गुजरात निकाय चुनाव, AAP का बड़ा दांव, 2500+ उम्मीदवारों का किया ऐलान

AAP ने गुजरात के स्थानीय स्वशासन चुनाव के लिए 2500 से अधिक उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी की है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय स्वशासन यानी निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं.. राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है.. 26 अप्रैल को वोटिंग और 28 अप्रैल को नतीजे आएंगे.. इन चुनावों में 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों.. और 260 तालुका पंचायतों की कुल लगभग 12,000 सीटों पर मतदान होगा.. लगभग 4.19 करोड़ मतदाता अपने स्थानीय प्रतिनिधि चुनेंगे.. इस बड़े मुकाबले में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपनी तैयारी दिखाई है.. 24 मार्च 2026 को AAP ने 460 से ज्यादा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की.. जिसको लेकर पार्टी का कहना है कि वह सभी 12,000 सीटों पर बिना किसी गठबंधन के अपने उम्मीदवार उतारेगी..

आपको बता दें कि AAP गुजरात इकाई के अध्यक्ष ईसुदान गढ़वी ने 24 मार्च को वीडियो बयान जारी कर पहली सूची की घोषणा की.. इसमें तालुका पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम स्तर के उम्मीदवार शामिल हैं.. सूची में 155 नगर निगम, 108 जिला पंचायत, 142 तालुका पंचायत.. और 50 नगर पालिका उम्मीदवार शामिल हैं.. गढ़वी ने कहा कि आज तक राजनीति अमीरों के बेटों या सांसदों के परिवारों तक सीमित रही है.. आम कार्यकर्ता को मौका नहीं मिलता था.. हम पिता-पुत्र वाली वंशवादी राजनीति का अंत कर रहे हैं.. AAP ने अपने उम्मीदवारों को आम लोग बताया है.. सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय कार्यकर्ता और साधारण परिवारों से आने वाले लोग..

AAP ने साफ कहा है कि वह गुजरात में पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्थानीय चुनाव लड़ रही है.. इससे पहले 2025 के कुछ निकाय उपचुनावों में AAP ने 30 सीटें जीती थी.. मुख्य रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र में.. अब पार्टी पूरे राज्य को कवर करने की योजना बना रही है.. पार्टी का लक्ष्य BJP की मजबूत पकड़ को चुनौती देना है.. AAP का आरोप है कि BJP में वंशवाद और भ्रष्टाचार है.. केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 24-25 मार्च को गुजरात का दौरा किया.. अमरेली में बड़ी रैली हुई.. केजरीवाल ने कहा कि AAP दिल्ली और पंजाब मॉडल लाएगी.. साफ पानी, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं.. और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन..

चुनाव का पूरा शेड्यूल समझ लें.. नामांकन 6 अप्रैल से शुरू होगा.. 11 अप्रैल आखिरी तारीख है.. 13 अप्रैल को नामांकन की जांच होगी.. 15 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकते हैं.. 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी.. अगर जरूरत पड़ी तो 27 अप्रैल को पुनर्मतदान होगा.. 28 अप्रैल को मतगणना होगी.. राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस. मुरलीकृष्ण ने बताया कि 15 नगर निगमों में 1,044 सीटें.. 84 नगर पालिकाओं में 2,624 सीटें.. और जिला पंचायतों व तालुका पंचायतों की बाकी सीटें मिलाकर कुल 9,000 से ज्यादा सीटें हैं.. कुछ रिपोर्ट्स में 12,000 का आंकड़ा भी दिया गया है.. कुल मिलाकर यह गुजरात का सबसे बड़ा स्थानीय चुनाव होगा..

AAP ने 16 मार्च को ही ऐलान कर दिया था कि वह सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी.. उम्मीदवारों के आवेदन 26 लोकसभा क्षेत्रों में लिए गए.. 10 से 15 मार्च तक इंटरव्यू हुए.. इसके बाद तीन दिनों तक स्क्रीनिंग कमेटी ने नामों की जांच की.. पहली सूची 24 मार्च को जारी की गई.. पार्टी ने कहा कि दूसरी सूची भी जल्द जारी होगी.. जिसको लेकर गढ़वी ने कहा कि हम गठबंधन नहीं करेंगे.. अपनी ताकत से लड़ेंगे.. AAP का फोकस आम आदमी पर है.. उम्मीदवारों में महिलाएं, युवा और पिछड़े वर्ग के लोगों को ज्यादा मौका दिया गया है..

BJP गुजरात में पिछले कई सालों से स्थानीय निकायों पर कब्जा जमाए हुए है.. 2025 के पिछले निकाय चुनावों में BJP ने 1,600 से ज्यादा सीटें जीती थीं.. कांग्रेस को करीब 300 सीटें मिलीं और AAP को 30 सीटें मिली थीं.. BJP का कहना है कि उसने विकास किया है.. सड़कें, पानी और बिजली.. लेकिन AAP का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार, वंशवाद और गुंडागर्दी है.. केजरीवाल ने 2 अप्रैल को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखा.. और उन्होंने कहा कि AAP कार्यकर्ताओं को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है.. 160 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.. AAP का दावा है कि BJP इससे डरी हुई है..

गुजरात की राजनीति में AAP एक नई ताकत बनकर उभरी है.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 181 सीटों पर चुनाव लड़ा.. लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली.. अब स्थानीय चुनाव में वह तीसरी ताकत बनने की कोशिश कर रही है.. दिल्ली और पंजाब में AAP की सरकार है.. वहां मोहल्ला क्लिनिक, फ्री बिजली और अच्छे स्कूल जैसे काम किए गए हैं.. गुजरात में भी यही मॉडल पेश किया जा रहा है.. पार्टी का कहना है कि नगर निगम और पंचायतों में भी वही काम होंगे.. साफ पानी, बेहतर ड्रेनेज, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं..

कांग्रेस भी तैयारी में है.. लेकिन AAP की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.. AIMIM भी 405 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है.. असदुद्दीन ओवैसी गुजरात दौरे पर आएंगे.. BJP के पास संगठन और संसाधनों की मजबूत ताकत है.. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और BJP नेतृत्व का कहना है कि.. चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा.. AAP की रणनीति क्या है.. पार्टी ओपन टू ऑल फॉर्मूला अपना रही है.. कोई भी योग्य व्यक्ति टिकट के लिए आवेदन कर सकता है.. वंशवाद का मुद्दा उठाकर AAP, BJP और कांग्रेस दोनों को घेर रही है..

आपको बता दें कि गढ़वी ने कहा कि पहले राजनीति परिवारों की थी.. अब आम लोगों की होगी.. पहली सूची में कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो पहले राजनीति से बाहर थे.. जैसे सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक और डॉक्टर.. चुनाव की अहमियत समझें.. स्थानीय निकाय रोजमर्रा की समस्याएं सुलझाते हैं.. पानी, बिजली, सड़क, कचरा और अस्पताल.. अगर AAP यहां अच्छा प्रदर्शन करती है.. तो 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत आधार बन सकता है..

गुजरात BJP का गढ़ रहा है.. 1995 से लगातार सत्ता में है.. AAP को यहां बड़ा ब्रेकथ्रू चाहिए.. पिछले कुछ महीनों की घटनाओं पर नजर डालें.. मार्च में AAP ने स्क्रीनिंग शुरू की.. केजरीवाल और भगवंत मान की रैली में हजारों लोग जुटे.. पार्टी का दावा है कि गुजरात की जनता बदलाव चाहती है.. लेकिन BJP का कहना है कि AAP सिर्फ वादे करती है, काम नहीं..

 

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