बंपर जीत के बावजूद बहुमत से दूर विजय, तमिलनाडु में किसके सहारे बनेगी सरकार?
राज्यपाल को भेजे अपने पत्र में, विजय ने औपचारिक रूप से अनुरोध किया कि उनकी TVK पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया जाए,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राज्यपाल को भेजे अपने पत्र में, विजय ने औपचारिक रूप से अनुरोध किया कि उनकी TVK पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया जाए, साथ ही विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय भी मांगा.
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनेगी. इसी तरह तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के इतर नई सरकार बनने जा रही है. एक्टर से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने जोरदार जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया. हालांकि विजय के लिए यह चमत्कारी प्रदर्शन उसे बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए नाकाफी रहा. अब यहां की सियासत में यही सवाल गूंज रहा है कि विजय आखिर कहां से बहुमत का आंकड़ा जुटाएंगे.
नवोदित नेता विजय, जिनकी TVK पार्टी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है. हालांकि पार्टी ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए 2 हफ्ते का समय भी मांगा. इस तरह से चुनाव के बाद नई सरकार के गठन को लेकर कवायद शुरू हो गई है.
तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा
विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, TVK ने 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटों पर जीत हासिल की है, हालांकि पार्टी के पास पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी सीटों की संख्या नहीं है. यहां किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 118 सीट चाहिए होती है, जो इस बार नहीं मिलीं, ऐसे में तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई है.
कैसे जुटेगा बहुमत का आंकड़ा
TVK ने कुल 108 सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन पार्टी के पास असल में 107 सीट ही है, ऐसा इसलिए है क्योंकि विजय ने 2 अलग-अलग सीटों (पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट) से जीत हासिल की है, और चुनाव आयोग इन दोनों में से केवल एक सीट को ही मानेगा. दूसरी सीट छोड़नी पड़ेगी जिस पर बाद में चुनाव कराया जाएगा. ऐसे में TVK को 118 के बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 11 और सीटों की जरूरत रहेगी.
साथ ही एक विधायक को आगे चलकर स्पीकर बनना होगा. आम परिस्थितियों में स्पीकर वोटिंग नहीं करता है. ऐसे में संख्या 106 रह जाएगी. हालांकि वोटिंग के दौरान मुकाबला टाई होने की स्थिति में ही स्पीकर वोट करते हैं. इस तरह से टीवीके पार्टी को 12 विधायकों के समर्थन की दरकार होगी.
माना जा रहा है कि जीत के बाद TVK बहुमत जुटाने की कोशिश में लग गई है. वह अन्य राजनीतिक दलों से समर्थन जुटाने में लगी है. साथ ही वह AIADMK या DMK जैसे बड़े दलों में सेंध लगाने की कोशिश कर सकती है. DMK की अगुवाई वाले गठबंधन में DMK के पास अकेले 59 सीटें हैं जबकि कांग्रेस के पास 5, वीसीके के पास 2, सीपीआई और सीपीआई-एम के पास 2-2 सीटें हैं तो मुस्लिम लीग के पास 2 और डीएमडीके के पास 1 सीट है. इसके अलावा PMK के पास 4 के अलावा भारतीय जनता पार्टी के पास 1, AMMKMNKZ के पास 1 सीट हैं. AIADMK के पास 47 सीटें हैं.
दूसरी ओर, चुनाव परिणाम आने से बीच विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस से गठबंधन करने की खुली अपील कर डाली. चंद्रशेखर ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर जिक्र करते हुए कहा, “कांग्रेस का एक इतिहास और परंपरा है. ऐसी कांग्रेस, आखिर कमजोर क्यों पड़ रही है? सत्ता की कमी की वजह से.” उन्होंने कहा, “किसी पार्टी का समर्थन करने से वे कमजोर पड़ रहे हैं. वह उन्हें ताकत हम देंगे, हम नहीं, बल्कि विजय देने के लिए तैयार हैं.”
सरकार बनाने को राज्यपाल को पत्र
इस बीच राज्यपाल को भेजे अपने पत्र में, विजय ने औपचारिक रूप से अनुरोध किया कि उनकी पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया जाए, साथ ही विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय भी मांगा. राज्यपाल को पत्र सौंपे जाने के बाद, इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है कि राज्यपाल सरकार बनाने के लिए कब निमंत्रण देंगे.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बीच, नीलंकरई इलाके में, जहां विजय का घर है, वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और वे सुरक्षा ड्यूटी में मुस्तैदी से लगे हुए हैं.


