रामगंगा नहर पुल बीच से टूटा, इलाके में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बरईगढ़ साढ़ कुड़नी मार्ग के बीच स्थित रामगंगा नहर पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुराना पुल अचानक ढह गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बरईगढ़ साढ़ कुड़नी मार्ग के बीच स्थित रामगंगा नहर पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुराना पुल अचानक ढह गया।

पुल बीच से टूटकर सीधे नहर में जा गिरा, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि घटना के समय पुल पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल काफी समय से जर्जर हालत में था, बावजूद इसके इस पर लगातार आवागमन जारी था।

सुबह अचानक ढहा पुराना पुल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह अचानक पुल के बीच का हिस्सा कमजोर होकर भरभराकर नहर में गिर गया। कुछ ही सेकंड में पूरा ढांचा टूटकर पानी में समा गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुल टूटने के बाद क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

जर्जर हालत में चल रहा था आवागमन

ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल अंग्रेजों के समय में बना था और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं की गई थी। जर्जर स्थिति के बावजूद इस पर वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन जारी था। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी हालत को लेकर संबंधित विभाग को सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

तेज बहाव से कमजोर हुई नींव, गिरा पुल

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में नहर में पानी का बहाव तेज होने से पुल की नींव कमजोर हो गई थी। लगातार दबाव और कटाव के कारण संरचना असंतुलित हो गई, जिससे अंततः यह हादसा हो गया। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने नहर विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती, तो यह पुल नहीं गिरता और बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

पहले भी नजरअंदाज की गई थीं समस्याएं

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पुल और नहर क्षेत्र में पहले भी कई बार कटान और कमजोर संरचना की घटनाएं सामने आई थीं। लेकिन इन समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती चली गई।

निर्माणाधीन नए पुल से चल रहा था आवागमन

बताया जा रहा है कि इस स्थान पर एक नया पुल निर्माणाधीन है, जिसके कारण पुराने पुल पर ही आवागमन का दबाव बना हुआ था। ग्रामीणों ने मांग की है कि नए पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और स्थायी मार्ग मिल सके।

बड़ा हादसा टला, राहत की बात

गनीमत यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि यह हादसा व्यस्त समय में हुआ होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने इसे एक बड़ी चेतावनी बताते हुए प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि पुराने जर्जर पुलों की तत्काल जांच कर उन्हें बंद किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।

क्षेत्र में आवागमन बाधित, लोगों को परेशानी

पुल ढहने के बाद साढ़ कुड़नी मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों से लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जल्द समाधान की उम्मीद

फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर आवागमन बहाल किया जाएगा और नए पुल का निर्माण तेजी से पूरा होगा। यह घटना एक बार फिर जर्जर बुनियादी ढांचे और रखरखाव की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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