सावरकर केस में राहुल गांधी की बड़ी जीत, सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ कोर्ट का समन रद्द किया
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने राहुल को राहत दी. राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला 17 नवंबर 2022 का है, जो सावरकर पर टिप्पणी से जुड़ा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने राहुल को राहत दी. राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला 17 नवंबर 2022 का है, जो सावरकर पर टिप्पणी से जुड़ा है.
वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. अदालत ने निचली अदालत द्वारा राहुल गांधी को जारी समन को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए सेंशन की मंजूरी नही मिली है. लिहाजा निचली अदालत द्वारा जारी समन को रद्द किया जाता है.
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि मामले में आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी. पीठ ने कहा, अपर सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता के वकील ने उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे के संदर्भ में कहा कि इसमें मंजूरी का कोई उल्लेख नहीं है. इसे देखते हुए शिकायत और मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश रद्द किए जाते हैं.
कब का है ये मामला?
मानहानि का यह मामला 17 नवंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला जिले में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान आयोजित एक रैली में सावरकर को लेकर गांधी की टिप्पणियों से जुड़ा है. उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने चार अप्रैल 2025 को कहा था कि गांधी सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर सकते हैं, इसलिए इस स्तर पर उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.
क्या है आरोप?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने मामले में उनके खिलाफ जारी कार्यवाही को चुनौती देते हुए उन्हें समन जारी करने के अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि गांधी ने रैली के दौरान सावरकर का जानबूझकर अपमान किया. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि गांधी की टिप्पणियां सावरकर को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थीं.



