किसानों से धोखा? इसुदान गढ़वी, का BJP पर तीखा हमला | स्मार्ट मीटर पर मचा बवाल
क्या किसानों के साथ धोखा हो रहा है? इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने BJP पर जोरदार हमला बोला है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं.. इन चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.. आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है.. और उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान और छोटे व्यापारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं.. और मर रहे हैं.. वहीं भाजपा के नेता और उनके साथी करोड़ों रुपये कमा रहे हैं.. वहीं अब इसी धोखे की कड़ी में भाजपा किसानों के घर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रही है.. गढ़वी ने इसे किसानों पर नया बोझ बताया.. और कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल बढ़ेंगे.. और किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी.. यह बयान गुजरात की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर रहा है..
इसुदान गढ़वी AAP के प्रमुख चेहरों में से एक हैं.. वे पहले टीवी एंकर थे और अब गुजरात में पार्टी की रणनीति संभाल रहे हैं.. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के बजाय उनके खर्च बढ़ा रही है.. किसान पहले से ही महंगाई, खाद-बीज की बढ़ती कीमतों.. और फसल बिक्री की समस्याओं से परेशान हैं.. वहीं अब स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली बिल और महंगे हो जाएंगे.. गढ़वी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता.. और उनके करीबी ठेकेदार स्मार्ट मीटर लगाने के ठेके लेकर करोड़ों कमा रहे हैं.. किसान मर रहा है, लेकिन मुनाफा भाजपा के साथियों को हो रहा है..
आपको बका दें कि स्मार्ट मीटर आधुनिक बिजली मीटर हैं.. जो बिजली की खपत को रीयल टाइम में ट्रैक करते हैं.. जिसको लेकर सरकार का कहना है कि इनसे बिलिंग पारदर्शी होगी.. चोरी कम होगी और बिजली की बचत होगी.. केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पूरे देश में करोड़ों स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है.. गुजरात में भी गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड.. और उसकी कंपनियां स्मार्ट मीटर लगा रही हैं.. लेकिन कई जगहों पर इनके खिलाफ विरोध हो रहा है..
गुजरात में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी विवाद हुआ था.. 2024 में वडोदरा, सूरत, राजकोट और अन्य शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए थे.. और उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए.. कुछ लोगों का कहना था कि पहले 1000 रुपये का बिल आता था.. अब रोज 300-350 रुपये का बिल आने लगा.. मीटर प्रीपेड या पोस्टपेड मोड में काम करते हैं.. कुछ मामलों में बैलेंस खत्म होने पर बिजली तुरंत कट जाती है.. किसानों के लिए यह और भी मुश्किल है.. क्योंकि खेतों में पंप चलाने के लिए लगातार बिजली चाहिए..
इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा किसानों को धोखा दे रही है.. किसान पहले से कर्ज में डूबा हुआ है.. फसल अच्छी हो या खराब, बिजली बिल तो भरना ही पड़ता है.. स्मार्ट मीटर से बिल और बढ़ेंगे.. छोटे किसान और मध्यम वर्ग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.. गढ़वी ने पूछा कि जब किसान मर रहा है.. तो भाजपा के नेता और उनके साथी मुनाफा कैसे कमा रहे हैं.. स्मार्ट मीटर लगाने के ठेके किन कंपनियों को दिए गए हैं.. क्या इनमें भाजपा के करीबियों का हाथ है.. गढ़वी ने सरकार से इन सवालों का जवाब मांगा..
गुजरात में कृषि बहुत महत्वपूर्ण है.. राज्य में कपास, गेहूं, जीरा, मूंगफली और दूध उत्पादन प्रमुख हैं.. लाखों किसान इन फसलों पर निर्भर हैं.. लेकिन किसानों की आय कम है.. बिजली बिल उनकी लागत का बड़ा हिस्सा है.. खेतों में ट्यूबवेल और पंप सेट चलाने के लिए बिजली जरूरी है.. अगर स्मार्ट मीटर से बिल बढ़े तो किसान और परेशान होंगे.. गढ़वी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनके खर्च बढ़ा रही है.. यह धोखा है..
AAP का दावा है कि दिल्ली और पंजाब में AAP सरकार ने बिजली बिल कम किए.. दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाती है.. पंजाब में भी किसानों को राहत दी गई है.. लेकिन गुजरात में भाजपा सरकार किसानों पर बोझ बढ़ा रही है.. गढ़वी ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले सरकार को किसानों से राय लेनी चाहिए थी.. जबरन लगाना गलत है..
आपको बता दें कि स्मार्ट मीटर विवाद पुराना है.. 2024 में वडोदरा में बड़े प्रदर्शन हुए.. लोग कह रहे थे कि मीटर लगने के बाद बिल बढ़ गए.. और रात में बिजली कट जाती है.. कुछ भाजपा विधायकों ने भी विरोध किया.. वडोदरा के सायाजीगंज से भाजपा विधायक कीयूर रोकड़िया ने MGVCL को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर लगाना रोकने को कहा.. और उन्होंने कहा कि पहले लोगों को जागरूक करें.. और शिकायतों का समाधान करें.. बाद में सरकार ने कुछ जगहों पर इंस्टॉलेशन रोक दिया.. और चेक मीटर लगाने का फैसला किया.. लेकिन अब फिर से स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी चल रही है..
इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा किसानों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है.. एक तरफ किसान सम्मान निधि.. और योजनाओं का प्रचार करती है.. दूसरी तरफ बिजली बिल बढ़ाकर किसान को परेशान करती है.. छोटे व्यापारी भी महंगे बिल से तंग हैं.. गढ़वी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के ठेके भाजपा के करीबियों को दिए गए हैं.. इससे किसान मर रहा है.. लेकिन मुनाफा कुछ लोगों को हो रहा है..



