साइबर ठगी की रकम से लेकर माफिया की संपत्ति तक, DIG ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
बरेली रेंज में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अपराध समीक्षा की। 60-90 दिन पुरानी विवेचनाओं, साइबर ठगी, महिला अपराध, गैंगस्टर और यातायात व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क : बरेली रेंज में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है। सोमवार को डीआईजी बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा हुई।
60 और 90 दिन पुरानी विवेचनाओं पर सख्ती
डीआईजी ने सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने और ई-साक्ष्य ऐप का अधिक इस्तेमाल करने को कहा। बयान, फोटो, वीडियोग्राफी और फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नियमानुसार डिजिटल रूप से दर्ज करने पर जोर दिया गया।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में भी केवल कागजी खानापूरी नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत देने की बात कही गई। न्यायालयों से समन्वय कर ई-समन जारी कराने और उनकी समयबद्ध तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
साइबर ठगी की रकम वापस कराने पर फोकस
साइबर अपराध की समीक्षा के दौरान डीआईजी ने साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली और ठगी की रकम के लीन अमाउंट की स्थिति जानी। उन्होंने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के प्रयास के निर्देश दिए।
गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई तेज करने तथा अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई करने को कहा गया। एनडीपीएस, PIT NDPS और ऑपरेशन दहन के तहत नशा तस्करों पर कार्रवाई की भी समीक्षा हुई।
महिला सुरक्षा से सड़क हादसों तक निगरानी
मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिला बीट प्रणाली और मिशन शक्ति केंद्रों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। महिला अपराध और दहेज उत्पीड़न के मामलों की विवेचना समयबद्ध पूरी करने पर जोर रहा।
हत्या, लूट, वाहन चोरी, दुष्कर्म, पॉक्सो, अपहरण समेत गंभीर अपराधों और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की समीक्षा हुई। गोकशी, गौ तस्करी, अवैध हथियार और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी, यक्ष ऐप पर डेटा फीडिंग और ‘जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ अभियान के तहत यातायात प्रवर्तन बढ़ाने को भी कहा गया।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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