दिव्या मित्तल की पहल बनी वरदान, लहुरियादह में शुरू हुई नल से जलापूर्ति
मिर्जापुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित हलिया विकास खंड क्षेत्र के मध्यप्रदेश की सीमा से सटे पहाड़ ऊपर बसे लहुरियादह गांव में नल से पेयजल आपूर्ति शुरू कराने में तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित हलिया विकास खंड क्षेत्र के मध्यप्रदेश की सीमा से सटे पहाड़ ऊपर बसे लहुरियादह गांव में नल से पेयजल आपूर्ति शुरू कराने में तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
तब आजादी के 76 वर्ष बाद लहुरियादह गांव के लोगों को नल से पानी मिलने पर बेहद खुशी देखने को मिली थी। करीब 12 सौ की आबादी वाले लहुरियादह गांव में कोल आदिवासी, धरकार व यादव जाति के लोग निवास करते हैं। इससे पूर्व लहुरियादह गांव के लोग पेयजल के लिए पहाड़ी, झरने और टैंकर के पानी पर निर्भर रहते थे।
पहाड़ के ऊपर बसे लहुरियादह और भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए दोनों गांव जलजीवन मिशन योजना से वंचित था। ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता व ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने लहुरियादह गांव के पेयजल संकट को देखते हुए लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव को जलजीवन मिशन योजना में शामिल करवाया था।
दिव्या मित्तल के प्रयासों से लहुरियादह गांव में पाइप लाइन बिछाई गई और नल से पेयजल आपूर्ति शुरू हुई। नल से पेयजल आपूर्ति शुरू होने पर ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात मिली। 29 अगस्त 2023 का दिन लहुरियादह गांव के लिए ऐतिहासिक व यादगार पल रहा इसी दिन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल अधिकारियों के साथ लहुरियादह गांव पहुंची और नल से पेयजल का शुभारंभ किया।
नल से पानी आपूर्ति शुरू होने पर 75 वर्षीया दुइजी देवी ने दिव्या मित्तल के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया था कि ”…जुग जुग जियो बिटिया तुम्हारी मेहनत रंग लाई और हम सभी को पानी संकट से मुक्ति मिल गई।” ग्रामीणों ने कहा कि अब झरने और टैंकर का मुंह नही देखना पड़ेगा। दिव्या मित्तल के प्रयासों व दूरदर्शी सोच का परिणाम रहा कि पहाड़ के ऊपर बसे लहुरियादह गांव में पानी पहुंच सका।
इससे पूर्व लहुरियादह गांव के लोगों ने अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से पानी संकट को लेकर कई बार गुहार लगाई थी लेकिन किसी ने पेयजल संकट पर ध्यान नही दिया था। लहुरियादह गांव के लोगों की मांग पर दिव्या मित्तल ने वर्ष 2023 में ही जूनियर हाईस्कूल खोले जाने का आश्वासन दिया था लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत होने के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से आज तक लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण नही हो सका।
आज भी लहुरियादह गांव के लोगों में दिव्या मित्तल के प्रति जो स्नेह और प्यार है वह शब्दों में बयां नही किया जा सकता है।लहुरियादह निवासी लालबहादुर यादव, हीरालाल यादव,देवकली, गीता देवी ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी के एक एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की बदौलत गांव में पाइप लाइन के माध्यम से नल से पानी पीने को मिल रहा है।जो काम पूर्व के अधिकारी व जनप्रतिनिधि नही कर सके वह दिव्या मित्तल ने कर दिखाया था।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



