फर्जी दस्तावेजों से बैंक को लगाया चूना, ED ने अटैच की 3.31 करोड़ की संपत्ति
ED ने अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PMLA के तहत 3.31 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड अटैच किए हैं. यह मामला बैंक धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ED ने अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PMLA के तहत 3.31 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड अटैच किए हैं. यह मामला बैंक धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED ने करीब 3.31 करोड़ रुपये की म्यूचुअल फंड यूनिट्स अटैच की हैं. ED बेंगलुरु ने मंगलवार (1 सितंबर 2026) को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया. यहाँ कार्रवाई अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के मामले में की गई है.
जानकारी के मुताबिक ED की जांच CBI की बेंगलुरु ACB में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. कंपनी, उसके निदेशकों और अन्य लोगों पर बैंक के साथ धोखाधड़ी, साजिश और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप हैं.
करीब 6 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली
जांच में सामने आया कि अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड, जो लौह अयस्क की ट्रेडिंग और एक्सपोर्ट का काम करती थी, ने बैंक ऑफ इंडिया से करीब 6 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली थी. इसके लिए छह संपत्तियों को बैंक के पास इक्विटेबल मॉर्गेज (संपत्ति गिरवी रखकर लोन लेना) किया गया था. इनमें बेंगलुरु के जयमहल स्थित एक संपत्ति को कथित तौर पर दिवंगत लक्ष्मम्मा के नाम की संपत्ति बताया गया. संपत्ति के बारे में गलत जानकारी दी गई थी कि वह दिवंगत लक्ष्मम्मा की है.
बैंक ने जारी की करीब 3 करोड़ रुपये की रकम
ED के मुताबिक, इस संपत्ति को बैंक ऑफ़ इंडिया के पास गिरवी रखने के लिए फर्जी खाता रिकॉर्ड, टैक्स भुगतान रसीद और अन्य राजस्व दस्तावेज लगाए गए, इसके आधार पर बैंक ऑफ इंडिया ने करीब 3 करोड़ रुपये की रकम जारी की.
जांच में यह भी पता चला कि इसी रकम में से 1 करोड़ रुपये की राशि 13 फरवरी 2010 को अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से कैथोलिक डायोसिस ऑफ बेल्लारी ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर की गई. इसके बाद इस पैसे को HDFC म्यूचुअल फंड की अलग-अलग योजनाओं में लगाया और दोबारा निवेश किया गया.
यूनिट्स की मौजूदा कीमत करीब 3.31 करोड़
ED ने पैसों की पूरी कड़ी का पता लगाते हुए पाया कि निवेश के जरिए रकम लगातार बढ़ती गई और आखिरकार यह पैसा HDFC Balanced Advantage Fund की 62,914.316 यूनिट्स के रूप में सामने आया. इन यूनिट्स की मौजूदा बाजार कीमत करीब 3.31 करोड़ रुपये है.
मामले में आगे की जांच जारी
ED के मुताबिक, मूल 1 करोड़ रुपये की कथित अपराध से हुई आय निवेश के जरिए बढ़कर 3.31 करोड़ रुपये हो गई और इस बढ़ी हुई रकम को भी अपराध से हुई आय की कमाई माना गया है. इससे पहले ED 28 मार्च 2026 को बेंगलुरु की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल कर चुका है. मामले में आगे की जांच चल रही है.



