चोरी और घटनाओं पर कैसे लगेगी लगाम? खराब कैमरों को लेकर ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऐलिया विकास खंड क्षेत्र के इमलिया सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऐलिया विकास खंड क्षेत्र के इमलिया सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सुरक्षा निगरानी के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। कैमरों के बंद होने के कारण गांव में होने वाली घटनाओं और चोरी जैसी वारदातों की रिकॉर्डिंग नहीं हो पा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी घटना की स्थिति में रिकॉर्डिंग के माध्यम से मदद मिल सके। लेकिन वर्तमान में कई कैमरे खराब होने के चलते पूरी निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमरे खराब होने से गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यदि चोरी, विवाद या कोई अन्य घटना होती है तो सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच में परेशानी आ सकती है और दोषियों तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखना और गांव में सुरक्षा का माहौल बनाए रखना था। लेकिन रखरखाव के अभाव में कैमरे निष्क्रिय हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि समय-समय पर तकनीकी जांच और मरम्मत नहीं होने के कारण यह समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े सभी सीसीटीवी कैमरों की जल्द मरम्मत कराकर उन्हें दोबारा चालू कराया जाए। इसके साथ ही भविष्य में कैमरों के नियमित रखरखाव और निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे गांव की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े ऐसे उपकरणों की देखभाल बेहद जरूरी है। केवल कैमरे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी कार्यशील स्थिति बनाए रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करें, ताकि इमलिया सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में सुरक्षा व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाया जा सके।

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