कोर्ट का मोदी-शाह की बदले की भावना पर करारा तमाचा : उद्धव

- शिवसेना यूबीटी ने मुखपत्र सामना में साधा निशाना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। दिल्ली में आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 लोगों को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी करने पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के मुखपत्र सामना में लेख लिखा है जिसमें केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे मोदी-शाह की राजनीतिक बदले की भावना बताया और केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी आड़े हाथों लिया। सामना में लिखा कि कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट का ये आदेश मोदी-शाह की राजनीतिक बदले की भावना पर करारा तमाचा है।
कोर्ट ने साफ कर दिया कि उन पर लगे आरोपों में सच्चाई नहीं है। इसमें कोई आपराधिक साज़िश नहीं थी। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच की धज्जियां उड़ा दी हैं। शिवसेना ने आरोप लगाए कि भाजपा ने दिल्ली सरकार की शराब नीति पर आरोप लगाए और साजिश रच इसकी वजह थी कि जनता द्वारा चुनी गई दिल्ली सरकार भाजपा की नहीं थी और केजरीवाल और सिसोदिया भाजपा के खिलाफ बोल रहे थे। जिसकी वजह से केजरीवाल के घर पर छापा मारा गया, बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लंबे समय तक जेल में रखा गया। पिछले दस सालों में विपक्ष को नेस्तनाबूद करने के लिए ऐसे कई झूठे मामले रचे गए। महाराष्ट्र में छगन भुजबल, अनिल देशमुख, नवाब मलिक और संजय राऊत को गिरफ्तार किया गया। छगन भुजबल को बरी कर दिया गया लेकिन, उन्हें ढाई साल तक जेल में रखा। ईडी अभी तक अनिल देशमुख, नवाब मलिक और संजय राऊत के खिलाफ मामला तैयार नहीं कर पाई है।
दोनों नेता माफी मांगे
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को उनसे माफी मांगनी चाहिए और सीबीआई निदेशक, पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए, जिनके नेतृत्व में ये झूठी कार्रवाई की गई। ये पूरा मामला कितना झूठा और फर्जी है, अब अदालत में इसका खुलासा हो गया है।
जांच एजेंसियां भाजपा सरकार के कुत्ते हैं
भारत की जांच एजेंसियां भाजपा सरकार के कुत्ते हैं, जिनके गले में पट्टा बंधा है, पहले वे भौंकते हैं और फिर बदन पर कूदकर काटते हैं। यह सब राजनीतिक आकाओं के आदेश पर हुआ।



