बांके बिहारी मंदिर विवाद: दानदाता बोलीं- मेरा दिया हीरा गायब, नकली लगा दिया
भरतपुर के बांके बिहारी मंदिर में दान किए गए हीरे को लेकर विवाद गहरा गया है. दानदाता मीरा बंसल ने आरोप लगाया है कि उनका करोड़ों का हीरा बदल दिया गया है. रिकॉर्ड और दानदाता के बिल में अंतर मिला है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भरतपुर के बांके बिहारी मंदिर में दान किए गए हीरे को लेकर विवाद गहरा गया है. दानदाता मीरा बंसल ने आरोप लगाया है कि उनका करोड़ों का हीरा बदल दिया गया है. रिकॉर्ड और दानदाता के बिल में अंतर मिला है.
जांच के दौरान प्रतिमा से हीरा निकलवाकर दानदाता मीरा बंसल को दिखाया गया, लेकिन उन्होंने तुरंत दावा किया कि यह वही हीरा नहीं है. उन्होंने दिसंबर 2024 में भगवान बिहारी जी को हीरा दान किया था. मीरा बंसल ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के करोल बाग स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलर्स से हीरा खरीदा था और उसके साथ बिल, प्रमाण पत्र तथा यूनिक कोड भी मौजूद है.
दानदाता ने क्या कहा?
दानदाता का कहना है कि उनके द्वारा चढ़ाए गए हीरे के पीछे सोने की कटोरी लगी हुई थी, जिस पर हीरे का कोड अंकित था. जबकि जांच के दौरान जो हीरा दिखाया गया, उसके पीछे चांदी की कटोरी लगी मिली. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में लगाया गया हीरा बदला हुआ लग रहा है.
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. देवस्थान विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद हीरे का बिल और दानदाता के पास उपलब्ध बिल अलग-अलग पाए गए. इस पर जांच अधिकारियों ने दोनों दस्तावेजों का मिलान किया और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी.
मीरा बंसल का आरोप है कि उन्होंने कई बार देवस्थान विभाग से दान की रसीद और जांच की मांग की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने मुख्यमंत्री, देवस्थान विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले की शिकायत की थी.
रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी की आशंका
उप शासन सचिव आलोक सैनी ने बताया कि मामला सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है. सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और प्रतिमा पर लगे हीरे की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा पर लगा हीरा वही है, जो दान किया गया था या नहीं.
फिलहाल पुलिस में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन और देवस्थान विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.



