नाग पंचमी से पहले वन दरोगा के घर निकला सांप, वन विभाग ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा
सांप के घर में होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घर के आसपास स्थिति का जायजा लिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक ऐसी घटना सामने आई।जिसको देख लोग दंग रह गए।सांप का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसे में अगर अचानक घर के अंदर ही सांप दिखाई दे जाए तो परिवार के बीच दहशत का माहौल बनना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक वनकर्मी के घर में अचानक सांप निकलने से परिवार में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू किया। बाद में उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग की टीम की तत्परता से एक तरफ जहां परिवार को राहत मिली, वहीं सांप को भी बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बचा लिया गया।
नाग पंचमी से एक दिन पहले घर में दिखाई दिया सांप
बताया गया कि घटना मिर्जापुर जिले के विकासखंड छानबे क्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाले फॉरेस्टर राजेंद्र प्रसाद वन विभाग के मड़िहान क्षेत्र में तैनात हैं। नाग पंचमी पर्व से एक दिन पहले रविवार को उनके घर में अचानक सांप दिखाई दिया। घर के अंदर सांप को देखकर परिवार के सदस्यों में घबराहट फैल गई। कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के लोगों और वन विभाग को दी गई। परिवार के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंता वाली थी क्योंकि सांप के जहरीला होने की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में किसी तरह का जोखिम न लेते हुए वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
सांप के घर में होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घर के आसपास स्थिति का जायजा लिया। टीम ने बेहद सावधानी और कुशलता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सांप को पकड़ने के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचे और न ही सांप को चोट लगे। काफी सावधानी के बाद टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और जंगल में छोड़ दिया गया।
परिवार ने ली राहत की सांस
घर के अंदर सांप मिलने के बाद परिवार के लोग काफी भयभीत थे। रेस्क्यू के बाद जब सांप को सुरक्षित घर से बाहर निकाल लिया गया तो परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्यों ने वन विभाग की टीम के सदस्यों का आभार जताया। उनका कहना था कि टीम ने सूचना मिलने के बाद जिस तत्परता से कार्रवाई की, उससे बड़ी परेशानी टल गई। परिवार ने वन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा के लिए विभाग की ऐसी सेवाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सांप को नहीं पहुंचाया गया कोई नुकसान
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की खास बात यह रही कि सांप को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, घर या आबादी वाले क्षेत्र में सांप दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश करने के बजाय संबंधित वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना अधिक सुरक्षित होता है।
वन्यजीव संरक्षण का भी दिया संदेश
घटना के बाद परिवार ने वन विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार का कहना था कि संकट की स्थिति में टीम ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया। वन विभाग की इस कार्रवाई ने यह भी संदेश दिया कि मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। सांप को मारे बिना सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ना इसका उदाहरण है।
समय पर कार्रवाई से टला बड़ा खतरा
घर के अंदर सांप दिखाई देने के बाद अगर परिवार के लोग घबराहट में उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश करते तो स्थिति खतरनाक हो सकती थी। लेकिन समय रहते वन विभाग को सूचना देने और टीम के मौके पर पहुंचने से किसी अप्रिय घटना की आशंका टल गई। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इससे परिवार को भी सुरक्षा मिली और वन्यजीव को भी जीवनदान मिला।
लोगों से अपील
ऐसी स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और सांप को छेड़ने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देकर ही सांप को सुरक्षित बाहर निकलवाना चाहिए। मिर्जापुर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि जागरूकता, सावधानी और समय पर सूचना से इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



