गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में छिपा था मोबाइल कैमरा, रिकॉर्डिंग देख छात्राओं के उड़े होश; वार्डेन पर कार्रवाई
गोरखपुर के गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में छिपा मोबाइल कैमरा मिला। कई छात्राओं की रिकॉर्डिंग का दावा है। तहरीर के आधार पर वार्डेन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर के मोहद्दीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में बाथरूम के अंदर मोबाइल कैमरा मिलने से छात्राओं में हड़कंप मच गया। मंगलवार देर रात एक छात्रा की नजर टीन शेड में छिपाकर रखे मोबाइल पर पड़ी। कैमरा टॉयलेट की तरफ था और रिकॉर्डिंग चालू थी। मोबाइल की जांच में कई छात्राओं की रिकॉर्डिंग मिलने की बात सामने आई। शिकायत के बाद पुलिस ने फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बाथरूम में रिकॉर्डिंग करता मिला मोबाइल
मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। छात्रा ने मोबाइल देखने के बाद पहले उसका वीडियो बनाया और साथी छात्राओं को जानकारी दी। मोबाइल चेक करने पर उसमें बाथरूम में कई लड़कियों की रिकॉर्डिंग मिलने का दावा किया गया। इसके बाद एक छात्रा ने डायल 112 पर सूचना दी।
रात करीब 12 बजे पीआरवी और कैंट पुलिस हॉस्टल पहुंची। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में ले लिया। कुछ रिकॉर्डिंग वायरल होने की बात भी सामने आई है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
वार्डेन ने पुलिस को बताई अलग वजह
पुलिस पूछताछ में महिला वार्डेन ने बताया कि बाथरूम में सैनिटरी पैड के लिए डस्टबिन रखा गया था, लेकिन कुछ छात्राएं पैड इधर-उधर फेंक देती थीं। इसी का पता लगाने के लिए उन्होंने रात करीब 10 बजे मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में रखे जाने की बात कही।
वार्डेन ने पुलिस को यह भी बताया कि हॉस्टल परिसर में सुरक्षा के लिए अलग-अलग जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और मोबाइल रखने के पीछे गलत मंशा नहीं थी। पुलिस अब इस दावे और रिकॉर्डिंग समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
तहरीर के आधार पर वार्डेन पर कार्रवाई
एसपी निमिष पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर महिला वार्डेन के खिलाफ अग्रिम एवं विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मोबाइल, रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि रिकॉर्डिंग किस उद्देश्य से की गई और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया। हॉस्टल किराए के मकान में संचालित होने की जानकारी के बाद पुलिस ने मकान मालिक से भी पूछताछ की है।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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