क्या NTA एक्सपर्ट ने कराया NEET पेपर लीक? CBI ने सीनियर टीचर को दबोचा
CBI का दावा है कि आरोपी महिला को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था, जिसके चलते उसे प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क:NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जांच एजेंसी ने बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड महिला टीचर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है.
इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. CBI का दावा है कि आरोपी महिला को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था, जिसके चलते उसे प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी.
बॉटनी और जूलॉजी पेपर तक थी पहुंच
CBI अधिकारियों के मुताबिक, मनीषा मंधारे को NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े बॉटनी और जूलॉजी विषयों की जिम्मेदारी दी गई थी. एक्सपर्ट होने के कारण उसे प्रश्नपत्र तैयार करने और मॉडरेशन प्रक्रिया की अहम जानकारी थी. जांच में यह सामने आया है कि इसी एक्सेस का फायदा उठाकर पेपर लीक की साजिश रची गई. सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला ने परीक्षा से पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक सवाल पहुंचाने का काम किया. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था और यह पूरा रैकेट कितने राज्यों तक फैला हुआ है.
अप्रैल 2026 में शुरू हुआ खेल
जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे ने पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के जरिए कई NEET अभ्यर्थियों से संपर्क कराया था. CBI का कहना है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूली गई थी. इस मामले में पुणे की मनीषा वाघमारे को पहले ही 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी को शक है कि वाघमारे उम्मीदवारों और पेपर लीक गैंग के बीच बिचौलिये की भूमिका निभा रही थी.
कई छात्रों से पूछताछ
CBI अब उन छात्रों की पहचान करने में लगी है जिन्हें कथित तौर पर लीक पेपर उपलब्ध कराया गया था. जांच एजेंसी ने कई अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है. मोबाइल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डाटा की भी जांच की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित था या फिर देश के दूसरे राज्यों में भी सक्रिय था.
NTA की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विपक्षी दलों और छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है. सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है. हालांकि, NTA की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. एजेंसी का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है.
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में पेपर लीक के आरोप सामने आने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है. कई छात्रों का कहना है कि वे सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं मेहनती उम्मीदवारों का मनोबल तोड़ देती हैं. अब सभी की नजर CBI जांच पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



