अल्पसंख्यकों को बनाया जा रहा निशाना, गांधी के हत्यारों का हो रहा महिमामंडन

  • लोकतंत्र के सभी स्तंभों को पहुंचाया जा रहा है नुकसान
  • धमकाया जा रहा है राजनीतिक विरोधियों को
  • नोटबंदी के कारण देश की अर्थव्यवस्था हो गयी चौपट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
उदयपुर। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी और उनके सहयोगियों ने पोलराइजेशन को सरकार में स्थायी बना लिया है। लोग डर और असुरक्षा के भाव में जी रहे हैं। अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, जो हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वहीं महात्मा गांधी के हत्यारों और उनकी विचारधारा को महिमामंडित किया जा रहा है।
उन्होंने उदयपुर में कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर के उद्घाटन अवसर पर कहा कि मोदी और उनकी सरकार कहती है कि मैक्जिमम गवर्नेंस और मिनिमम गवर्नमेंट। हकीकत यह है कि विभाजन को स्थायी बना दिया गया है। राजनीतिक विरोधियों को डराया-धमकाया जा रहा है। जेल में डाला जा रहा है। जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। लोकतंत्र के सभी स्तंभों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू जैसे हमारे नेताओं के योगदान, उपलब्धियों और त्याग को नकारा जा रहा है। यूपीए दो ने फूड सिक्योरिटी व सूचना के अधिकार का लोगों को कानून दिया है। इससे लोगों को राहत मिली है। संकट के दौर में मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून ने लोगों को राहत दी है। नोटबंदी के बाद से ही देश की इकोनॉमी गिरती जा रही है। लोग बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में आज भी कमजोर वर्गों पर हिंसक घटनाएं जारी हैं। खासतौर पर दलित समुदाय के लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं। आज देश अलग हालातों में है।

जनता कर रही है पार्टी से उम्मीद

सोनिया गांधी ने कहा कि संगठन में ढांचागत बदलावों की आवश्यकता है। अभूतपूर्व परिस्थितियों का सामना अभूतपूर्व कदम उठाकर करना होता है। हम यह ही करने जा रहे हैं। इस बैठक के बाद बाहर एक ही संदेश जाना चाहिए, संगठन की मजबूती, दृढ़ निश्चय और एकता का संदेश। हमें मिली नाकामयाबियों से हम बेखबर नहीं है। न ही हम बेखबर हैं, कठिनाइयों के संघर्ष से, जिसका हमें सामना करना है। हम देश की राजनीति में पार्टी को फिर उस भूमिका में ले जाएंगे, जो पार्टी ने हमेशा निभाई है। उन्होंने कहा कि इन बिगड़ते हालात में देश की जनता हमसे उम्मीद करती है। हम यहां ईमानदारी से आत्मनिरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन हम यह तय करें कि यहां से बाहर निकलेंगे तब एक नए आत्म विश्वास, नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर निकलेंगे।

कई मुद्दों पर होगी चर्चा

कांग्रेस के तीन दिवसीय नव संकल्प चिंतन शिविर में कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें वह प्रस्ताव अहम होंगे जो उसकी अलग-अलग कमेटियों ने दिए हैं। इनमें एक परिवार के एक सदस्य को टिकट दिए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पांच साल काम करने के बाद ही किसी नेता के रिश्तेदार को टिकट देने की बात कही गई है। किसी व्यक्ति के पद पर रहने की अवधि भी पांच साल फिक्स करने का प्रस्ताव है। वहीं, हर स्तर पर 50 फीसदी पदाधिकारियों की उम्र 50 साल से कम रखने की बात भी कही गई है। शिविर 15 मई तक चलेगा।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ज्ञानवापी मामला, चीफ जस्टिस बोले

पेपर देखने के बाद दूंगा आदेश

  • सिविल कोर्ट के सर्वे के आदेश पर नहीं लगायी रोक, अगले हफ्ते हो सकती है सुनवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली। वाराणसी के सिविल कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद श्रृंगार गौरी मंदिर मामले में सर्वे के आदेश का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने अंजुमन इंतजामिया की तरफ से याचिका दाखिल कर वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और वस्तुस्थिति को बनाए रखने की निर्देश देने की मांग की। याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमन ने वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया और कहा कि पहले पेपर्स देखूंगा फिर आदेश पारित करूंगा। अधिवक्ता अहमदी ने याचिका में कहा कि वाराणसी में एक ऐसी संपत्ति के सर्वे का आदेश कोर्ट द्वारा दिया गया है जो प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट के तहत संरक्षित है। अब कोर्ट ने कमिश्नर के माध्यम से सर्वे का आदेश दिया है। इस मामले में अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।

यह है पूरा मामला

शृंगार गौरी के रोजाना दर्शन-पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था।

जिला प्रशासन ने जारी किया नोटिस

वाराणसी में एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी को नोटिस जारी कर ज्ञानवापी परिसर में लगे सभी तालों की चाबियों की डिमांड की है ।

 

प्रशांत त्रिवेदी बने अपर मुख्य सचिव वित्त, नितिन को राज्य कर की भी जिम्मेदारी

  • प्रदेश सरकार ने दो और आईएएस अधिकारियों का किया तबादला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने आज दो आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इसके तहत आयुष विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. प्रशांत त्रिवेदी को प्रदेश का नया अपर मुख्य सचिव वित्त बनाया गया है। यह पद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राधा एस चौहान के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद से खाली था।
डा. प्रशांत त्रिवेदी को वित्त आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव वित्त, संस्थागत वित्त एवं वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के पद पर तैनात किया गया है। इसी के साथ उन्हें अपर मुख्य सचिव आयुष विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी तरह प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण को वर्तमान पद के साथ प्रमुख सचिव राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश शासन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके पहले शासन ने बीते शुक्रवार को भी पांच आईएएस और सात पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे।

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