अजित पवार एक्सीडेंट में कैसे जल गया ब्लैक बाक्स, हुआ भयंकर हंगामा

महाराष्ट्र की सियासत में दादा कहे जाने वाले अजित पवार के मौत की मिस्ट्री सुलझने के बजाए उलझती नजर आ रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र की सियासत में दादा कहे जाने वाले अजित पवार के मौत की मिस्ट्री सुलझने के बजाए उलझती नजर आ रही है।

पहले जो एक दादा की विमाम का क्रैश जो सामान्य हादसा लग रहा था अब सच में वो एक साजिश जैसा कुछ दिखाई देने लगा हैं क्योंकि हादसे के दौरान एक बहुत बड़े सबूत का खुलासा हुआ है, एक ओर जहां सबूत के सामने आते ही भयंकर हड़कंप मचा है तो वहीं दूसरी ओर एनसीपी के अजित पावर दल ने अपने विधायकों के स्टेटमेंट पर रोक लगा दी है। ऐसे में न सिर्फ मामला गंभीर होता दिख रहा है बल्कि खबर यह भी है कि एनसीपी में अब विलय की संभावनाएं शून्य हो गई हैं। अजित पवार के प्लेन एक्सीटेेड में कौन सा सबूत सामने आया है जिससे हड़कंप मचा है और क्यों एनसीपी अजित पवार गुट में विधायकों की बयानबाजी पर रोक लगा दी गई है.

अजित पवार का प्लेन 28 जनवरी को बारामती में लैंड करते समय क्रैश हो गया था। पहले तो ये सामान्य हादासा बताया जा रहा था। जांच एजेंसियों का दावा था कि ये एक हादसा था। हालांकि जैसे ही घटना हुई तुरंत ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से ने पूरी मामले की जांच गंभीरता से करने का मांग की थी। लेकिन जैसे ही ममता बनर्जी ने ये सवाल उठाया तो परिवार सहित सभी लोगों ने घटना के संबंध में इस तरह बातें न करने की अपील की।

खुद एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बयान आया कि अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले पर राजनीति न की जाए लेकिन कुछ दिन बात ही रोहित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूरा मामला संदिग्ध है। यहां तक कि ट्रेन में बम ब्लास्ट जैसी बातों का दावा भी किया गया और साथ में पायलेट क्यों बदला गया इस पर भी सवाल उठाए गए लेकिन हर बाार अजित पवार गुट और बीजेपी ने दावा किया कि जांच सही दिशा में जा रही है और कोई ऐसा मामला नहीं है, जिसमें साजिश की बू आए। लेकिन अब गंभीर सवाल शुरु हो गया है कि क्योंकि घटना में मिले ब्लैक बाक्स को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आपको बता दें कि  किसी भी प्लेन क्रैश में ब्लैक बॉक्स वो इकलौता गवाह होता है जो बताता है कि आखिरी पलों में क्या हुआ था। लेकिन महाराष्ट्र प्रशासन और जांच टीम ने जो थ्योरी दी है, उसने सबको हिलाकर रख दिया है। उनका कहना है कि हादसे में ब्लैक बॉक्स जल गया।

हादसे के बाद ही दावा किया गया था कि ब्लैक बाक्स मिल गया है और अब सारी सच्चाई सामने आ जाएगी लेकिन अब खबर सामने आई है कि जो बातें ब्लैक बाक्स पूरी तरह से जला हुआ मिला था। इसमें रिकॉर्ड हुए सीन बातों को रिकवर करने के लिए पहले दिल्ली भेजा गया था लेकिन इस में रिकार्ड बातें शायद जल गई है, जिसे रिकवर नहीं किया जा पा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि सरकार एक-दो दिन में आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकती है। जरूरत पड़ने पर क्षतिग्रस्त ब्लैक बॉक्स को खास डेटा रिकवरी के लिए विदेश भी भेजा जा सकता है, ताकि हादसे की सही वजह का पता लगाया जा सके।

ब्लैक बॉक्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वो समुद्र की गहराइयों और भीषण से भीषण आग को भी झेल सके। वो टाइटेनियम और स्टील की ऐसी परतों से बना होता है जो 1100 डिग्री सेल्सियस की आग को भी एक घंटे तक बर्दाश्त कर सकता है। तो क्या अजित पवार के विमान में लगी आग सूरज से भी ज्यादा गर्म थी? या फिर सच ये है कि ब्लैक बॉक्स में कैद सच को मिटाने के लिए उसे जानबूझकर गायब किया गया या नष्ट किया गया? जैसे ही पूरे मामला सामने आया है हंमागा मचा है। शिवसेना यूटीबी के प्रवक्ता संजय राउत ने इस मामले को लेकर सवाल उठाया है कि आखिर कैसे ब्लैक बाक्स जल गया। उन्होंने पूरे मामले में भयंकर साजिश का सवाल उठाया है।

कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इस हादसे की कड़ियाँ आगे भी डरावनी हैं। पिछले दिनों रोहित पवार और परांजपे की ओर से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी तो यह सवाल उठाया गया था कि आखिर टाइम पर पाइलेट क्यों बदला गया इसकी जांच होनी चाहिए। सवाल यह है कि ये क्यों और किसके आदेश पर बदला गया है। हालांकि अब जिस तरह से ब्लैक बॉक्स को लेकर खबर आ रही है पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। सवाल यह है कि  क्या विमान में पहले से ही कोई विस्फोटक रखा गया था? क्या यह अजित पवार को रास्ते से हटाने की कोई सुनियोजित साजिश थी? अगर ब्लैक बॉक्स सही सलामत होता, तो शायद ये पता चल जाता कि इंजन में खराबी थी या फिर अंदर कोई धमाका हुआ था। लेकिन ब्लैक बॉक्स का राख हो जाना इस शक को यकीन में बदल रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।

एक ओर जहां ब्लैक बाक्स को लेकर हंगामा मच गया है तो वहीं दूसरी ओर अजित पवार के जाने से दोनों गुटों में विलय की संभावनाए भी खत्म हो गई हैं। माना जा रहा है कि हादसे ने सिर्फ विमान को नहीं जलाया, बल्कि एनसीपी के दोनों गुटों के बीच सुलग रही सुलह की आखिरी उम्मीद को भी राख कर दिया है। पिछले कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे कि शायद चुनाव के बाद चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार फिर से एक हो जाएंगे।

लेकिन इस हादसे के बाद अजित पवार गुट ने साफ कर दिया है कि अब वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है। हालांकि अजित पवार गुट ने सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनाने के बाद अब सुनेत्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने जा रही है। खबर पक्की है कि अजित पवार गुट ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का पूरा मन बना लिया है। सुनेत्रा पवार सिर्फ अजित दादा की पत्नी नहीं हैं, बल्कि वो पर्दे के पीछे से हमेशा संगठन को संभालती रही हैं। उन्हें अध्यक्ष बनाकर अजित पवार ये संदेश देना चाहते हैं कि पार्टी उनके परिवार के ही नियंत्रण में रहेगी।

महाराष्ट्र की राजनीति में अब एक और श्पवारश् का उदय हो रहा है, जो सीधे तौर पर सुप्रिया सुले को टक्कर देंगी। हालांकि लगातार अजित पवार की मौत और पार्टी के विलय को लेकर आए दिन आ रहे बयानों से बचने के लिए इसी बीच अजित पवार गुट की ओर से एक सख्त फतवा जारी किया गया है। सभी विधायकों और नेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वो विमान हादसे या पार्टी के आंतरिक मामलों पर कोई भी बयान नहीं देंगे। मीडिया के सामने नो कमेंट्स का बोर्ड लगा दिया गया है।

सवाल ये है कि आखिर अजित पवार गुट को किस बात का डर है? अगर सब कुछ साफ है, तो विधायकों को बोलने से क्यों रोका जा रहा है?  अजित पवार महाराष्ट्र के कद्दावर नेता हैं, डिप्टी सीएम रहे हैं। उनके साथ हुए हादसे की जांच में इतनी ढिलाई क्यों? ब्लैक बॉक्स का जलना, पायलट का रहस्यमयी ढंग से बदलना और फिर पार्टी का चुप्पी साध लेना. सब किसी बड़ी थ्योरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

क्या महाराष्ट्र की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की गहराई तक जाएंगी? या फिर इसे भी हादसा बताकर फाइल बंद कर दी जाएगी? अजित पवार का ये हादसा महाराष्ट्र की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। एक तरफ सुनेत्रा पवार का उदय, दूसरी तरफ एनसीपी में कभी न खत्म होने वाली दरार, और इन सबके बीच ब्लैक बॉक्स में कैद वो अनसुलझा सच।

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