Iran ने दिया अमेरिकी नौसेना को अब तक का सबसे बड़ा जख्म! तबाह हो गया USS Abraham Lincoln?
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ये विशाल युद्धपोत समुद्र में समा गया..

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है…ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है…
पहले ही कई अमेरिकी एयरबेस पर हमलों की खबरें सामने आ चुकी थीं और अब दावा किया जा रहा है कि हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को भारी नुकसान पहुंचा है…कुछ सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि…ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ये विशाल युद्धपोत समुद्र में समा गया….यानी अगर ये दावे सही साबित होते हैं…तो ये अमेरिका के लिए बेहद बड़ा सैन्य और प्रतिष्ठा का झटका माना जाएगा….बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख और सख्त हो गया है…
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि…अब ईरान के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौते की गुंजाइश नहीं है….उनके मुताबिक ईरान को बिना किसी शर्त के सरेंडर करना होगा…वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है…ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिजकियान ने कहा कि…सरेंडर जैसा शब्द ईरानियों की शब्दकोश में है ही नहीं…उनका दावा है कि असली दबाव तो अब अमेरिका पर बढ़ रहा है…ऐसे में सवाल यही है कि क्या ये टकराव और बड़ा रूप लेगा…या फिर कूटनीति की कोई नई राह निकलेगी?
मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच…हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि पूरी दुनिया की नजरें अब इस संघर्ष पर टिक गई हैं….सवाल उठ रहे हैं कि…क्या ये सिर्फ सैन्य टकराव है या फिर महाशक्तियों की प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है?….दरअसल, हाल के दिनों में ईरान की ओर से किए गए हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल मचा दी है…खबरों के मुताबिक…कई जगहों पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है…सैटेलाइट तस्वीरों में जो दृश्य सामने आए हैं…वो काफी चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं….कई विश्लेषकों का दावा है कि इन हमलों ने अमेरिकी डिफेंस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है….
सबसे पहले चर्चा हुई UAE और कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की… यहां तैनात कई एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले के बाद सैटेलाइट तस्वीरों में बड़े-बड़े गड्ढे और जले हुए ढांचे दिखाई देने की बात कही जा रही है…अब इसी तरह की तस्वीरें जॉर्डन से भी सामने आने की चर्चा है…जॉर्डन में स्थित Muwaffaq साल्टी एयर बेस पर अमेरिका ने अपने लड़ाकू विमानों और सैन्य उपकरणों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया हुआ था…बताया जाता है कि यहां THAAD जैसी शक्तिशाली मिसाइल डिफेंस तकनीक लगाई गई थी…जिसे दुनिया के सबसे उन्नत सुरक्षा कवचों में गिना जाता है…
लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस सिस्टम को भी बुरी तरह प्रभावित किया है…सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे के आसपास कई जगहों पर गहरे गड्ढे और जलने के निशान दिखाई देने की बात कही जा रही है…इन तस्वीरों को लेकर कई रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये सच है…तो ये अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जाएगा…दिलचस्प बात ये है कि इन दावों पर अब तक अमेरिका की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है…न तो इन खबरों को पूरी तरह स्वीकार किया गया है और न ही उनका खुलकर खंडन किया गया है…यही वजह है कि अब इन घटनाओं को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है…
सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी सैन्य कमांडरों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं…जिनमें इस बात पर चर्चा की जा रही है कि…ईरान के लगातार हमलों से निपटना आसान नहीं हो रहा…कुछ हमले इतने तेज और सटीक बताए जा रहे हैं कि उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है…लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और सबसे चौंकाने वाला दावा उस वक्त सामने आया जब ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक बड़े युद्धपोत को निशाना बनाने की बात कही…ईरान का कहना है कि उसके हमलों का शिकार बना अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन….
ये वही विशाल युद्धपोत है…जिसे दुनिया के सबसे ताकतवर समुद्री हथियारों में गिना जाता है…आमतौर पर ऐसे एयरक्राफ्ट कैरियर अपने साथ दर्जनों लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और हजारों सैनिक लेकर चलते हैं…यही वजह है कि किसी भी देश के लिए ऐसे जहाज पर हमला करना बेहद बड़ी सैन्य घटना मानी जाती है…ईरान का दावा है कि उसने इस युद्धपोत पर पहले क्रूज मिसाइलों से हमला किया…कहा जा रहा है कि चार मिसाइलें एक साथ दागी गईं…
जिससे जहाज को भारी नुकसान पहुंचा…इसके बाद जब ये जहाज अपनी स्थिति बदलने लगा…तो उस पर हाइपरसोनिक मिसाइलों और ड्रोन से फिर हमला किया गया…ईरान की तरफ से यहां तक कहा गया है कि इन हमलों के बाद ये विशाल युद्धपोत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और समुद्र में डूब गया…हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है…लेकिन इस खबर ने पूरी दुनिया में हलचल जरूर मचा दी है…
दिलचस्प बात ये भी है कि पिछले कुछ दिनों से इस एयरक्राफ्ट कैरियर की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई…न तो उसकी ताजा तस्वीरें सामने आई हैं और न ही उसकी लोकेशन के बारे में कोई आधिकारिक अपडेट दिया गया है…यही वजह है कि कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ये युद्धपोत इस वक्त कहां है…इस बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं…इन वीडियो में दिखाया जा रहा है कि ईरानी मिसाइलों के हमले से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर में विस्फोट हो रहे हैं और वह समुद्र में डूब रहा है…हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन वीडियो में से कई AI से बनाए गए हो सकते हैं और इन्हें प्रमाणिक सबूत नहीं माना जा सकता…
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि अमेरिका की ओर से ईरान के दावे को झूठ बताया गया है…लेकिन उसकी मौजूदा स्थिति या तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की गई हैं…इसलिए अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन को लेकर सवाल चर्चाएं हो रही हैं कि अगर ईरान का दावा सफेद झूठ है…तो अमेरिका उसकी तस्वीरें सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा…इसी बीच खबर ये भी सामने आई है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी नौसैनिक ताकत को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है…इसके तहत एक और विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात किया जा रहा है….ये युद्धपोत है USS George H. W. Bush….
बताया जा रहा है कि इस युद्धपोत ने हाल ही में अटलांटिक महासागर में अपनी अंतिम सैन्य अभ्यास पूरा किया है और अब इसे ऑपरेशन के लिए तैयार माना जा रहा है…ये निमित्ज़ क्लास का दसवां और आखिरी न्यूक्लियर पावर्ड सुपर कैरियर है…इस युद्धपोत का नाम अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति George H. W. Bush के नाम पर रखा गया है….इसकी लंबाई लगभग 333 मीटर है और फ्लाइट डेक की चौड़ाई करीब 77 मीटर बताई जाती है….करीब 1 लाख टन से ज्यादा वजन वाला ये जहाज समुद्र में चलते-फिरते एयरबेस की तरह काम करता है….इसमें दो शक्तिशाली न्यूक्लियर रिएक्टर लगे हैं…जिनकी मदद से ये जहाज कई साल तक बिना ईंधन भरे समुद्र में रह सकता है…इसकी अधिकतम गति लगभग 30 नॉट यानी करीब 55 से 56 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है….यानी अगर ये युद्धपोत पूरी तरह ऑपरेशन में आ जाता है…तो ये अपने आप में एक तैरता हुआ सैन्य अड्डा बन जाता है…
लेकिन दिलचस्प बात ये है कि ईरान ने इस युद्धपोत को लेकर भी पहले ही चेतावनी दे दी है…ईरान का कहना है कि अगर ये जहाज मिडिल ईस्ट में आकर हमले की तैयारी करता है…तो उसे भी निशाना बनाया जाएगा…ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ शब्दों में कहा है कि…ईरान पर ये जंग थोपी गई है…उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान का भी जवाब दिया है…
जिसमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा….पेज़ेश्कियन ने कहा कि सरेंडर का सपना पालने वाले नाकाम होंगे…उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक शांतिप्रिय देश है और उसने अपने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का फैसला किया है…लेकिन अगर किसी भी जगह से ईरान पर हमला किया जाएगा…तो वहां जवाबी कार्रवाई जरूर की जाएगी…
यानी साफ है कि दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी भी तेज हो चुकी है…एक तरफ अमेरिका है जो कह रहा है कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है…दूसरी तरफ ईरान है जो ये दावा कर रहा है कि वो दबाव में आने वाला नहीं है…ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये टकराव आखिर किस दिशा में जाएगा…क्या ये सिर्फ सीमित सैन्य कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा या फिर ये संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है?



