सौर ऊर्जा अभियान में बड़ा कदम, वर्ल्ड बैंक के सहयोग से बढ़ेगा विकास

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर लगातार अभियान चला रही है. सरकार की ओर से पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी चलाई जा रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सोलर रूफटॉप प्रोग्राम का मकसद लाखों घरों तक साफ ऊर्जा पहुंचाना और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग, इंस्टॉलेशन और सर्विस वैल्यू चेन में 17 लाख (1.7 मिलियन) रोजगार के अवसर भी पैदा करना है. भारत ने अपने यहां 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर लगातार अभियान चला रही है. सरकार की ओर से पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी चलाई जा रही है. अब सौर ऊर्जा को लेकर वर्ल्ड बैंक से भी बड़ा समर्थन मिला है. वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के बोर्ड ने अहम फैसले के तहत भारत के नेशनल सोलर रूफटॉप प्रोग्राम को तेज करने के मकसद से आर्थिक मदद की मंजूरी दे दी है.

नेशनल सोलर रूफटॉप प्रोग्राम का मकसद लाखों घरों तक साफ ऊर्जा पहुंचाना और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग, इंस्टॉलेशन और सर्विस वैल्यू चेन में 17 लाख (1.7 मिलियन) रोजगार के अवसर भी पैदा करना है. भारत ने अपने यहां 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करने और 2035 तक अपने बिजली मिक्स में नॉन-फॉसिल-फ्यूल-बेस्ड ऊर्जा सोर्सेज को 60 फीसदी तक बढ़ाने का वादा किया है.

हालांकि देश में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का तेजी से विकास हुआ है, लेकिन घरों में अभी भी सौर ऊर्जा अपनाने की दर बहुत स्लो है. इस क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने के लिए, भारत सरकार ने 2 साल पहले ‘पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना’ शुरू की है.

इसका मकसद देशभर के एक करोड़ ग्रामीण और शहरी घरों में सोलर रूफटॉप लगाने के लिए प्रोत्साहन देने के साथ-साथ घरों में बिजली का खर्च कम करना और सोलर रूफटॉप उपकरणों की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है.

अभियान के लिए 2 अरब डॉलर की मददः WB

वर्ल्ड बैंक में भारत के एक्टिंग कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा, “वर्ल्ड बैंक एक दशक से अधिक समय से भारत के सोलर रूफटॉप सेक्टर में बढ़ावा देने की मदद कर रहा है. वर्ल्ड बैंक ने यहां पर बिजली 500 MW से बढ़ाकर 27 GW से अधिक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी तक पहुंचाने के लिए 2 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है.

यह नई वित्तीय मदद देश के घरों में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाने में मदद करेगी और साथ ही सप्लाई चेन और इंस्टॉलेशन इकोसिस्टम में रोज़गार के अवसर भी पैदा करेगी.”

इस प्रोग्राम के वित्तीय मदद में इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) से 820 मिलियन डॉलर का लोन, क्लीन टेक्नोलॉजी फंड से 60 मिलियन डॉलर का रियायती लोन के साथ ही IBRD के लिवेबल प्लैनेट फंड से 10 मिलियन डॉलर की ग्रांट शामिल है. इसके अलावा, वर्ल्ड बैंक कमर्शियल लोन के रूप में 4.2 अरब डॉलर की प्राइवेट फाइनेंसिंग भी जुटाएगा, जिससे घरों में सोलर रूफटॉप लगाए जा सकेंगे.

प्रोग्राम के टास्क टीम लीडर मोएज चेरिफ ने कहा, “यह प्रोग्राम आर्थिक बाधाओं को दूर करके और इंटीग्रेटेड सर्विस सॉल्यूशन देने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों, बैंकों और वेंडर्स की क्षमता बढ़ाकर घरों में सोलर एनर्जी के मार्केट को बदल देगा. लोग अब बिना गारंटी (कोलेटरल-फ्री) वाली मदद के जरिए, घर पर सोलर पावर सिस्टम लगवा सकते हैं और अपने मासिक बिजली बिल को काफी कम कर सकते हैं.”

साल 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर योजना

भारत सरकार भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में जुटी हुई है. घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के मकसद से पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना” शुरू की गई है. यह एक सरकारी योजना है.

योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी, 2024 को किया था. इस योजना के जरिए, घरों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी दी जाएगी. इससे सब्सिडी सौर पैनलों की लागत का 40% तक कवर करेगी.

माना जा रहा है कि इस योजना से देशभर में 1 करोड़ घरों को लाभ मिलने की उम्मीद है. यह अनुमान भी है कि इस योजना से सरकार को बिजली के खर्च में हर साल 75 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी.

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