AI समिट में प्रदर्शन पर कोर्ट का बड़ा बयान, यूथ कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को बेल

कोर्ट ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक राजनीतिक आलोचना का रूप था.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने AI समिट में शर्टलेस होकर प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी है.

इस दौरान कोर्ट ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक राजनीतिक आलोचना का रूप था.

AI समिट में शर्टलेस होकर प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी है. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि युवा कांग्रेस का विरोध राजनीतिक असहमति के बराबर था, न कि बार-बार की जाने वाली हिंसा या संगठित अपराध था.

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि ने कृष्ण हरि, नरसिम्हा यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ ​​बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान को रिहा करने का आदेश दिया.

इस दौरान जज रवि ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक राजनीतिक आलोचना का रूप था. पकड़े गए लोगों के खिलाफ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या प्रतिनिधियों में दहशत फैलने का कोई सबूत नहीं मिला. सुरक्षाकर्मियों के साथ सही तरीके से सभी लोग बाहर निकले.

अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन

जज रवि ने आगे कहा कि बिना किसी जांच की आवश्यकता के लंबे समय तक विचाराधीन हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. इसीलिए सभी को रिहा किया जाता है. जज ने कहा कि पुलिस का तर्क इस अंतरिम जमानत के मोड़ पर न्यायशास्त्रीय आधार से रहित है, जहां न्यायिक दृष्टि संभावित दोषसिद्धि के भ्रम पर नहीं बल्कि मुकदमे से पहले की स्वतंत्रता की कठोर वास्तविकताओं पर टिकी है.

अब तक 14 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन पर सुरक्षा में सेंध लगाने और घटनास्थल पर कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया ह. कोर्ट ने गौर किया कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए किसी भी आपराधिक प्रावधान में सात वर्ष से अधिक कारावास की सजा का प्रावधान नहीं है. कोर्ट ने पुलिस के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सजाएं क्रमिक रूप से चलाई जा सकती हैं.

क्या है पूरा मामला?

IYC के कार्यकर्ता 20 फरवरी को AI समिट की जगह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली सफेद टी-शर्ट पहनकर या हाथ में लेकर घुसे, जिन पर “इंडिया-US ट्रेड डील”, “एपस्टीन फाइल्स” और “PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड” जैसे नारे लिखे थे. प्रदर्शनकारियों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस स्टाफ के साथ भी हाथापाई की. साथ ही पीएम मोदी और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए.

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