छात्रों के समर्थन में उतरे केजरीवाल, कहा- मुश्किल वक्त में खुद को अकेला मत समझो
अरविंद केजरीवाल ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि मेरी आपसे विनती है कि इतना कठोर कदम मत उठाइए. मैं आपकी चिंता और घबराहट को समझ रहा हूं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अरविंद केजरीवाल ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि मेरी आपसे विनती है कि इतना कठोर कदम मत उठाइए. मैं आपकी चिंता और घबराहट को समझ रहा हूं. मैंने भी आईआईटी और यूपीएससी के एग्जाम दिए थे. हम कितने तनाव के अंदर एग्जाम देते हैं, और अगर ऐसे में पेपर रद्द हो जाए तो दुख होता है.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट परीक्षा रद्द होने से परेशान छात्रों को तनाव से बाहर निकालने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने को लेकर की बड़ी पहल की है. रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा कर कहा कि हम आपके साथ हैं. अगर आप तनाव में हैं तो आप अपनी भावनाएं और सुझाव मेरे साथ साझा करें. आप मेरे सोशल मीडिया हैंडल पर कमेंट सेक्शन या डायरेक्ट मैसेज करके मुझे अपने सुझाव और अपनी भावनाएं भेज सकते हैं.
उन्होंने कहा, मैं समझ सकता हूं कि पेपर लीक होने पर क्या गुजरती है, लेकिन आत्महत्या जैसा कठोर कदम इसका समाधान नहीं है. मैं हमेशा आपके संपर्क में रहूंगा. हम सभी को मिलकर पेपर लीक के मुद्दे का समाधान निकालना होगा.
Dear NEET students,
Share your feelings and suggestions with me in comments or DM.
We’re with you. pic.twitter.com/bL15MPLPFS
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 17, 2026
डिप्रेशन और स्ट्रेस में कई बच्चे
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी चारों तरफ से रिपोर्ट आ रही हैं. बहुत सारे बच्चों के संदेश आए हैं और फोन कॉल आ रहे हैं कि नीट एग्जाम कैंसिल होने की वजह से कई बच्चे डिप्रेशन और स्ट्रेस में हैं. अभी चार बच्चों के सुसाइड की भी खबर आई है. गोवा में एक बच्चे ने सुसाइड कर लिया. मैं उसके घर भी गया था. इसी तरह सीकर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में भी बच्चों ने सुसाइड कर लिया.
इतना कठोर कदम मत उठाइए’
अरविंद केजरीवाल ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि मेरी सभी बच्चों से विनती है कि इतना कठोर कदम मत उठाइए. मैं आपकी चिंता और घबराहट को समझ रहा हूं. मैंने भी आईआईटी और यूपीएससी के एग्जाम दिए थे. हम कितने तनाव के अंदर एग्जाम देते हैं, तैयारी करते हैं, पेपर देकर आते हैं और अगर ऐसे में पेपर रद्द हो जाए तो दुख होता है. मैं यह सोच रहा था कि अगर मेरे समय में पेपर कैंसिल हो जाता तो मुझ पर क्या गुजरती? लेकिन सुसाइड करना या इतना कठोर कदम उठाना, इसका समाधान नहीं है. हमें मिलकर इसका समाधान निकालना है.
‘अपनी भावना मेरे साथ शेयर कीजिए’
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सबसे पहले तो मैं सभी बच्चों से विनती करना चाहता हूं कि अगर आप डिप्रेशन में हैं, तो आप अपनी भावना मेरे साथ शेयर कीजिए. आप कमेंट सेक्शन में या डायरेक्ट मैसेज (DM) करके मेरे साथ अपनी भावनाएं साझा कर सकते हैं.
मैं आपसे संपर्क करूंगा और हम मिलकर इसका समाधान निकालेंगे. आप सब पढ़े-लिखे और समझदार लोग हैं. नीट को कैसे ठीक करना है, इसका समाधान हम मिलकर निकालेंगे. आपने भी इसके बारे में कुछ सोचा होगा, इसलिए आप अपने सुझाव भी मुझे भेजिए. हम मिलकर इसका समाधान करते हैं.



