इजरायल–ईरान तनाव का असर, भागलपुर में 25 करोड़ के ऑर्डर रद्द

ईरान-इजरायल युद्ध के वैश्विक होते ही भागलपुर का प्रसिद्ध रेशम उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ईरान-इजरायल युद्ध के वैश्विक होते ही भागलपुर का प्रसिद्ध रेशम उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

अब तक करीब 20-25 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो गए हैं. चंपानगर में 50% से अधिक काम ठप है, जिससे हजारों बुनकरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने अब वैश्विक रूप ले लिया है. अमेरिका भी पूरी ताकत के साथ इस संघर्ष में कूद पड़ा है और खाड़ी क्षेत्र के 10 से अधिक देश किसी न किसी रूप में इसमें शामिल हो चुके हैं. हालात ऐसे बनते जा रहे हैं, मानों विश्व युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई हो. इसका असर बिहार के भागलपुर जिले में पड़ रहा है. युद्ध से जिले का रेशम उद्योग इस युद्ध से बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

सिल्क नगरी के नाम से फेमस यह जिला रेशम उद्योग के लिए जाना जाता है. यहां के करघों की आवाज जो कभी 18 घंटे तक गूंजती थी. वह अब महज 5 से 6 घंटे तक सिमट गई है. बुनकरों और व्यापारियों के लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो चुके हैं. भागलपुर में तैयार कपड़े दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के माध्यम से कई देशों में निर्यात किए जाते हैं. अलग-अलग देशों से करोड़ों के ऑर्डर मिलते थे, लेकिन युद्ध की आशंका और अस्थिरता ने व्यापार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है.

चंपानगर में 50% से ज्यादा काम ठप

भागलपुर का चंपानगर इलाका सिल्क कारोबार का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां लगभग हर घर में लूम लगा है और दिनभर करघों की आवाज गूंजती रहती है. अब हालात बदल चुके हैं. 50 प्रतिशत से अधिक काम बंद पड़ा है. बुनकर हेमंत कुमार बताते हैं कि कोरोना काल के बाद से ही महंगाई की मार झेल रहे थे, ऊपर से युद्ध ने कमर तोड़ दी है. करीब 50 से 60 लाख रुपये तक के ऑर्डर कैंसिल हो चुके हैं. वहीं पूरे सिल्क इंडस्ट्री की बात करें तो करीब 20 से 25 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो गए हैं.

बुनकरों के सामने रोजगार का संकट

बुनकर आलोक कुमार का कहना है कि हर बड़े युद्ध का असर सबसे पहले भागलपुर के कपड़ा उद्योग पर पड़ता है, लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है. लगातार झटकों से बुनकरों की हालत खस्ता होती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, भुगतान में देरी और शिपमेंट रुकने से व्यापारियों में भय का माहौल है. उनका कहना है कि बुनकरों के सामने अब रोजगार का संकट गहराता जा रहा है.

ईरानइजरायल युद्ध की लपटें भले हजारों किलोमीटर दूर उठ रही हों, लेकिन उसकी तपिश भागलपुर के करघों को झुलसा रही है. अगर जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो सिल्क नगरी की पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.

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