार हैरान रह गया।

विरोध करने पर थाने से भगाने का आरोप

पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने दरोगा से इस बारे में सवाल किया तो वह नाराज हो गए। आरोप है कि दरोगा ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें थाने से भगा दिया। इस घटना के बाद परिवार ने खुद को असहाय महसूस किया और सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।

SP ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पुलिस पर रिश्वतखोरी और मनमानी कार्रवाई के आरोप अक्सर कानून व्यवस्था की छवि को प्रभावित करते हैं।

जिले में चर्चा का विषय बना मामला

नगर कोतवाली से जुड़ा यह मामला अब पूरे बांदा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस प्रकरण को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक पुलिसकर्मी की गलती नहीं होगी, बल्कि यह व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा। वहीं पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

रिपोर्ट- इक़बाल खान

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