दिल्ली में भगवंत मान ने की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात, विधायकों-मंत्रियों को दिल्ली पुलिस ने रोका

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी से बीजेपी में गए विधायकों को लेकर बात की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जिस तरह से संविधान का उल्लंघन हुआ, जब AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने दावा किया कि वे एक अलग पार्टी हैं और भाजपा में मिल गए, वह असंवैधानिक है. हमने भाजपा में शामिल हुए AAP के राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की. अगर केंद्र सरकार पंजाब में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करती है, तो हम कार्रवाई करेंगे.
दरअसल, सीएम मान अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों और विधायकों के साथ बुधवार को दिल्ली पहुंचे थे और राष्ट्रपति से मुलाकात करना चाहते थे. मगर मान को राष्ट्रपति से मुलाकात करने दिया गया और उनके विधायकों-मंत्रियों को रोक दिया गया. मान के विधायकों को बोट क्लब चौकी पर रोक दिया गया. इसके बाद विधायकों ने सड़क पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
दरअसल, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए सिर्फ मुख्यमंत्री को ही अनुमति मिली थी, लेकिन इसके बावजूद वो सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ दिल्ली पहुंचे थे. ऐसा कहा जा रहा था कि सीएम मान राष्ट्रपति के सामने विधायक की परेड निकालना चाहते थे. सीएम मान अपने साथ पंजाब विधानसभा में पास किए गए विश्वास प्रस्ताव की कॉपी भी लेकर आए थे. वो राष्ट्रपति से दल-बदल कानून में संशोधन और राइट टू रिकॉल की मांग पर बात करने वाले थे.
सीएम के साथ मौजूद विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों ने दावा किया कि ये कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है बल्कि पंजाब में पूरी तरह से आम आदमी पार्टी भगवंत मान के नेतृत्व में एकजुट है और अगर राष्ट्रपति ने जनता के चुने गए विधायकों को भी अंदर बुलाया तो इस दौरान सभी विधायक वहां मौजूद रहेंगे और जब तक सीएम भगवंत मान राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे तब तक बाहर कैबिनेट मंत्री और विधायक उनके समर्थन में डटे रहेंगे.
आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी जनता के चुने गए मैंडेट को तोड़कर पंजाब में एंट्री करने का प्रयास कर रही है लेकिन इसे पंजाब की जनता सफल नहीं होने देगी यही संदेश है.
आप के बागी सांसद राष्ट्रपति से मिले
उधर, राघव चड्ढा समेत आप के बागी सांसद ने आज राष्ट्रपति से मुलाकात की है. राष्ट्रपति से मिलने वाले आप के बागी सांसदों में राघव, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता हैं.
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले पंजाब के साथ राज्यसभा सांसदों में से 6 पंजाब से हैं. आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है.
बाद में राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने बीजेपी में उनके शामिल होने को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया, जिससे उच्च सदन में आप के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई.


