‘डीएमके गठबंधन कमजोर नहीं हुआ’: चुनाव में मिली हार पर बोले स्टालिन – तमिलनाडु के लोग अब भी करते हैं भरोसा

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने गुरुवार को एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव भले ही जीत नहीं मिली है, लेकिन डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन कमजोर नहीं हुआ है। आगे उन्होंने कहा 1.54 करोड़ वोट हासिल करने की क्षमता तमिलनाडु की जनता के गठबंधन पर रखे गए भरोसे को दर्शाती है।
चुनाव परिणामों के बाद अधिकांश सहयोगी दलों ने खुले तौर पर कहा है कि वे अपनी गठबंधन बदले बिना डीएमके के साथ ही अपना राजनीतिक सफर जारी रखेंगे। स्टालिन ने कहा, ‘यह डीएमके के प्रति सहयोगी दलों के नेताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’
‘तमिलनाडु की रक्षा करने की शक्ति हमारे भीतर है’
पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां एक बयान में कहा ‘इसी के अनुरूप, हम सिद्धांतवादी राजनीतिक दलों के रूप में एकजुट होकर जनता के कल्याण और राज्य के गठन के लिए हमेशा की तरह अपना सफर जारी रखेंगे। तमिलनाडु की रक्षा करने की शक्ति और जुझारूपन हमारे भीतर ही है।’
हमारी ताकत में कोई कमी नहीं आई
आगे उन्होंने कहा हालांकि डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन ने तमिलनाडु को प्रगति के रास्ते पर आगे ले जाने और राज्य के अधिकारों के हनन को रोकने के लिए मिलकर काम किया, फिर भी हाल ही में हुए चुनावों में उसे पूर्ण विजय प्राप्त नहीं हो सकी। स्टालिन ने कहा, ‘हमारी ताकत में कोई कमी नहीं आई। हमने 1.54 करोड़ वोट और कुल 72 सीटें जीतीं। यह तमिलनाडु की जनता के हम पर रखे गए भरोसे को दर्शाता है।’
उन्होंने खेद व्यक्त किया और गठबंधन में शामिल किसी भी पार्टी नेता या उनके कार्यकर्ताओं को हुई किसी भी मामूली असुविधा की जिम्मेदारी ली। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उन सभी के कठिन परिश्रम और सहयोग के लिए एक बार फिर आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’

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