CJI से स्वतंत्र जांच की मांग, राम मंदिर दान चोरी मामला पहुंचा शीर्ष अदालत
अखिलेश यादव ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था और लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अखिलेश यादव ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था और लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं. हालांकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह राम मंदिर को लेकर अफवाह फैलाकर झूठ गढ़ने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं.
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान में कथित चोरी और गड़बड़ियों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मामले पर सुनवाई के लिए CJI सूर्य कांत से गुहार लगाई गई है. वकील अनूप अवस्थी ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है. याचिका में FIR दर्ज करने और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए कोर्ट की निगरानी में जांच के निर्देश देने की भी मांग की गई है.
हालांकि CJI सूर्य कांत ने वकीलों से अनुरोध किया है, कि कोर्ट में किसी केस की मौखिक मेंशनिंग न करें. इसकी जगह पर कृपया लिखित नोट दें, फिर हम देखेंगे कि क्या जरूरी है और क्या नहीं. उन्होंने आगे कहा कि हम जमानत की सभी अर्जियों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता वगैरह से जुड़े मामलों को लिस्ट करेंगे.
योगी सरकार ने जांच को बनाई SIT टीम
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का ऐलान किया. अधिकारियों के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी टीम गठित की गई. यह टीम तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
एसआईटी टीम में वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को रखा गया है. बयान में कहा गया कि दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीएम योगी से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था.
मैं सिर्फ निर्माण कार्य देखता हूंः नृपेंद्र मिश्रा
दूसरी ओर, दान घोटाले पर बढ़े विवाद के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी भूमिका सिर्फ निर्माण कार्य की देखरेख करने तक ही सीमित है. उन्होंने मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी और पैसों में गड़बड़ी के आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को कहा था कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण कार्यों की निगरानी करना है. उन्होंने बताया कि वह निर्माण से जुड़े कार्यों का जायजा लेने अयोध्या आए थे. उन्होंने कहा कि बैठक में कई निर्माण परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी. मंदिर में कथित दान घोटाले पर उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ निर्माण कार्य देखता हूं, और कुछ नहीं.”
दान चोरी पर अखिलेश लगातार हमलावर
दूसरी ओर, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार छाया हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि यदि भगवान राम से जुड़े पवित्र कार्य के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
अखिलेश यादव ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था और वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह राम मंदिर को लेकर अफवाह फैलाकर झूठ गढ़ने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं.



