किसान नेता राजू करपडा का इस्तीफा! निकाय चुनाव से पहले सियासत गरम, BJP पर लगाए गंभीर आरोप
गुजरात की राजनीति में हलचल तेज हो गई है... AAP नेता और किसान नेता राजू करपडा ने इस्तीफा दे दिया है... जिससे स्थानीय निकाय चुनाव...
4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है.. पार्टी के किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजू करपडा ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है.. वहीं यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है.. जब गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं.. जानकारी के अनुसार राजू करपडा ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा भेजा है.. और उन्होंने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है.. लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी वजहों पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.. राजू करपडा हाल ही में जेल से बाहर आए थे.. जहां वे बॉटाड जिले में किसान आंदोलन से जुड़े एक मामले में 100 दिनों से ज्यादा समय तक बंद थे.. उनका इस्तीफा AAP के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है.. क्योंकि वे सौराष्ट्र इलाके में किसानों के बीच पार्टी का बड़ा चेहरा थे..
जानकारी के अनुसार AAP के प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए राजू करपडा की मेहनत की तारीफ की.. और भारतीय जनता पार्टी पर विपक्षी नेताओं को तोड़ने का आरोप लगाया.. यह घटना 11 फरवरी 2026 को हुई.. जब राजू करपडा ने फेसबुक पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया.. राजू करपडा गुजरात के सौराष्ट्र इलाके से आते हैं.. वे मूल रूप से सुरेंद्रनगर जिले के मूलिया तालुका के रहने वाले हैं.. करपडा किसानों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक प्रमुख नेता हैं.. वे लंबे समय से किसान संगठनों से जुड़े रहे हैं.. और गुजरात में किसानों की समस्याओं पर आवाज उठाते आए हैं.. 2021-22 में वे AAP में शामिल हुए थे..
AAP ने उन्हें गुजरात किसान सेल का प्रदेश अध्यक्ष बनाया.. इस भूमिका में उन्होंने किसानों के मुद्दों पर कई आंदोलन किए.. वे सौराष्ट्र में AAP के लिए एक महत्वपूर्ण चेहरा बनकर उभरे थे.. करपडा ने किसानों की आय बढ़ाने, कर्ज माफी.. और बाजार सुधार जैसे मुद्दों पर जोर दिया.. उनकी लोकप्रियता किसानों के बीच इतनी थी कि.. AAP उन्हें आगे चलकर विधानसभा या लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही थी.. लेकिन अब उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है.. ग्रामीण इलाकों में जहां AAP अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है..
राजू करपडा ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारण बताए हैं.. और उन्होंने अरविंद केजरीवाल को भेजे पत्र में लिखा कि मैं आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देता हूं.. यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है.. और उन्होंने पार्टी में मिली जिम्मेदारियों के लिए आभार भी जताया.. लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कुछ और वजहें हो सकती हैं.. बता दें कि करपडा ने इस्तीफा फेसबुक पर पोस्ट किया.. जहां उन्होंने पार्टी के साथ बिताए समय को याद किया.. और उन्होंने कहा कि उन्होंने किसानों के लिए विशेष समय दिया.. और उनकी समस्याओं पर काम किया.. लेकिन इस्तीफे के पत्र में कोई स्पष्ट असंतोष नहीं जताया गया.. राजनीतिक जानकार कहते हैं कि जेल से बाहर आने के बाद करपडा पर दबाव था.. और शायद वे राजनीति से दूर होना चाहते हैं..
राजू करपडा को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था.. यह गिरफ्तारी बॉटाड जिले के हद्दड़ गांव में किसान आंदोलन से जुड़ी थी.. किसान ‘कडदा प्रथा’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.. कडदा प्रथा एक पुरानी व्यवस्था है.. जहां किसानों को बाजार में फसल बेचने के लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है.. जिससे उन्हें नुकसान होता है.. आंदोलन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई.. पथराव हुआ और हिंसा भड़क गई.. इस मामले में राजू करपडा समेत 8 प्रमुख नेता गिरफ्तार हुए.. वे 100 दिनों से ज्यादा समय तक जेल में रहे.. AAP ने दावा किया कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक थी.. और BJP किसान नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है.. करपडा के अलावा प्रवीण राम जैसे नेता भी जेल गए थे.. कुल 86 लोगों पर केस दर्ज हुए.. करपडा की जमानत 10 दिन पहले मंजूर हुई थी.. जेल से बाहर आने के बाद वे थोड़े समय के लिए सक्रिय रहे.. लेकिन अब इस्तीफा दे दिया..
बॉटाड में ‘कडदा प्रथा’ के खिलाफ आंदोलन राजू करपडा की अगुवाई में हुआ.. कडदा प्रथा एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी से जुड़ी है.. जहां किसानों को फसल बेचने में दिक्कतें आती हैं.. करपडा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार APMC में लूट चला रही है.. किसान कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं.. आंदोलन में हजारों किसान शामिल हुए.. हिंसा के बाद पुलिस ने सख्ती की.. AAP ने इसे किसानों पर अत्याचार बताया.. आंदोलन के बाद BJP सरकार ने किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की.. AAP का दावा है कि यह पैकेज करपडा की मेहनत का नतीजा है.. करपडा ने इस आंदोलन से किसानों में उम्मीद जगाई.. सौराष्ट्र में किसान समस्याएं ज्यादा हैं..
AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी ने इस्तीफे पर दुख जताया.. उन्होंने कहा कि इस्तीफा व्हाट्सएप पर मिला.. और उनसे कोई बात नहीं हुई.. गढ़वी ने राजू करपडा की तारीफ की.. और कहा कि उन्होंने किसानों के मुद्दे उठाए.. जिससे उम्मीद जगी.. उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि उन्होंने 86 लोगों पर केस किए और डराने की कोशिश की.. लेकिन किसानों का उत्साह बरकरार रहा.. गढ़वी ने कहा कि राजू ने APMC में BJP की लूट के खिलाफ लड़ाई लड़ी.. इससे BJP डरी और पैकेज घोषित किया.. और उन्होंने दावा किया कि किसानों को AAP से बहुत उम्मीदें हैं.. BJP हमेशा विपक्ष को तोड़ने की कोशिश करती है.. गढ़वी का यह बयान AAP को एकजुट रखने की कोशिश लगता है.. वे कहते हैं कि करपडा की कोई मजबूरी रही होगी.. लेकिन पार्टी मजबूत रहेगी..
राजू करपडा 2021-22 में AAP में शामिल हुए.. उन्होंने सौराष्ट्र में पार्टी को मजबूत किया.. किसान सेल के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कई कार्यक्रम किए.. वे ग्रामीण इलाकों में AAP की रैलियां और सभाएं करते थे.. करपडा ने किसानों की आय दोगुनी करने, कर्ज माफी और MSP जैसे मुद्दों पर जोर दिया.. AAP ने उन्हें किसानों का चेहरा बनाया.. 2022 चुनाव में AAP ने गुजरात में 5 सीटें जीती.. लेकिन सौराष्ट्र में भी पैठ बढ़ाई.. करपडा की वजह से किसान वोट बैंक AAP की ओर आकर्षित हुआ.. लेकिन जेल जाने से उनकी सक्रियता रुकी.. अब इस्तीफा AAP के लिए नुकसान है.. क्योंकि स्थानीय चुनावों में किसान मुद्दे महत्वपूर्ण हैं..


