गुजरात में AAP से डरी BJP? पोस्टर-बैनर फाड़े जाने पर सियासी घमासान
गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी को मिल रहे बढ़ते जनसमर्थन से माहौल गरमा गया है... AAP का आरोप है कि बीजेपी बुरी तरह बौखला गई है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है.. राज्य में 1995 से लगातार सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी अब एक नई चुनौती का सामना कर रही है.. आम आदमी पार्टी धीरे-धीरे अपनी जड़ें मजबूत कर रही है.. और कुछ सर्वेक्षणों तथा घटनाओं से संकेत मिलते हैं.. कि विपक्षी राजनीति में कांग्रेस की जगह अब आप ले रही है.. हाल के दावों में आप ने कहा है कि गुजरात के लोगों से मिल रहे जनसमर्थन से बीजेपी बौखला गई है.. और उसके 30 साल के शासन का अंत नजदीक है.. साथ ही पोस्टर-बैनर फाड़ने की घटनाओं को बीजेपी की बौखलाहट से जोड़ा जा रहा है..
गुजरात में बीजेपी का लंबा शासन 1995 से चल रहा है.. जब केशुभाई पटेल के बाद नरेंद्र मोदी, आनंदीबेन पटेल, विजय रूपाणी.. और अब भूपेंद्र पटेल जैसे नेताओं ने राज्य की कमान संभाली.. इस दौरान बीजेपी ने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर मजबूत पकड़ बनाई.. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 156 सीटें जीती.. जबकि कांग्रेस को सिर्फ 17 मिली.. आप ने पहली बार चुनाव लड़ा और 13% वोट शेयर के साथ 5 सीटें जीती.. यह उस समय के लिए एक अच्छी शुरुआत थी.. लेकिन बीजेपी की तुलना में काफी पीछे है..
आपको बता दें कि 2022 के बाद आप ने गुजरात में सक्रियता बढ़ाई.. पार्टी के गुजरात प्रभारी इसुदान गढ़वी.. और गोपाल इटालिया जैसे नेता लगातार ग्राउंड पर काम कर रहे हैं.. 2025 में विश्वादर उपचुनाव में गोपाल इटालिया ने जीत दर्ज की.. जो आप के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम था.. इस जीत ने संकेत दिया कि आप कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा रही है.. जिसमें पटेल और अन्य पिछड़े वर्गों के वोटर शामिल हैं..
हाल ही में जनवरी 2026 में “Pulse of Gujarat 2026” नामक सर्वे सामने आया.. जिसे WeePreside और CIF ने करवाया.. इस सर्वे में 40 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत हुई.. नतीजे बताते हैं कि बीजेपी अभी भी सबसे आगे है.. लेकिन उसका वोट शेयर 49.5% है.. आप का वोट शेयर 24.8% तक पहुंच गया है.. जो 2022 के 13% से लगभग दोगुना है.. वहीं कांग्रेस का वोट शेयर गिरकर 17.3% रह गया है.. इस सर्वे से साफ है कि आप ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है.. और अब गुजरात में मुख्य विपक्षी ताकत बन गई है..
बता दें कि सर्वे में क्षेत्रीय अंतर भी दिखता है.. सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में आप मजबूत हो रही है.. जहां पटेल समुदाय का प्रभाव है.. शहरी इलाकों में भी आप कांग्रेस से आगे निकल गई है.. उत्तर और मध्य गुजरात में बीजेपी अभी मजबूत है.. लेकिन आप मुख्य चुनौती बन रही है.. सर्वे के अनुसार, आप के बढ़ते प्रभाव से 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बनाम आप का सीधा मुकाबला दिख सकता है.. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में कहा कि 2027 में गुजरात में सत्ता बदलाव होगा.. और आप सरकार बनाएगी.. और उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा..
जनवरी 2026 में केजरीवाल ने गुजरात का तीन दिवसीय दौरा किया.. और उन्होंने किसानों, युवाओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.. एक कार्यक्रम में उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है.. आप ने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने उनके कुछ कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश की.. साथ ही किसान महापंचायत जैसे आयोजनों में आप ने बीजेपी की नीतियों की आलोचना की..
वहीं आप के दावों में एक प्रमुख बिंदु है कि गुजरात के लोगों से मिल रहा प्यार.. बीजेपी को बौखला रहा है.. पार्टी के सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में बार-बार कहा जा रहा है कि बीजेपी के कार्यकर्ता आप के पोस्टर और बैनर फाड़ रहे हैं.. हाल के कुछ वीडियो में यह क्लेम किया गया है कि बीजेपी अब लोगों के दिलों से आप को नहीं निकाल सकती.. लेकिन इन घटनाओं की पुष्टि नहीं है.. पुरानी घटनाएं (जैसे 2022 में चुनाव के समय) जरूर दर्ज हैं.. जहां आप के पोस्टर फाड़े गए थे..



