कॉकरोच जनता पार्टी की जीत, भारतीय जनता पार्टी को लगा बड़ा झटका

इन दिनों एक ऐसा मूमेंट चला है जिसने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। भाजपा में सत्ता का सुख भोग रहे नेताओं के रात की नींद उड़ती हुई नजर आ रही है, उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं उनका भी नेपाल जैसा न हो जाये।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: इन दिनों एक ऐसा मूमेंट चला है जिसने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। भाजपा में सत्ता का सुख भोग रहे नेताओं के रात की नींद उड़ती हुई नजर आ रही है, उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं उनका भी नेपाल जैसा न हो जाये।

बड़े-बड़े दावे करने वाले मोदी जी मजे से विदेश में घूम रहे हैं। मेलोनी को मेलोडी खिला रहे हैं। और यहाँ भाजपा के खिलाफ नया आंदोलन शुरू हो गया है। क्योंकि BJP को पछाड़ते हुए CJP ने बेहतर बढ़त बना ली है फॉलोवर्स के मामले में। पूरे देश में चल रहे इस आंदोलन में Gen-Z बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। आलम ये है कि कमल का फूल कॉकरोच खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूरा मामला क्या है चलिए आपको बताते हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मजेदार लेकिन गहरी मीनिंग वाला पोस्ट वायरल हो गया। उसमें एक कॉकरोच कमल के फूल को खा रहा था। यह पोस्ट CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने किया। CJP का पूरा नाम Cockroach Janata Party है। यह कोई असली राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि युवाओं की निराशा और गुस्से को दिखाने वाला एक व्यंग्यात्मक मूवमेंट है। यह भारत के युवाओं, खासकर Gen-Z की बेरोजगारी, सिस्टम की नाकामी और राजनीति के प्रति गुस्से को आवाज दे रहा है।

दरअसल कहानी शुरू होती है बीती15 मई से। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्या कांत ने एक केस की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा। उनका मतलब था कि कुछ लोग सिस्टम पर हमला करते हैं जैसे कॉकरोच। बाद में उन्होंने क्लैरिफाई किया कि यह सभी युवाओं के लिए नहीं था, लेकिन युवाओं में आग लग गई। कई युवा इसे अपने ऊपर हमला मानकर नाराज हो गए।

अभिजीत दीपके, जो बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे भारतीय छात्र हैं, ने अगले दिन ही X पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा – “अगर सारे कॉकरोच इकट्ठा हो जाएं तो?” उन्होंने एक Google फॉर्म डाला जिसमें लोग “Cockroach Janata Party” में शामिल हो सकते थे। योग्यता थी – बेरोजगार, आलसी, हमेशा ऑनलाइन और अच्छे से शिकायत करने वाला। यह मजाक था, लेकिन यह मजाक एक बड़ा मूवमेंट बन गया।

यह मजाक रातोंरात तूफान बन गया। इंस्टाग्राम पर CJP का पेज शुरू हुआ। कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुड़ गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक 4-5 दिनों में 9-11 मिलियन से भी जयादा फॉलोअर्स हो गए, जो BJP के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट लगभग 8.7 मिलियन से ज्यादा हो गए। BJP को इतने फॉलोअर्स बनाने में सालों लगे, जबकि CJP ने महज कुछ पोस्ट्स में यह कर दिखाया। इसी बीच CJP के फाउंडर या सपोर्टर्स ने ऐसे मीम्स और पोस्ट्स बनाए जिनमें कॉकरोच कमल का फूल जो की BJP का चुनाव चिन्ह है, उसे खा रहा है। इसे लेकर लोग मतलब निकाल रहे हैं कि युवाओं का सिस्टम और सत्ता पर हमला कर रहा है। यह पोस्ट बहुत वायरल हुआ। लोग इसे शेयर करते रहे।

इस मामले को लेकर नेताओं की भी लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी बीच आप नेता मनीष सिसोदिया ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करते हुए कहा कि हां मैं भी कॉकरोच हूं , हाँ मैं भी कॉकरोच हूं , क्योंकि जब सिस्टम नाकारा है तो हम सभी को कॉकरोच बनना ही पड़ेगा,

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस ट्रेंड को पकड़ लिया। उन्होंने X पर लिखा – “BJP बनाम CJP”। यह छोटा सा ट्वीट बड़ा संकेत था। मतलब BJP अब युवाओं के गुस्से से घिर गई है। अखिलेश ने इसे मोदी सरकार के खिलाफ युवा आक्रोश का प्रतीक बनाया। उन्होंने संकेत दिया कि Gen-Z का गुस्सा मोदी को ले डूबेगा। अन्य विपक्षी नेता जैसे महुआ मोइत्रा ने भी CJP को सपोर्ट किया।

दोस्तों CJP का बनना एक तरह से मजाक था लेकिन अब यह एक आंदोलन की तरह उभर रहा है, बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट रहा है। भारत में करोड़ों युवा ग्रेजुएट हैं लेकिन नौकरियां कम हैं। NEET, UPSC जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक होते रहते हैं। महंगाई है, प्राइवेट जॉब्स में कम सैलरी और अनिश्चितता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवा घर बैठे हैं। सोशल मीडिया पर वे रोज अपनी फ्रस्ट्रेशन शेयर करते हैं। CJI का कमेंट उनके घाव पर नमक छिड़कने जैसा था। CJP ने इसी गुस्से को पकड़ा। उन्होंने मजाक के जरिए सच्चाई बताई।

वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि भारत में नेपाल जैसा माहौल बन सकता है। बता दें कि भारत में अभी CJP व्यंग्य है, लेकिन नेपाल का उदाहरण दिखाता है कि अगर युवाओं का गुस्सा अनदेखा किया गया तो क्या हो सकता है। दोनों देशों में समस्याएं लगभग एक जैसी हैं – बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, युवाओं की अनदेखी। भारत में Gen-Z बहुत बड़ा वोट बैंक है। 2024 के चुनाव में भी युवाओं ने अपनी भूमिका दिखाई थी। अब CJP जैसे मूवमेंट उन्हें और जागरूक बना रहे हैं। गौरतलब है कि यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब देखना ये होगा कि ये कहां तक बढ़ेगा और भाजपा की नाक में कितना दम करेगा।

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