UAE का बड़ा फैसला, ईरानियों की एंट्री-ट्रांजिट पर बैन, अचानक फैसले से हड़कंप!

यूएई ने ईरानी नागरिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए एंट्री... और ट्रांजिट पर पूरी तरह रोक लगा दी है... वहीं अचानक लिए गए इस फैसले... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः पश्चिम एशिया में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती दुश्मनी ने नया रूप ले लिया है.. संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए देश में प्रवेश.. और ट्रांजिट पर तुरंत प्रभाव से सख्त पाबंदी लगा दी है.. अबू धाबी से मिली खबर के मुताबिक.. देश की तीन प्रमुख एयरलाइंस इमिरेट्स, एतिहाद.. और फ्लाई दुबई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी अपडेट कर दी है.. जिसके मुताबिक अब ईरानी नागरिक न तो यूएई में प्रवेश कर सकेंगे.. और न ही ट्रांजिट के लिए दुबई या अबू धाबी एयरपोर्ट का इस्तेमाल कर सकेंगे.. वहीं यह फैसला क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों के तेज होने के बाद लिया गया है.. हालांकि गोल्डन वीजा वाले ईरानी नागरिकों को अभी भी प्रवेश की अनुमति है.. यूएई सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.. लेकिन एयरलाइंस ने निर्देश का पालन शुरू कर दिया है..

जानकारी के मुताबिक यह प्रतिबंध सभी प्रकार के वीजा पर लागू होता है.. सिवाय गोल्डन वीजा के.. गोल्डन वीजा 10 साल की रेजिडेंसी देता है.. और निवेशकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, एथलीट्स.. और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को मिलता है.. एयरलाइंस ने अपनी वेबसाइट पर साफ-साफ लिख दिया है कि.. ईरानी पासपोर्ट वाले यात्रियों को दुबई, अबू धाबी या अन्य एयरपोर्ट से होकर गुजरने या देश में आने की इजाजत नहीं होगी.. फ्लाई दुबई ने आंतरिक नोटिस जारी कर यह जानकारी दी.. इमिरेट्स और एतिहाद ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर अपडेट कर दिया.. इससे पहले दुबई में ईरानी अस्पताल और ईरानी क्लब जैसे पुराने संस्थान बंद कर दिए गए थे.. अब यह नया कदम क्षेत्रीय दुश्मनी बढ़ने का साफ संकेत है..

आपको बता दें कि यूएई सात शेखी राज्यों का संघ है.. यहां प्रवेश के नियम अक्सर सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताए जाते.. लेकिन इस बार एयरलाइंस ने बदलाव अपनी वेबसाइट पर साफ-साफ दिखा दिया है.. इससे ईरानी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है.. दुबई और अबू धाबी में रह रहे कई ईरानी नागरिक अब परेशानी में हैं.. जो लोग बाहर गए थे.. वे वापस नहीं आ पा रहे हैं.. यात्रियों को अब वैकल्पिक रूट खोजने होंगे.. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह कदम यूएई की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का हिस्सा है..

जानकारी के मुताबिक यह प्रतिबंध क्षेत्र में हो रहे संघर्ष से जुड़ा है.. रविवार 29 मार्च को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलों.. और 42 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक लिया.. मंत्रालय के बयान में कहा गया कि संघर्ष शुरू होने से अब तक कुल 414 बैलिस्टिक मिसाइल.. 15 क्रूज मिसाइल और 1914 यूएवी (ड्रोन) को नष्ट किया गया है.. ये आंकड़े क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को दिखाते हैं.. यूएई ने इन हमलों से अपनी महत्वपूर्ण सुविधाओं.. एयरपोर्ट, बंदरगाह और तेल सुविधाओं की रक्षा की है..

इससे पहले भी यूएई ने ईरान से जुड़े कुछ संस्थानों पर कार्रवाई की थी.. दुबई में ईरानी अस्पताल और क्लब बंद किए गए थे.. अब यात्रा प्रतिबंध ने ईरानी समुदाय को और परेशान कर दिया है.. कई ईरानी नागरिक लंबे समय से यूएई में व्यापार, स्वास्थ्य सेवाएं.. और पर्यटन से जुड़े हैं.. वहीं अब उन्हें वैकल्पिक देशों का रास्ता देखना पड़ रहा है.. कतर एयरवेज जैसी कुछ एयरलाइंस पर अभी कोई पाबंदी नहीं है.. लेकिन ज्यादातर यात्राएं प्रभावित हो गई हैं..

इस प्रतिबंध का असर सिर्फ ईरानी नागरिकों तक सीमित नहीं है.. क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और यात्रा पर भी असर पड़ रहा है.. दुबई और अबू धाबी विश्व के प्रमुख ट्रांजिट हब हैं.. यहां से हर रोज हजारों यात्री गुजरते हैं.. ईरानी पासपोर्ट धारकों पर पाबंदी से कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं.. यात्रियों को अब नई बुकिंग करनी पड़ रही है.. एयरलाइंस ने कहा कि वे नवीनतम नियमों का पालन कर रही हैं..

विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई जैसे देश अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रख रहे हैं.. क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यह कदम जरूरी था.. हालांकि, इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है.. ईरानी समुदाय में निराशा है.. कई लोग कह रहे हैं कि वे लंबे समय से यूएई में रह रहे थे.. लेकिन अब अचानक यात्रा बंद हो गई..

इस बीच संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है.. अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू ने चेक-इन बैग की फीस बढ़ा दी है.. मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है.. और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं.. जेटब्लू ने कहा कि ज्यादातर घरेलू इकोनॉमी यात्रियों को पहला चेक-इन बैग अब 39 डॉलर में मिलेगा.. जो पहले 35 डॉलर था.. पीक सीजन में यह फीस 49 डॉलर तक हो जाएगी.. एयरलाइन ने कहा कि वैकल्पिक सेवाओं पर ज्यादा शुल्क लेकर वे बेसिक किराए को प्रतिस्पर्धी रख सकेंगी.. यह बदलाव सोमवार से लागू हो गया है.. जेटब्लू का यह फैसला दिखाता है कि मिडिल ईस्ट का संघर्ष कितना दूरगामी असर डाल रहा है..

 

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