भाजपा ने फैलाई फर्जी लिस्ट, फेल हुआ अमित शाह का ऑपरेशन लोटस’, TMC ने सांसदों की बगावत की खबरों को नकारा, कल्याण बनर्जी बोले- सब गद्दार हैं

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संसदीय दल में बड़ी फूट और 20 सांसदों द्वारा एनडीए (NDA) को समर्थन देने की खबरों के बीच अब ममता बनर्जी की पार्टी ने पलटवार किया है। टीएमसी के शीर्ष नेताओं ने सांसदों की बगावत और उनके हस्ताक्षरों वाली सूची को पूरी तरह “फर्जी और मनगढ़ंत” करार दिया है। पार्टी का दावा है कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा फैलाया गया एक दुष्प्रचार है, जो पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। यह विवाद तब और गहरा गया जब टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और कल्याण बनर्जी ने इस कथित बगावत के पीछे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का हाथ होने का आरोप लगाया।
कीर्ति आज़ाद ने इन दावों का कड़ा खंडन किया और BJP पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया, वहीं, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कथित तौर पर लिखे गए पत्र की खबरों पर सवाल उठाए।
यह सब तब हुआ जब ऐसी खबरें आईं कि TMC के 20 से ज़्यादा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये सांसद एक अलग समूह या नया राजनीतिक गुट बनाने पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या बल है।
कीर्ति आज़ाद ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, कीर्ति आज़ाद ने कहा कि लिस्ट “फ़र्ज़ी और मनगढ़ंत” थी और इसे BJP ने फैलाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि लिस्ट में शामिल कई नेताओं ने पहले ही इस कथित कदम से जुड़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
आज़ाद ने लिखा, “यह फ़र्ज़ी और मनगढ़ंत लिस्ट BJP ने फैलाई है। इनमें से छह लोगों ने साफ़ तौर पर किसी भी दस्तावेज़ या कागज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है। ऑपरेशन लोटस फेल हो गया है। अमित शाह फेल हो गए हैं।”
कल्याण बनर्जी ने क्या कहा?
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इन घटनाक्रमों में कथित तौर पर शामिल लोगों पर तीखा हमला किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कथित तौर पर लिखे गए पत्र की खबरों पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने कहा कि 24 घंटे बाद भी ऐसा कोई पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्पीकर के कार्यालय ने कहा है कि उन्हें ऐसा कोई संदेश नहीं मिला है।
कुछ TMC नेताओं की वरिष्ठ BJP नेता भूपेंद्र यादव के साथ कथित बैठक का ज़िक्र करते हुए, बनर्जी ने सवाल किया कि बैठक कैसे आयोजित हुई और इसे किसने संभव बनाया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वे अब ममता बनर्जी को अपना नेता नहीं मानते और इसके बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ने का फ़ैसला कर चुके हैं।
कल्याण बनर्जी ने तर्क दिया कि TMC से अलग होने की कोशिश करने वाले किसी भी समूह को दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। उनके मुताबिक, जो नेता संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य होने से बचना चाहते हैं, उन्हें आखिरकार औपचारिक रूप से BJP में शामिल होना पड़ सकता है।
उन्होंने उन सांसदों की भी आलोचना की जिनका नाम रिपोर्ट में आया है। उन्होंने कहा कि उनमें से कई ने चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी की तारीफ़ की थी, लेकिन अब वे दावा कर रहे हैं कि TMC में रहते हुए वे विकास कार्य नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान, यही काकोली दस्तीदार ममता बनर्जी की तारीफ़ करते नहीं थकती थीं। जो नेता कभी हर मौके पर उनकी तारीफ़ करते थे, वे अब बहाने बना रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि TMC में रहते हुए वे विकास कार्य नहीं कर पा रहे थे। अगर वे BJP में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें खुलकर ऐसा करना चाहिए, BJP का टिकट लेना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए। इन सभी लोगों ने पार्टी के साथ धोखा किया है। ये सभी गद्दार हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर वे BJP में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें खुलकर ऐसा करना चाहिए, BJP का टिकट लेना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए।”



