एक किलो चावल से शुरू हुई मदद की पहल, नेपाल के पीड़ित परिवारों के लिए गोरखपुर में बड़ा अभियान

नेपाल त्रासदी पीड़ितों की मदद के लिए गोरखपुर के जेपी एजुकेशन एकेडमी के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत सामग्री जुटाई। अभियान में खाद्य सामग्री समेत जरूरी सामान शामिल रहा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नेपाल में आई त्रासदी ने कई परिवारों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में मदद की कोई छोटी पहल भी प्रभावित लोगों के लिए राहत और उम्मीद बन सकती है। इसी सोच के साथ जेपी एजुकेशन एकेडमी के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने नेपाल के प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री जुटाने का अभियान चलाया।

‘हैंडओवर विद हार्ट्स’ अभियान में जुटाई जरूरत की सामग्री

विद्यालय की ओर से चलाए गए ‘हैंडओवर विद हार्ट्स’ अभियान में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया। अभियान में चावल, आटा, दाल, नमक, चीनी, बिस्कुट, रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के साथ तिरपाल, कंबल, बेडशीट, कपड़े और हाइजीन से जुड़ी सामग्री एकत्र की गई। प्राथमिक उपचार और दवाइयों से संबंधित सामग्री भी राहत अभियान का हिस्सा रही।

विद्यालय ने लोगों से अपील की थी कि वे कम मात्रा में भी उपयोगी सामान देकर सहयोग करें। एक किलो चावल, आटा या दाल जैसी छोटी मात्रा में किया गया योगदान भी स्वीकार किया गया।

विद्यार्थियों ने राहत सामग्री को किया व्यवस्थित

विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की ओर से एकत्र सामग्री को व्यवस्थित किया गया और संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया, ताकि इसे नेपाल के प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों ने सहभागिता की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल राहत सामग्री जुटाना नहीं, बल्कि बच्चों में करुणा, सहानुभूति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

छोटी मदद, बड़ी उम्मीद का संदेश

जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन के अध्यक्ष सीए सौरभ अग्रवाल ने अभियान में सहयोग करने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शुभचिंतकों का आभार जताया। चेयरपर्सन तान्या जायसवाल ने कहा कि राहत सामग्री की हर वस्तु के पीछे विद्यार्थियों की संवेदना और अभिभावकों का सहयोग जुड़ा है।

विद्यालय परिवार ने संदेश दिया कि आपदा के समय सहायता की अहमियत केवल उसकी मात्रा से नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपी मानवीय संवेदना से तय होती है। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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