700 वोटरों से अधिकार छिनने का आरोप, इसुदान गढ़वी का BJP पर बड़ा हमला

गुजरात की राजनीति में नया विवाद सामने आया है... जहां 700 मतदाताओं को उनके वोटिंग अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा विवाद सामने आया है.. 700 वोटरों के मतदान अधिकार छिनने के आरोप ने सियासत को गरमा दिया है.. और राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं.. आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए तीखा हमला बोला है.. और उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कुछ सौ वोटरों का मामला नहीं.. बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है.. गढ़वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता के दम पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है.. जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है.. उनके मुताबिक अगर वोट देने का अधिकार ही छीना जाएगा.. तो लोकतंत्र की मूल आत्मा कैसे सुरक्षित रहेगी.. उन्होंने इसे बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बताते हुए कहा कि जनता ऐसे कदमों का जवाब जरूर देगी..

वहीं इस मुद्दे ने चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.. विपक्ष लगातार इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है.. जबकि बीजेपी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है.. ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है.. गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं.. इन चुनावों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.. लेकिन मतदान से पहले ही राजनीतिक विवाद तेज हो गया है.. आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है.. और उन्होंने कहा कि भाजपा 700 वोटरों से उनके मतदान का अधिकार छीन रही है.. और इसे जश्न मना रही है..

आपको बता दें कि गढ़वी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया.. और उन्होंने कहा कि भाजपा जश्न मना रही है कि 700 लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है.. यह इतिहास में पहली बार हो रहा है.. आपने लोगों से वोट देने का अधिकार छीन लिया है और आप इसका जश्न मना रहे हैं.. आप मीठी-मीठी बातें कर रहे हैं और इसे ऐतिहासिक घटना बता रहे हैं.. यह लोकतंत्र के लिए और हमारे गुजरात के लिए एक लाल बत्ती की तरह है..

गढ़वी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का उदाहरण दिया.. और उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने विपक्ष को जेल में डालकर.. और धांधली करके 85 प्रतिशत बहुमत हासिल किया.. लेकिन आखिर में जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया.. यह आरोप गुजरात की राजनीति में तूफान ला रहा है.. स्थानीय निकाय चुनाव में कुल 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 260 तालुका पंचायतों की सीटें शामिल हैं.. कुल लगभग 10,000 सीटों पर वोटिंग होगी.. 4.19 करोड़ मतदाता इन चुनावों में हिस्सा लेंगे.. ऐसे में अगर कुछ वोटरों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है.. तो यह लोकतंत्र की जड़ों पर हमला माना जाता है..

इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा सत्ता बचाने के लिए यह रणनीति अपना रही है.. AAP का दावा है कि भाजपा जानबूझकर कुछ वोटरों को वंचित कर रही है.. ताकि उसके उम्मीदवार आसानी से जीत सकें.. इसुदान गढ़वी AAP के गुजरात इकाई के प्रमुख नेता हैं.. वे पहले टीवी एंकर थे.. और 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी रहे थे.. गढ़वी ने कहा कि भाजपा 700 वोटरों के अधिकार छीनकर जश्न मना रही है.. और उन्होंने पूछा कि क्या यह लोकतंत्र है.. लोकतंत्र का मतलब है हर नागरिक को वोट देने का अधिकार.. अगर कोई सरकार इस अधिकार को छीनती है.. तो वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है..

गढ़वी ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि शेख हसीना ने भी यही किया.. उन्होंने विपक्षी नेताओं को जेल भेज दिया और धांधली से सरकार बनाई.. लेकिन जनता ने सड़कों पर उतरकर उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया.. गढ़वी ने चेतावनी दी कि गुजरात में भी अगर भाजपा यही रास्ता अपनाएगी, तो जनता उसे माफ नहीं करेगी.. यह विवाद मतदाता सूची संशोधन से जुड़ा है.. गुजरात में पिछले कुछ महीनों में मतदाता सूची की विशेष समीक्षा हुई थी.. इसमें लाखों नाम हटाए गए.. AAP का आरोप है कि इनमें से कई नाम जानबूझकर हटाए गए, ताकि विपक्ष को नुकसान पहुंचे..

गढ़वी ने कहा कि 700 वोटरों का मामला सिर्फ एक उदाहरण है.. असल में बड़े पैमाने पर वोटरों को वंचित किया जा रहा है.. भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है.. पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की समीक्षा पारदर्शी तरीके से हुई है.. जो लोग मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले थे, उनके नाम हटाए गए.. भाजपा ने इसे ऐतिहासिक बताया.. क्योंकि सूची साफ-सुथरी हो गई.. लेकिन गढ़वी ने कहा कि भाजपा इसे जश्न मना रही है.. जबकि असल में लोकतंत्र कुचला जा रहा है.. गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं.. इन चुनावों का असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा.. AAP इन चुनावों को बड़े पैमाने पर लड़ रही है.. पार्टी ने सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा जैसे शहरों में मजबूत तैयारी की है..

आपको बता दें कि इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा को AAP के बढ़ते प्रभाव से डर लग रहा है.. इसलिए वह वोटरों के अधिकार छीन रही है.. गढ़वी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर गांव.. और मोहल्ले में जाकर जनता को यह सच्चाई बताएं.. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा.. वहीं यह मामला सिर्फ 700 वोटरों तक सीमित नहीं है.. गुजरात में मतदाता सूची संशोधन के दौरान लाखों नाम हटाए गए.. कुछ रिपोर्ट्स में 68 लाख से ज्यादा नाम हटाने की बात कही गई.. AAP ने इसे भाजपा की साजिश बताया..

गढ़वी ने कहा कि भाजपा जानती है कि जनता अब बदलाव चाहती है.. इसलिए वह वोटरों को वंचित कर रही है.. और उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी शेख हसीना ने विपक्ष को दबाया.. लेकिन आखिर में जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया.. गुजरात की जनता भी ऐसा ही करेगी.. अगर भाजपा लोकतंत्र को कुचलती रही.. भाजपा ने गढ़वी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया.. पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की समीक्षा चुनाव आयोग के निर्देश पर हुई.. इसमें कोई पक्षपात नहीं है.. भाजपा ने कहा कि AAP बस आरोप लगाकर वोट मांग रही है..

 

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