मिर्जापुर में सिस्टम की बड़ी लापरवाही? एक सप्ताह से पोस्टमार्टम हाउस में शव

मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के तुलसी गांव से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक सप्ताह से मृतक का शव वाराणसी स्थित बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के तुलसी गांव से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक सप्ताह से मृतक का शव वाराणसी स्थित बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है। तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में फंसे इस मामले के कारण परिजन अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में गहरा शोक और असहायता का माहौल है।

मृतक की पहचान 65 वर्षीय मुन्नालाल यादव के रूप में हुई है, जिनका शव जंगल में पेड़ से लटका हुआ कंकाल अवस्था में मिला था। अब उनकी मौत के बाद भी परिजन उनके अंतिम संस्कार के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

45 दिन बाद मिला था लापता व्यक्ति का शव

जानकारी के अनुसार, मुन्नालाल यादव 11 अप्रैल से लापता थे। लगातार तलाश के बाद करीब 45 दिन बाद 26 मई को उनका शव घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर जंगल में एक पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला था। शव की स्थिति कंकाल जैसी होने के कारण इसे पोस्टमार्टम के लिए तत्काल वाराणसी के बीएचयू भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने के बाद से ही प्रक्रिया अटकी हुई है।

एक सप्ताह से पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा है शव

परिजनों का कहना है कि शव को बीएचयू वाराणसी भेजे जाने के बाद से अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। दस्तावेजों में तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे शव एक सप्ताह से अधिक समय से पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा हुआ है। परिजनों के अनुसार, वे लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

घर में नहीं जला चूल्हा, परिजन बेसहारा

मृतक की पत्नी गीता देवी और उनके चार बेटे व बहुओं का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि पिछले कई दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। परिवार किसी तरह बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भोजन कराकर और स्वयं पानी व आलू खाकर जीवन यापन कर रहा है। अंतिम संस्कार न हो पाने से पूरे परिवार में मानसिक और भावनात्मक संकट गहरा गया है। गीता देवी ने कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार जब तक अंतिम संस्कार नहीं होता, तब तक आत्मा की शांति नहीं मिलती। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है।

पोस्टमार्टम प्रक्रिया में तकनीकी अड़चन

परिजनों के अनुसार, शव को बीएचयू भेजने के बाद कागजात में तकनीकी कमी के कारण पोस्टमार्टम रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि इस मामले में मिर्जापुर से वाराणसी के जिलाधिकारी को पत्र भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद वाराणसी के डीएम की अनुमति और सीएमओ द्वारा गठित पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण देरी हो रही है।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

तुलसी गांव के ग्रामीणों ने इस देरी पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर परिवार पहले ही दुख में है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका दर्द और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपे।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ ने जानकारी देते हुए बताया कि बीएचयू में पैनल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए मिर्जापुर के जिलाधिकारी की ओर से वाराणसी के जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएमओ द्वारा गठित पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया जारी है।

मानवता और व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और मानवीय संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिवार अपने सदस्य के अंतिम संस्कार के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कागजी प्रक्रिया और तकनीकी अड़चनों ने शव को एक सप्ताह से अधिक समय तक पोस्टमार्टम हाउस में रोक रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और समन्वय बेहद जरूरी होता है, ताकि परिजनों को अनावश्यक मानसिक पीड़ा न झेलनी पड़े।

अंतिम संस्कार का इंतजार, परिवार बेसब्र

फिलहाल पूरा परिवार और गांव के लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। सभी की एक ही मांग है कि जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा जाए ताकि विधिवत अंतिम संस्कार किया जा सके। यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि सिस्टम की जटिलताओं और देरी से होने वाले मानवीय संकट की भी तस्वीर पेश करता है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर

Related Articles

Back to top button