असम के CRPF कैंप में आखिर क्या हुआ? ASI ने साथियों पर बरसाईं गोलियां

असम के नगांव स्थित CRPF कैंप में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस दुखद हादसे में तीन जवान शहीद हुए और एक घायल है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: असम के नगांव स्थित CRPF कैंप में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है.

इस दुखद हादसे में तीन जवान शहीद हुए और एक घायल है. एएसआई द्वारा की गई इस फायरिंग से सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया,

असम के नगांव जिले के कतिमारी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कैंप में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे सुरक्षा महकमे को झकझोर कर रख दिया. कैंप के भीतर एक एएसआई द्वारा अपने ही साथियों पर की गई अंधाधुंध फायरिंग में तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पूरे कैंप में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, कतिमारी स्थित CRPF कैंप में तैनात एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने अचानक अपनी सर्विस राइफल से साथी जवानों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इस अप्रत्याशित हमले में जवान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

एएसआई ने खुद को भी मारी गोली

घटना के तुरंत बाद कैंप में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, साथी जवानों पर फायरिंग करने के बाद एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने खुद को भी गोली मार ली. गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई. इस तरह गोलीबारी की इस दर्दनाक घटना में कुल तीन जवानों की जान चली गई.

इस घटना में एक अन्य जवान गोविंद श्रीपुल भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें तत्काल नगांव के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

गोलीबारी की सूचना मिलते ही CRPF के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं. पूरे कैंप को सुरक्षा घेरे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई. अधिकारियों ने मृत जवानों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

मौके पर पहुंचे कई वरिष्ठ अधिकारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि एएसआई ने अपने साथियों पर गोली क्यों चलाई. जांच एजेंसियां व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव, ड्यूटी से जुड़े विवाद या अन्य संभावित कारणों समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा.

इस दुखद घटना के बाद CRPF और अन्य सुरक्षा बलों में शोक की लहर है. साथ ही यह घटना सुरक्षा बलों के भीतर तनाव बर्दास्त करने और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

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