क्या उड़ीसा में पूंजीपतियों के लिए छीनी गई आदिवासियों की जमीन? भाजपा पर AAP का बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ में 950 एकड़ आदिवासी जमीन के कथित अधिग्रहण को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संजय सिंह ने पेसा एक्ट के उल्लंघन का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आम आदमी पार्टी (आप) ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले में कथित भूमि अधिग्रहण को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि डालमिया सीमेंट के विस्तार के लिए आदिवासी समुदाय की करीब 950 एकड़ जमीन ग्राम सभाओं की सहमति के बिना अधिग्रहित की जा रही है। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और मामले पर संबंधित पक्ष का विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।
पेसा एक्ट के उल्लंघन का लगाया आरोप
संजय सिंह ने कहा कि पेसा एक्ट के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से पहले ग्राम सभा की सहमति आवश्यक होती है। उनका आरोप है कि पांच ग्राम पंचायतों के 12 गांवों की जमीन बिना सहमति के पुलिस बल की मौजूदगी में अधिग्रहित की गई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए नोटिस दिया गया है और मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।
आदिवासी प्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता
सुंदरगढ़ के जमीन मालिक राकेश रोशन ने दावा किया कि वर्ष 2018 से प्रभावित ग्रामीण इस भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की फसलें नष्ट कर दी गईं और बिना सहमति के जमीन पर कब्जा किया गया। वहीं, आप के उड़ीसा प्रदेश अध्यक्ष निशिकांत महापात्रा ने कहा कि कथित भूमि अधिग्रहण से लगभग 10 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और पेसा एक्ट के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
सरकार से कार्रवाई की मांग
आप नेताओं ने उड़ीसा सरकार से कथित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने, प्रभावित ग्रामीणों की बात सुनने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे विवाद को लेकर संबंधित सरकारी एजेंसियों या अन्य पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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