सरकारी आवास पर भाजपा-आप में रार

लगाया आरोप-सौंदर्यीकरण पर खर्च किए 45 करोड़ रुपये , बीेजेपी ने मांगा इस्तीफा, आप ने कहा-सब बकवास

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली में एकबार फिर भाजपा और आप आमने-सामने आ गईं है। इस बार सीएम अरविंद केजरीवाल का बंगला निशाने आ गया है। भाजपा ने दावा किया कि शहर के सिविल लाइंस इलाके स्थित सीएम के सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए गए और इसने नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की है। भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर 45 करोड़ रुपये के मरम्मत कार्यों का सबसे दयनीय पहलू यह है कि इस धनराशि को तब मंजूरी दी गई। जब दिल्ली कोविड-19 वैश्विक महामारी की चपेट में थी।
केजरीवाल के आवास के मुद्दे पर दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर पलटवार किया। आप के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास 75-80 साल पहले 1942 में बनाया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की सिफारिश की थी। पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह नवीनीकरण नहीं था और पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है, वहां उनका शिविर कार्यालय भी है, खर्च लगभग 44 करोड़ रुपये है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि पुराने ढांचे को नए के साथ बदला गया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर निशाना साधते हुए प्रियंका कक्कड़ कहा, सर बीजेपी का मीडिया कह रहा है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने लिए 45 करोड़ का महल बनवाया है। आप यह महल ले लीजिए, और अपना गरीबखाना अरविंद को दे दो, ताकि जनता के मुद्दों पर बहस हो सके।

पीएम बनवा रहे 500 करोड़ का घर : संजय
इस पर आप नेता संजय सिंह ने कहा कि लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि खुद को फकीर कहने वाले प्रधानमंत्री 500 करोड़ रुपये से अपने लिए घर बनवा रहे हैं, जिस घर में वह अभी रह रहे हैं, उसके जीर्णोद्धार पर 90 करोड़ रुपये खर्च किए गए

राजा-महाराजा भी केजरीवाल के आगे सिर झुकाएंगे : पात्रा

केजरीवाल के आवास की मरम्मत पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाने पर भाजपा ने उन्हें ‘महाराजा करार दिया। संबित पात्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल महाराज की कहानी को न चलाने के लिए अब मीडिया को भी प्रलोभन दिया जा रहा है। अब, जब केजरीवाल से सवाल पूछा जाता है, तो कहते प्रधानमंत्री किस गाड़ी से चलते हैं? सेंट्रल विस्टा पर भी सवाल उठाएंगे, लेकिन सेंट्रल विस्टा देश की धरोहर है। बंगले के लिए ‘उत्कृष्ट उत्पादों के चयन और ‘आलीशान एवं आरामदायक जीवन की लालसा के लिए राजा-महाराजा भी केजरीवाल के आगे सिर झुकाएंगे। केजरीवाल के बंगले के लिए खरीदे गए आठ पर्दों में से एक की कीमत 7.94 लाख रुपये से अधिक थी, जबकि इनमें से सबसे सस्ता पर्दा 3.57 लाख रुपये का था। बंगले के लिए 1.15 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का संगमरमर वियतनाम से लाया गया था, जबकि चार करोड़ रुपये पूर्व-निर्मित लकड़ी की दीवारों पर खर्च किए गए थे।

लोक सेवक के रूप पद में पर नहीं रह सकते सीएम : माकन
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के सौंदर्यीकरण पर 45 करोड़ रुपये खर्च करने की खबरें सामने आने के बाद, कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी केजरीवाल के लोक सेवक के रूप में अपने पद पर बने रहने के अधिकार पर सवाल उठाया। माकन ने कहा कि केजरीवाल ने कथित तौर पर अपने आलीशान बंगले पर सार्वजनिक धन के 45 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें वियतनाम मार्बल, महंगे पर्दे और महंगे कालीन जैसी फालतू चीजें शामिल हैं।

नैतिक अधिकार पर केजरीवाल इस्तीफा दें : सचदेवा

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल को अपने उस नैतिक अधिकार के बारे में दिल्ली के लोगों को जवाब देना चाहिए, जिसके तहत उन्होंने अपने बंगले के सौंदर्यीकरण पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए, जब कोविड के दौर में अधिकांश सार्वजनिक विकास कार्य ठप थे।

 

भाजपा ने दिया वॉकओवर, शैली ओबेरॉय निर्विरोध बनीं मेयर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली मेयर चुनाव से बीजेपी के पीछे हटने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की डॉ. शैली ओबेरॉय निर्विरोध चुनी गई। दिल्ली नगर निगम में आप सत्तारूढ़ है। महापौर चुनाव के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किये थे, जिनमें मौजूदा महापौर ओबेरॉय और भाजपा की शिखा राय थीं। शैली ओबेरॉय 22 फरवरी को दिल्ली की महापौर चुनी गयी थीं। उन्होंने भाजपा की रेखा गुप्ता को 34 मतों के अंतर से हराया था। शैली को 150 वोट मिले थे, जबकि रेखा को कुल 266 वोट में से 116 वोट मिले थे। दिल्ली मेयर चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद शैली ओबरॉय ने कहा,सीएम केजरीवाल का धन्यवाद कि दोबारा से मुझे मेयर उम्मीदवार बनाया। पार्षदों और जनता का धन्यवाद कि मुझे मेयर बनाया। जो जिम्मेदारी फिर से मिली है, उसका पूरी तरह से निर्वहन करेंगे जैसे अब तक करते रहे हैं। पार्कों, साफ सफाई, स्कूलों आदि के मुद्दों पर काम करते रहेंगे। संवैधानिक तरीके से सदन को चलाएंगे।

महिला पहलवानों की याचिका पर लिया सीजेआई नेएक्शन-कहा

कल कोर्ट में तथ्यों के साथ आएं

 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन पर बैठे पहलवानों की याचिका पर गंभीरता दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत एक्शन लिया। कोर्ट ने मामले को गंभीर पाया और दिल्ली सरकार एवं दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
सॉलिसीटर जनरल ने दिल्ली पुलिस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट से कहा- एफआईआर दर्ज करने से पहले कुछ प्राथमिक जांच की जरूरत है। चीफ जस्टिस ने कहा- आपके पास जो भी तथ्य हैं, उन्हें शुक्रवार को सुनवाई के दौरान रखें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यौन उत्पीडऩ के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की जरूरत होगी। कथित यौन उत्पीडऩ को लेकर बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

सेम सेक्स मैरिज पर सुप्रीम बहस जारी

केंद्र देगा हर सवाल का जवाब

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में पांचवें दिन एलजीबीटीक्यूआईए मामले की सुनवाई हुई। संविधान बेंच उन याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखेगी जिनमें भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग की गई है। अभी तक चली बहस में मांग के कानूनी आधार और इस संबंध में संसद के अधिकार और न्यायपालिका के दखल पर बात हुई है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा आप संसद के कानून बनाने के अधिकार पर विवाद नहीं कर सकते। तलाक और शादी का मामला समवर्ती सूची में है और संसद को कानून बनाने का अधिकार है। सवाल यह है कि कोर्ट इस मामले में किस हद तक दखल दे सकता है। इस मामले में आप हमें सुझाव दें।
संविधान बेंच के सामने एडवोकेट करुणा नंदी एलजीबीटीक्यूआईए याचिकाकर्ताओं की ओर से दलीलें पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक घोषणा चाहती हूं कि क्वीअर और एलजीबीटीक्यूआईए को सेक्युलर कानून (स्पेशल मैरिज एक्ट) के तहत शादी की इजाजत दी जाए।

विरोध में दलीलें पेश करेगा केंद्र

संविधान पीठ के सामने याचिकाकर्ताओं ने पिछले चार दिनों की सुनवाई में अपना पक्ष रख दिया है। बुधवार को केंद्र सरकार इस मामले में अपना पक्ष रखेगी। भारत सरकार ने पहले एक हलफनामे में कहा था कि इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार संसद को है, न्यायपालिका को दखल नहीं देना चाहिए।

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