BJP-BAP कार्यकर्ता AAP में शामिल, गुजरात की राजनीति में हलचल तेज
दाहोद जिले में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा आयोजित की गई... जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक नया मोड़ आया है.. दाहोद जिले के गरबाड़ा गांव में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा ने सबका ध्यान खींचा है.. यह सभा 7 फरवरी 2026 को हुई.. जिसमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता AAP में शामिल हो गए.. आपको बता दें कि AAP के विधायक चैतर वसावा और जिला प्रमुख नरेश बारिया जैसे प्रमुख नेता इस सभा में मौजूद थे.. यह घटना गुजरात की सियासत में हलचल मचा रही है.. AAP की यह रणनीति दिखाती है कि पार्टी अब ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है.. इस सभा से AAP को नई ऊर्जा मिली है.. जबकि अन्य पार्टियों में खलबली मच गई है..
जानकारी के मुताबिक, AAP की परिवर्तन सभाएं एक तरह की जनसभाएं होती हैं.. जहां पार्टी के नेता लोगों से मिलते हैं.. उनकी समस्याएं सुनते हैं और अन्य पार्टियों से असंतुष्ट लोगों को AAP में शामिल होने का मौका देते हैं.. यह सभा दाहोद जिले के गरबाड़ा में आयोजित की गई थी.. गरबाड़ा दाहोद का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण गांव है.. जहां ज्यादातर आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं.. यहां की आबादी मुख्य रूप से खेती-बाड़ी और मजदूरी पर निर्भर है.. सभा में AAP के विधायक चैतर वसावा मुख्य वक्ता थे..
चैतर वसावा डेडियापाड़ा विधानसभा से AAP के विधायक हैं.. और गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्यों में से एक हैं.. वे सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं.. जो आदिवासी अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं.. सभा में नरेश बारिया भी मौजूद थे.. जो AAP के गुजरात राज्य संगठन मंत्री हैं.. उन्होंने जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.. सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आए.. जिनमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल थे..
सभा की सबसे बड़ी बात यह रही कि BJP, कांग्रेस और BAP के कई कार्यकर्ता AAP में शामिल हुए.. इनमें स्थानीय नेता, गांव स्तर के कार्यकर्ता और कुछ प्रभावशाली लोग शामिल थे.. हालांकि सटीक संख्या नहीं बताई गई, लेकिन अनुमान है कि दर्जनों लोग AAP में शामिल हुए.. कुछ लोग BJP की नीतियों से नाराज थे.. जबकि कुछ कांग्रेस से असंतुष्ट थे.. और मानते हैं कि पार्टी अब कमजोर हो गई है.. BAP, जो आदिवासी हितों की बात करती है.. हाल के चुनावों में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा है.. AAP ने दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकारों के उदाहरण दिए.. चैतर वसावा ने सभा में कहा कि AAP गुजरात में बदलाव लाएगी.. और आदिवासी समुदाय के लिए लड़ाई लड़ेगी.. वहीं पार्टी में शामिल होने वालों का AAP की माला पहनाकर स्वागत किया गया..
आपको बता दें कि दाहोद गुजरात का एक आदिवासी बहुल जिला है.. जो मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है.. यहां की आबादी में 70% से ज्यादा आदिवासी हैं.. जिनमें भील और अन्य जनजातियां शामिल हैं.. जिले में गरीबी, शिक्षा की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्याएं हैं.. राजनीतिक रूप से दाहोद में BJP का दबदबा रहा है.. लेकिन हाल के वर्षों में AAP और BAP ने चुनौती दी है.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने गुजरात में 5 सीटें जीती.. जिनमें से कुछ आदिवासी क्षेत्रों में थी.. चैतर वसावा जैसे नेता AAP की ताकत हैं.. गरबाड़ा गांव दाहोद तालुका में आता है.. जहां कृषि मुख्य व्यवसाय है.. सभा यहां इसलिए हुई क्योंकि AAP आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है.. गुजरात में अगले चुनाव 2027 में हैं.. लेकिन AAP अभी से तैयारी कर रही है..
चैतर वसावा गुजरात में AAP के प्रमुख चेहरों में से एक हैं.. वे 149-डेडियापाड़ा विधानसभा से विधायक हैं.. उनकी उम्र करीब 30 साल है.. और वे गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्यों में गिने जाते हैं.. वसावा आदिवासी समुदाय से हैं.. और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं.. उन्होंने आदिवासी अधिकार, जंगल अधिकार और शिक्षा के लिए कई आंदोलन किए हैं.. AAP में शामिल होने से पहले वे स्वतंत्र कार्यकर्ता थे.. सभा में उन्होंने कहा कि गुजरात में बदलाव की जरूरत है.. और BJP ने आदिवासियों को धोखा दिया है.. उनका कहना था कि AAP उनके अधिकारों के लिए लड़ेगी.. उनकी मौजूदगी से सभा में जोश देखने को मिला.. आदिवासी युवाओं में उनकी लोकप्रियता काफी है..
नरेश बारिया AAP के गुजरात राज्य संगठन मंत्री हैं.. वे दाहोद जिले में पार्टी को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.. बारिया भी आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं.. और पहले अन्य पार्टियों में सक्रिय रहे हैं.. सभा में उन्होंने शामिल होने वालों का स्वागत किया.. और कहा कि AAP की नीतियां आम आदमी के हित में हैं.. वे जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देते हैं.. और सदस्यता अभियान चलाते हैं.. उनकी वजह से दाहोद में AAP की सदस्यता बढ़ रही है..



