बिहार में शराब पहुंचाने का नया खेल बेनकाब, मिर्ज़ापुर पुलिस ने खोला बड़ा राज

मिर्ज़ापुर पुलिस ने बिहार में हो रही अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। अहरौरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने 3 कारों से 1075 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद कर 3 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद माल की कीमत 75 लाख रुपये बताई जा रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार में अवैध शराब की तस्करी का खेल लगातार नए तरीके से फैलता जा रहा है। बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर अब सीमावर्ती इलाकों और कम निगरानी वाले रूट का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर शराब पहुंचाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में मिर्ज़ापुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय शराब तस्करी गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन कारों से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

संयुक्त पुलिस टीम ने ऐसे पकड़ी शराब की खेप

मंगलवार को मिर्ज़ापुर जिले के थाना अहरौरा क्षेत्र में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ वाहन अवैध शराब लेकर बिहार की ओर जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में थाना अहरौरा, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान शुरू किया। ग्राम हिनौता स्थित लखनीयादरी मार्ग के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान एक साथ आ रही तीन संदिग्ध कारों को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस ने वाहन संख्या BR01JH6716, JH01GK3675 और JH01FP4881 को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान तीनों वाहनों से कुल 1075 बोतल अलग-अलग ब्रांड की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक बरामद शराब और वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है।

बिहार के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • सूरज कुमार पुत्र विनोद कुमार, निवासी हितनपुर, थाना शाहपुर, पटना (बिहार)
  • आकाश कुमार पुत्र भगवान चौरसिया, निवासी दिघवारा, थाना दिघवारा, सारण (बिहार)
  • विकास कुमार पुत्र रामाशीष राव, निवासी अस्ता, थाना थरथरी, नालंदा (बिहार)

पुलिस अब इन आरोपियों के नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। आरोपियों ने बताया कि वे शराब की खेप को बिहार में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में थे। इसके लिए उन्होंने कारों की नंबर प्लेट तक बदल दी थी ताकि पुलिस को शक न हो। तस्करों ने शराब को वाहनों के भीतर छिपाकर रखा था और सीमावर्ती रूट से बिहार पहुंचाने की योजना बनाई थी। हालांकि अहरौरा पुलिस और एसओजी टीम की सतर्कता के चलते पूरा नेटवर्क पकड़ा गया।

बिहार शराबबंदी के बीच बढ़ रही तस्करी की चुनौती

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद यूपी-बिहार बॉर्डर से शराब तस्करी के कई मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में तस्करों ने नए रूट और तकनीक अपनानी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती जिलों में लगातार चेकिंग और सर्विलांस बढ़ाने की जरूरत है ताकि ऐसे नेटवर्क पर लगाम लगाई जा सके। मिर्ज़ापुर पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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