भारतीय रक्षा उत्पादन को बढ़ावा, आर्टिलरी शेल निर्माण का ऑर्डर जारी

भारतीय सेना के लिए बारूदी गोले अब एडवांस रोबोटिक तकनीक से बनाए जाएंगे. आत्मनिर्भर भारत' के तहत बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 30,000 गोलों का कॉन्ट्रैक्ट मिला है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय सेना के लिए बारूदी गोले अब एडवांस रोबोटिक तकनीक से बनाए जाएंगे. आत्मनिर्भर भारत’ के तहत बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 30,000 गोलों का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इन बारूदी गोलों का निर्माण कर्नाटक के बेलगाम में स्थित बालू फोर्ज की नई ‘ग्रीनफील्ड’ फैक्ट्री में होगा. इससे सेना के तोपखानों की क्षमता में इजाफा होगा.

भारतीय सेना के तोपखाने को और मजबूत करने के लिए देश में एक बड़ी शुरुआत होने जा रही है. अब भारतीय सेना के लिए बारूदी गोले इंसानों द्वारा नहीं, बल्कि एडवांस रोबोटिक तकनीक से बनाए जाएंगे. रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत ‘बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ को 30,000 स्वदेशी 152mm आर्टिलरी गोलों की सप्लाई का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इस खास डील के तहत गोलों की सप्लाई इसी महीने यानी जून 2026 से शुरू होने जा रही है.

जानकारी के मुताबिक इन बारूदी गोलों का निर्माण कर्नाटक के बेलगाम में स्थित बालू फोर्ज की नई ‘ग्रीनफील्ड’ फैक्ट्री में किया जाएगा. इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक तकनीक है.

100% स्वदेशी और ऑटोमैटिक: यह प्रोडक्शन लाइन पूरी तरह से स्वचालित (Unmanned) है, यानी यहां इंसानों की सीधी भागीदारी नहीं होगी.

सटीकता और रफ्तार: रोबोटिक तकनीक से चलने के कारण इन बारूदी गोलों के निर्माण में गजब की सटीकता (Precision) और जबरदस्त रफ्तार मिलेगी. इससे बिना किसी गलती के बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन संभव होगा.

​बढ़ती मांग के लिए तैयारी: बड़े कैलिबर वाले गोला-बारूद की बढ़ती जरूरत को देखते हुए कंपनी इस रोबोटिक लाइन की क्षमता को और ज्यादा बढ़ाने पर काम कर रही है.

1 लाख से ज्यादा गोले बनाने का प्लान
शुरुआती तौर पर मिला यह 30,000 गोलों का ऑर्डर सिर्फ एक शुरुआत है. भविष्य में इस योजना के तहत 1 लाख से अधिक एडवांस गोले बनाने की तैयारी है. इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं जैसे सभी संवेदनशील मोर्चों पर भारतीय सेना को हाई-कैपेसिटी वाले गोला-बारूद की लगातार और भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करना है.

​कंपनी के पास इंटरनेशनल NATO सर्टिफिकेशन
​बालू फोर्ज ने न केवल देश में बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी अपनी धाक जमाई है. कंपनी के पास NATO सर्टिफिकेशन है, जो यह साबित करता है कि इसके कड़े क्वालिटी कंट्रोल और मेटल की क्वालिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर की है. इस सर्टिफिकेशन के कारण कंपनी नाटो देशों को भी रक्षा उपकरणों की सप्लाई करने की योग्यता रखती है.

डिफेंस सेक्टर में नया ‘टर्निंग पॉइंट’
कंपनी का मानना है कि यह ऑर्डर भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के विजन को और मजबूत करेगा. इस पूरी तरह से ऑटोमैटिक शेल प्रोडक्शन लाइन के साथ, कंपनी अब अपनी सहयोगी इकाई ‘क्वांटम एनर्जेटिक्स’ के जरिए एडवांस डिफेंस मैटेरियल्स के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रही है.

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