UAE में नौकरी के नियम बदले, अब कॉन्ट्रैक्ट के लिए लिखित सहमति जरूरी
UAE में कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए रोजगार नियमों में अहम बदलाव किया गया है... अब किसी भी नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव के लिए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः UAE में काम करने वाले लाखों भारतीयों.. और अन्य विदेशी कामगारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण.. और राहत देने वाली खबर सामने आई है.. अगर आप UAE में नौकरी करते हैं या आपका कोई परिवार का सदस्य वहां काम करता है.. तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है..
बता दें कि अब UAE में कोई भी कंपनी आपकी नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट में अपनी मर्जी से बदलाव नहीं कर सकेगी.. अगर कंपनी आपकी सैलरी, जॉब टाइटल, काम के घंटे, जॉब रोल या कॉन्ट्रैक्ट की किसी भी महत्वपूर्ण शर्त में बदलाव करना चाहती है.. तो सबसे पहले उसे आपकी लिखित सहमति लेनी होगी.. इतना ही नहीं, उस बदलाव को Ministry of Human Resources and Emiratisation यानी MOHRE की मंजूरी भी लेनी होगी.. बिना आपकी लिखित सहमति.. और MOHRE की मंजूरी के ऐसा कोई भी बदलाव कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा..
हाल ही में 6 जुलाई 2026 को MOHRE ने एक बार फिर सभी कंपनियों को याद दिलाया कि.. वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें.. यह कदम खास तौर पर प्रवासी कामगारों, विशेष रूप से भारतीय कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है.. दरअसल, यह पूरा मामला Federal Decree-Law No. 33 of 2021 के तहत आता है.. यही कानून UAE के प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों.. और नियोक्ताओं के बीच रोजगार संबंधों को नियंत्रित करता है.. इस कानून के अनुसार कोई भी नियोक्ता, यानी कंपनी, कर्मचारी की लिखित सहमति के बिना उसके कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव नहीं कर सकती.. अगर कोई कंपनी एकतरफा फैसला लेकर कॉन्ट्रैक्ट बदल देती है.. तो उस बदलाव की कोई कानूनी मान्यता नहीं होगी..
MOHRE ने स्पष्ट किया है कि सैलरी बढ़ाने या घटाने, पदनाम बदलने, काम की जगह बदलने.. ड्यूटी में बड़ा बदलाव करने या नौकरी की किसी भी महत्वपूर्ण शर्त को बदलने के लिए कर्मचारी की लिखित मंजूरी अनिवार्य होगी.. इसके साथ-साथ उस बदलाव को MOHRE के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, आधिकारिक वेबसाइट, स्मार्ट ऐप या Tasheel सेंटर के माध्यम से रजिस्टर कराना भी जरूरी होगा.. UAE में करोड़ों विदेशी कामगार काम करते हैं.. इनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है.. पहले कई बार ऐसी शिकायतें सामने आती थीं कि कुछ कंपनियां अपने फायदे के लिए कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट बदल देती थीं.. कहीं सैलरी कम कर दी जाती थी.. कहीं काम के घंटे बढ़ा दिए जाते थे.. तो कहीं बिना सहमति के जॉब प्रोफाइल बदल दिया जाता था.. ऐसे मामलों में कर्मचारी खुद को असहाय महसूस करते थे..
लेकिन अब यह नया नियम पारदर्शिता को बढ़ावा देगा.. इससे कंपनी और कर्मचारी, दोनों के बीच भरोसा मजबूत होगा.. MOHRE के अधिकारियों का कहना है कि यह नियम कर्मचारियों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है.. अगर कोई बदलाव कर्मचारी के बुनियादी अधिकारों को कम करता है.. तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.. हालांकि, अगर बदलाव कर्मचारी के हित में है, जैसे सैलरी बढ़ाना.. बेहतर पद देना या अतिरिक्त सुविधाएं देना.. तो ऐसे बदलाव मान्य हो सकते हैं..
वहीं अब इस पूरी प्रक्रिया को भी काफी आसान और पारदर्शी बना दिया गया है.. अगर कंपनी किसी कर्मचारी के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव करना चाहती है.. तो सबसे पहले कर्मचारी से लिखित सहमति लेनी होगी.. यह सहमति ईमेल, पत्र या MOHRE पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है.. इसके बाद दोनों पक्ष MOHRE के सिस्टम पर बदलाव की जानकारी अपडेट करेंगे.. Tasheel सेंटर या MOHRE ऐप के जरिए जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे.. जब तक MOHRE उस बदलाव को मंजूरी नहीं देता.. तब तक नया कॉन्ट्रैक्ट लागू नहीं माना जाएगा.. इस प्रक्रिया के बिना किया गया कोई भी लिखित या मौखिक समझौता कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा..
यह नियम भारतीयों सहित सभी प्रवासी कामगारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.. UAE में लाखों भारतीय निर्माण, आईटी, स्वास्थ्य, होटल, परिवहन और अन्य कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.. अब वे अपनी नौकरी की शर्तों की बेहतर तरीके से सुरक्षा कर सकेंगे.. अगर कोई कंपनी जबरदस्ती कॉन्ट्रैक्ट बदलने की कोशिश करती है.. तो कर्मचारी सीधे MOHRE में शिकायत दर्ज करा सकता है.. MOHRE ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा करता है..
पहले कई कंपनियां प्रोबेशन पीरियड के दौरान या उसके बाद कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ा देती थीं.. या अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंप देती थीं.. लेकिन अब ऐसा करने के लिए भी कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी होगी.. इसी तरह ओवरटाइम, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं में भी बिना मंजूरी के कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा..
दूसरी तरफ कंपनियों के लिए भी इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.. हर बदलाव का दस्तावेजी रिकॉर्ड रखना होगा.. MOHRE समय-समय पर कंपनियों का ऑडिट भी करता है.. अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है.. तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है.. गंभीर मामलों में कंपनी का लाइसेंस भी प्रभावित हो सकता है.. हालांकि यह नियम कंपनियों के लिए भी फायदेमंद है.. क्योंकि लिखित सहमति होने से भविष्य में विवाद की संभावना काफी कम हो जाएगी..
UAE में सबसे ज्यादा भारतीय कामगार हैं.. कई छोटी कंपनियों में अब तक इन नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी.. ऐसे में MOHRE द्वारा जारी यह नया रिमाइंडर जागरूकता बढ़ाने का काम करेगा.. भारतीय दूतावास और काउंसलेट भी लगातार कामगारों को जागरूक कर रहे हैं.. उनकी सलाह है कि किसी भी कॉन्ट्रैक्ट बदलाव पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें.. हमेशा लिखित सहमति दें और यह सुनिश्चित करें कि बदलाव MOHRE में रजिस्टर भी हुआ हो..
Federal Decree-Law No. 33 of 2021 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं.. इसमें साफ कहा गया है कि कर्मचारी को मूल कॉन्ट्रैक्ट से अलग काम उसकी लिखित सहमति के बिना नहीं सौंपा जा सकता.. सैलरी और अन्य लाभ भी मूल समझौते के अनुसार ही दिए जाएंगे.. इस कानून में प्रोबेशन पीरियड, नोटिस पीरियड, छुट्टियां, ओवरटाइम.. और नौकरी समाप्त करने के नियम भी स्पष्ट रूप से तय किए गए हैं.. अगर कोई बदलाव कर्मचारी के बुनियादी अधिकारों को प्रभावित करता है.. तो वह तभी मान्य होगा जब कर्मचारी उसे अपनी इच्छा से स्वीकार करे और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए..



