गुजरात में कांग्रेस की नई रणनीति? | Sachin Pilot का नाम चर्चा में

प्रधानमंत्री Narendra Modi के गढ़ गुजरात में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ती दिख रही है... पार्टी संगठन में बदलाव को लेकर... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में इन दिनों एक बड़ी चर्चा चल रही है.. कांग्रेस पार्टी के युवा और लोकप्रिय नेता सचिन पायलट को गुजरात का प्रभारी बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं.. यह खबर ऐसे समय में आई है.. जब राज्य में लोकल बॉडी चुनावों की तैयारी चल रही है.. और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा हो चुका है.. राजनीतिक गलियारों में यह बात गुजरात कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के दिल्ली दौरे के बाद सामने आई है.. वर्तमान में गुजरात के प्रभारी मुकुल वासनिक हैं.. जो राज्यसभा सदस्य हैं.. वहीं अगर पायलट को यह जिम्मेदारी मिलती है.. तो वे राजस्थान से आने वाले तीसरे नेता होंगे जो गुजरात कांग्रेस को संभालेंगे.. इससे पहले अशोक गहलोत और रघु शर्मा इस पद पर रह चुके हैं.. इस बदलाव से कांग्रेस को गुजरात में नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है.. खासकर जब 2027 के विधानसभा चुनावों को सेमीफाइनल माना जा रहा है..

गुजरात कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए थोड़ा पीछे चलते हैं.. गुजरात भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है.. यहां पिछले कई दशकों से बीजेपी का दबदबा रहा है.. 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ 17 सीटें मिली थी.. लेकिन अब पांच विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं.. जिससे विधानसभा में उसके विधायकों की संख्या घटकर 12 रह गई है.. लोकसभा में भी कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है.. पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस हाईकमान लगातार प्रयास कर रहा है.. हाल ही में जन आक्रोश यात्रा का पहला चरण पूरा हुआ.. जिसमें किसानों के मुद्दों और अवैध शराब बिक्री पर जोर दिया गया.. इस यात्रा में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा.. विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी और अन्य नेता शामिल हुए.. यात्रा ने सात जिलों को कवर किया और लोगों में बदलाव की मांग को जोर दिया..

वर्तमान गुजरात कांग्रेस की लीडरशिप की बात करें तो अमित चावड़ा गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं.. वे अंकलाव से विधायक हैं.. और 2018 से 2021 तक भी इस पद पर रह चुके हैं.. चावड़ा ओबीसी समुदाय से आते हैं और पार्टी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.. विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी हैं.. जो आदिवासी नेता हैं.. और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं.. गुजरात के प्रभारी के रूप में मुकुल वासनिक काम कर रहे हैं.. जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव हैं.. उनके साथ चार एआईसीसी सचिव तैनात हैं.. इससे पहले ऊषा नायडू और बीएम संदीप भी गुजरात में सचिव रह चुके हैं.. पार्टी ने हाल ही में ओबीसी और आदिवासी विभागों में नए चेयरपर्सन नियुक्त किए हैं.. महेश राजपूत ओबीसी विभाग के चेयरमैन हैं.. और राजेंद्रकुमार पर्घी आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन है.. महिला कांग्रेस की चेयरपर्सन गीता बेन पटेल हैं..

जिसको लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस गुजरात में अपनी कमजोर स्थिति को मजबूत करने के लिए एक युवा, आकर्षक.. और अनुभवी नेता की तलाश में है.. पायलट राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं.. और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं.. उनकी छवि एक साफ-सुथरे, ऊर्जावान नेता की है.. गुजरात में लोकल बॉडी चुनाव जल्द होने वाले हैं.. जिनमें अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे बड़े शहरों की महानगरपालिकाएं शामिल हैं.. इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है.. वहीं पायलट को प्रभारी बनाने से पार्टी को नई ऊर्जा मिल सकती है.. क्योंकि वे राजस्थान में भी युवा वोटरों को आकर्षित कर चुके हैं.. गुजरात कांग्रेस के नेता हाल ही में दिल्ली गए थे.. जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे.. और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिले.. इस बैठक में राज्य इकाई की पुनर्संरचना पर चर्चा हुई.. जो लोकल चुनावों की तैयारी का हिस्सा है..

आपको बता दें कि पायलट का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है.. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट के बेटे हैं.. 2004 में मात्र 26 साल की उम्र में लोकसभा सांसद बने.. और उन्होंने आईटी, टेलीकॉम और कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्री के रूप में काम किया.. राजस्थान में वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं.. और 2018 में उपमुख्यमंत्री बने.. हालांकि, 2020 में अशोक गहलोत के साथ मतभेद के कारण बगावत की.. लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी.. वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं.. और एआईसीसी के महासचिव हैं.. पायलट टेरिटोरियल आर्मी में कमीशंड ऑफिसर भी रह चुके हैं.. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगता है कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं.. और युवाओं के मुद्दों पर बोलते हैं.. हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की.. और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उन्होंने किसानों के हितों को खतरे में बताया.. गुजरात में कपास किसान ज्यादा हैं.. और पायलट ने महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों में अमेरिकी आयात से नुकसान की बात की है..

वहीं अगर पायलट को गुजरात का प्रभारी बनाया जाता है.. तो इससे कांग्रेस में युवा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा.. गुजरात में कांग्रेस का सीट शेयर बढ़ सकता है.. जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में कहा गया है.. पायलट राजस्थान से हैं.. और गुजरात-राजस्थान के बीच सांस्कृतिक समानताएं हैं.. पहले अशोक गहलोत 2017 में गुजरात के प्रभारी थे.. जब कांग्रेस ने बीजेपी को 99 सीटों पर रोक दिया था.. रघु शर्मा भी प्रभारी रह चुके हैं.. यह रणनीति दिल्ली हाईकमान की है.. जो गुजरात में बीजेपी की मजबूत मशीनरी का मुकाबला करने के लिए युवा चेहरे को आगे करना चाहता है.. साथ ही, प्रियंका गांधी के गुजरात दौरे की भी चर्चा है.. जो पार्टी को और मजबूत कर सकता है..

 

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