तमिलनाडु में नई सरकार को लेकर मची रार
टीवीके सरकार बनने के पूरे आसार, कांग्रेस व एआईडीएमके के धड़े का विजय को सीएम बनान का समर्थन

डीएमके ने कांग्रेस को घेरा बोली- उसका काम पीठ में छुरा घोंपने, एआईडीएमके में बड़ी टूट के संकेत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु में टीवीके के सरकार बनने क आसार प्रबल हो गए है। कांग्रेस ने उसे समर्थन देने का फैसला किया है। उधर एआईडीएमके के कई विधायक विजय थलापति को समर्थन देने के पक्ष में हैं ऐसे में पार्टी के टूटने की स्थिती बन गई है। उधर डीएमके ने कांग्रेस का समर्थन देने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में सत्ता का नया केंद्र उभर आया है। इस बदलाव ने वर्षों पुराने धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन को तार-तार कर दिया है। डीएमके ने अपनी पुरानी सहयोगी कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए उसे पीठ में छुरा घोंपने वाला करार दिया है।

स्टालिन की वजह से ही कांग्रेस को मिली 5 सीटें : सरवनन अन्नादुरई
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने बताया कि कांग्रेस को विधानसभा की जो पाँच सीटें मिली हैं, वे केवल निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की वजह से ही संभव हो पाईं। अपने एक्स अकाउंट पर पीठ में छुरा घोंपने वाले शब्द का इस्तेमाल करते हुए, अन्नादुरई ने कांग्रेस को याद दिलाया कि जब भाजपा राहुल गांधी को पप्पू कहकर ट्रोल कर रही थी, तब स्टालिन ही थे जिन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था। उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के देर रात किए गए एक पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने गठबंधन का फ़ैसला राज्य इकाई पर छोड़ दिया था।
तमिलनाडु में घटनाक्रम तेज़ी से बदला और सूत्रों के अनुसार, राज्य कांग्रेस इकाई ने विजय की टीवीके के साथ गठबंधन करने का फ़ैसला कर लिया। एक वर्चुअल बैठक में टीवीके को सशर्त समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कैबिनेट में पद और कुछ बोर्डों की अध्यक्षता की मांगें भी शामिल थीं। समर्थन की घोषणा करने वाला एक औपचारिक पत्र कल जारी होने की उम्मीद है, जिसके बाद कांग्रेस के विधायक पनायूर में विजय से मुलाक़ात कर सकते हैं। टीवीके ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी से संदेश मिलने के बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन पक्का हो गया है। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के साथ बातचीत और तालमेल का काम देख रहे हैं।
विजय के पिता चंद्रशेखर की थी पहल
इससे पहले, विजय के पिता चंद्रशेखर ने कांग्रेस से टीवीके के साथ गठबंधन करने की खुली अपील की थी, और कहा था कि यह अभिनेता-राजनेता आपको वह सत्ता वापस दिलाएगा जो आपने खो दी है। उन्होंने कहा कांग्रेस का एक इतिहास और परंपरा है। ऐसी कांग्रेस, आखिर कमज़ोर क्यों पड़ रही है? सत्ता की कमी के कारण। किसी दूसरी पार्टी का समर्थन करके, वे कमज़ोर होते जा रहे हैं। वह सत्ता हम देंगे—नहीं, हम नहीं, बल्कि विजय देने के लिए तैयार हैं। अगर आपको वह सत्ता मिल जाती है, तो कांग्रेस अपना इतिहास बचाए रख सकती है। उन्हें इस मौके का फ़ायदा उठाना चाहिए।
एआईडीएमके के 3० से ज़्यादा विधायक विजय की टीवीके का थाम सकते हैं दामन
राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईडीएमके (अन्नाद्रमुक) इस समय गहरे आंतरिक संकट और विभाजन के कगार पर खड़ी है। ताज़ा रिपोट्र्स के अनुसार, पार्टी के 47 विधायकों में से 3० से अधिक विधायक अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं। अन्नाद्रमुक के भीतर असंतोष उस समय खुलकर सामने आ गया जब विधायकों के एक बड़े गुट ने आलाकमान से मांग की कि राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए टीवीके का समर्थन किया जाए। इस विवाद के कारण पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक को भी टालना पड़ा है।
सीवी शनमुगम का नेतृत्व
राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम इन नाराज़ विधायकों का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि शनमुगम के आवास पर बागियों की एक गुप्त बैठक होने की संभावना है, जहाँ आगे की रणनीति तय की जाएगी।
ईपीएस को चेतावनी
पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी को परोक्ष रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने जल्द ही सरकार गठन में टीवीके का साथ देने का फैसला नहीं लिया, तो 3० से ज़्यादा विधायक सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ सकते हैं।
केरल में सीएम की कुर्सी पर माथापच्ची सोनिया से मिले वेणुगोपाल और चेन्निथला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे। विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत के बाद पार्टी को अभी केरल के अगले मुख्यमंत्री का चयन करना बाकी है। केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला, विपक्ष के नेता वीडी सतीशान के साथ केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
इससे पहले चेन्निथला ने कहा था कि इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला पार्टी ही लेगी। केरल में हमें शानदार जीत मिली है… अब बाकी मामलों पर कांग्रेस हाई कमांड फैसला करेगी। कांग्रेस पार्टी में कई नेता हैं, लेकिन हाई कमांड जो भी फैसला करेगी, सभी कांग्रेस नेता उसे स्वीकार करेंगे। केरल में कांग्रेस ने सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विधानसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 1०2 सीटें जीती हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने अपने नेताओं अजय माकन और मुकुल वासनिक को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है ताकि नवनिर्वाचित विधायकों के विचार जानकर मुख्यमंत्री का चयन किया जा सके। इससे पहले, केसी वेणुगोपाल ने केरल की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केरल की जनता ने कांग्रेस पार्टी और यूडीएफ गठबंधन पर अपना विश्वास जताया है। उन्हें राहुल गांधी और खरगे जी के नेतृत्व पर भरोसा है।
यूडीएफ की जीत को राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है, जो कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बढ़ते समर्थन को दर्शाता है और राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के मार्गदर्शन में पार्टी के प्रभाव को और मजबूत करता है।
असम में 12 मई को हो सकता है नई सरकार का शपथ ग्रहण
असम में 12 मई को हो सकता है नई सरकार का शपथ ग्रहण। सूत्रों ने बताया कि बंगाल में शपथ ग्रहण के बाद असम में एनडीए सरकार का शपथ होगा। आज ही सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। असम में लगातार तीसरी बार बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने वाली है। माना जा रहा है कि हिमंता बिस्वा सरमा ही एक बार फिर से राज्य के सीएम बनेंगे। असम में हिमंता ने पूरे चुनाव की बागडोर संभाली थी। 126 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने अकेले दम पर 82 सीटें जीती हैं। जबकि सहयोगी दलों को मिलकार 1०2 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की है। बीजेपी ने असम में नेता के चयन के लिए पूर्व पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के सीएम नायाब सिंह सैनी को जिम्मेदारी सौंपी है।नड्डा को पर्यवेक्षक और सैनी को सह पर्यवेक्षक बनाया गया है. बताया जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत तक बीजेपी के पर्यवेक्षक गुवाहाटी पहुंचेंगे और फिर विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा. हिमंता के ही सीएम बनने की उम्मीद है. हालांकि, बीजेपी की तरफ से अभी इसको लेकर कोई आधिकारी ऐलान नहीं किया गया है. लेकिन असम में बीजेपी ने हिमंता के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा था।
समाजवादी पार्टी ने रद्द की आईपैक संग डील
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए आईपैक से अपना करार रद्द कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तकरीबन ढाई महीने पहले इलेक्शन मैनेजमेंट और सोशल मीडिया से जुड़ा कम दो कंपनियां आईपैक और शो टाइम को दिया था.अब आईपैक समाजवादी पार्टी के लिए काम नहीं करेगी।
आईपैक की टीम खास तौर पर उन सीटों पर समाजवादी पार्टी के लिए काम कर रहा थी जहां पिछली बार हार का मार्जिन बहुत कम था। आईपैक की ज्यादा तर टीम उत्तर प्रदेश के बाहर से ही काम कर रही थी अब आईपैक समाजवादी पार्टी के लिए काम नहीं करेगी शो टाइम अपना काम जारी रखेगी।
सूत्रों के अनुसार, आई-पैक के भीतर बताया गया है कि इस साल की शुरुआत में हुआ समझौता अब रद्द कर दिया गया है, यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आई-पैक के निदेशक विनेश चंदेल को बंगाल कोयला तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था, जिससे कंपनी के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं एक सूत्र ने बताया,चुनाव आयोग की ओर से हमारे कार्यालयों पर छापे और निदेशक (विनेश चंदेल) की गिरफ्तारी के बाद यह सौदा पहले से ही डांवाडोल स्थिति में था इस पूरे मामले ने कंपनी की गतिविधियों और भविष्य की साझेदारियों पर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में निशांत कुमार मंत्री बनेंगे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना । जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने फिलहाल किसी पद में अपनी रुचि नहीं दिखाई थी। वह यात्रा पर हैं। राजनीति को समझने की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीतीश कुमार के हटने की चर्चा शुरू होने के बाद उन्हें कभी सीएम तो कभी डिप्टी सीएम बनाने की बात हो रही थी। सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री घोषित हुए तो भी मीडिया का एक बड़ा वर्ग निशांत को डिप्टी सीएम के रूप में आगे कर रहा था। वह नहीं हुआ। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपने दो पुराने और विश्वसनीय नेताओं को डिप्टी सीएम की कुर्सी दी। अब जब मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है, तो एक बार फिर निशांत कुमार का नाम उछला है। उन्हें मंत्री बनाने की चर्चा चल रही है, हालांकि जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज और नीतीश कुमार को समझने वाले नेता बगैर सामने आए इस संभावना से इनकार कर रहे हैं।
इस संबंध में एक जदयू नेता ने में कहा कि निशांत कुमार को इतना नीचे जाने की जरूरत नहीं है। इसके पीछे उन्होंने दो तर्क दिए। इस संबंध में उन्होंने पहला तर्क दिया कि 15 दिन पहले निशांत कुमार के द्वारा यह कहा गया था कि अभी मैं पूरे बिहार का भ्रमण कर बिहार को समझने की कोशिश करुंगा। इस दौरान बिहार की जनता भी मुझे समझेगी। इसके बाद आने वाले समय में पार्टी यह तय करेगी कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए
पंजाब में धमाकों पर घमासान
सीएम मान ने कहा-भाजपा ने करवाए ब्लास्ट
बीजेपी का पलटवार-सबूत दें या फिर इस्तीफा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़ । पंजाब में अमृतसर और जालंधर में मंगलवार रात हुए धमाकों पर अब सियासत भी गरमा गई है। सीएम भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में कहा कि इन धमाकों की जांच चल रही है। यह पंजाब चुनावों के लिए भाजपा की तैयारी है। भाजपा लोगों के बीच हिंसा और डर फैलाकर वोट हासिल करती है।
मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि वह ऐसा करना बंद करे। पंजाब के लोग हमेशा शांति चाहते हैं। बीजेपी को जहां भी चुनाव लडऩा होता है, वह वहां जाकर झगड़े करवाती है। मान पंजाब के गृह मंत्री भी हैं। वहीं भाजपा ने सीएम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से सीएम को अपने आरोपों के सबूत देने के लिए कहा गया है। साथ ही भाजपा ने कहा कि अगर बिना सबूत सीएम मान ने ये बात कही है तो इस्तीफा दें। भाजपा की तरफ से कहा गया कि लगता है कि भगवंत मान की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए और अपना सही इलाज करवाना चाहिए। पंजाब एक बॉर्डर वाला राज्य है और वे इसे मैनेज करने में पूरी तरह फेल हो गए हैं। भाजपा पर कीचड़ उछालकर जो गंदी पॉलिटिक्स कर रहे हैं, वह उनकी घटिया सोच का सबूत है।
हिंदुस्तान में ब्लास्ट होते रहते हैं, कौन सी ये नई बात है : फारूक अब्दुल्ला
फारूक नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पंजाब में हाल ही में हुए दोहरे विस्फोटों पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में धमाके होते रहते हैं, कौन सी नई बात है। आपको बता दें कि पंजाब के जालंधर में हुए विस्फोट के करीब तीन घंटे बाद अमृतसर में खासा के सेना छावनी क्षेत्र के पास मंगलवार देर रात एक और विस्फोट हुआ। जालंधर में मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर के मुख्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था।



