कानपुर में धमाकों से दहला इलाका! गत्ता फैक्ट्री में आग के बाद फटे सिलेंडर
कानपुर के साकेत नगर में रिहायशी इलाके में चल रही गत्ता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। सिलेंडर ब्लास्ट से आसपास के घरों की दीवारें चटक गईं। दमकल की 20 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र स्थित साकेत नगर में शुक्रवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिहायशी इलाके में चल रही एक गत्ता फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में आसमान धुएं और आग की लपटों से भर गया। इलाके में लगातार हो रहे सिलेंडर धमाकों से लोगों में दहशत फैल गई और आसपास के घरों की दीवारें तक हिल गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की करीब 20 गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
एक के बाद एक फटे सिलेंडर, दहल उठा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग फैक्ट्री के अंदर तेजी से फैल गई और वहां रखे कमर्शियल सिलेंडर इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते 6 कमर्शियल सिलेंडर जोरदार धमाकों के साथ फट गए। धमाके इतने तेज थे कि आसपास के कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए। पड़ोस में बने एक फ्लैट की दीवार में बड़ा छेद हो गया, जिससे इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज कई सौ मीटर दूर तक सुनाई दी। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए।
छतों की टंकियां और AC आउटडोर भी जले
आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि आसपास के मकानों की छतों पर रखी पानी की टंकियां और एयर कंडीशनर के आउटडोर यूनिट भी जलकर खाक हो गए। फैक्ट्री के आसपास रहने वाले परिवारों में काफी दहशत देखी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में इस तरह की फैक्ट्री चलने से पहले भी कई बार खतरे की आशंका जताई गई थी।
जांच में जुटी पुलिस और फायर विभाग
घटना के बाद पुलिस और फायर अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर से 6 कमर्शियल और 5 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फायर विभाग शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के फैक्ट्री संचालन बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। स्थानीय पार्षद पति विजय कुमार और क्षेत्रीय निवासी विभा ने भी घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बड़ा हादसा टला
गनीमत रही कि समय रहते दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। जिस इलाके में आग लगी, वहां घनी आबादी होने के कारण किसी बड़े जनहानि का खतरा बना हुआ था। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
यह भी पढ़ें: मीरजापुर: मड़वा धनावल और करनपुर जंगल में आग से मचा हड़कंप, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल



