केजरीवाल का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, ‘कॉकरोच आंदोलन’ पर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री के बर्खास्तगी की मांग
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए 'कॉकरोच आंदोलन' को युवाओं की आवाज बताया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार 6 जून को एक अनोखा.. और जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला.. कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से मशहूर इस युवा आंदोलन ने परीक्षा घोटालों.. और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज बुलंद की.. जहां हजारों युवा, छात्र-छात्राएं और अभिभावक कॉकरोच के मुखौटे पहनकर पहुंचे.. हाथों में फूल लेकर उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी की.. इस प्रदर्शन पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी.. उन्होंने इसे युवाओं के गुस्से और हताशा की अभिव्यक्ति बताया.. और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की..
प्रदर्शन के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली.. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी.. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हुए.. प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया.. जो अमेरिका से विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे.. उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी मौजूद रहे.. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा, CBSE बोर्ड, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए..
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा कि कॉकरोच आंदोलन देश के युवाओं के भारी गुस्से और हताशा की अभिव्यक्ति है.. मोदी सरकार को इन्हें राष्ट्रविरोधी करार देने के बजाय इनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.. आम आदमी पार्टी इनकी मांगों का समर्थन करती है.. प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए.. केजरीवाल का यह बयान प्रदर्शन के दौरान आया.. और युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया.. उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से त्रस्त हैं.. सरकार की नीतियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है.. केजरीवाल ने युवाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहें..
आपको बता दें कि प्रदर्शन सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा.. इसमें भाग लेने वालों में ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के छात्र और युवा पेशेवर शामिल थे.. कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचे थे.. प्रदर्शन की सबसे आकर्षक बात कॉकरोच के मुखौटे थे.. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद उन्होंने इस नाम को अपनाया है.. उनका कहना है कि कॉकरोच डरते नहीं हैं, मरते नहीं हैं.. यानी युवा कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, संघर्ष करते रहेंगे..
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में सड़न घुस चुकी है.. NEET 2026 का पेपर लीक हो गया.. जिससे लाखों छात्रों का साल बर्बाद हुआ.. CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ियां सामने आईं.. CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं.. और उन्होंने शिक्षा मंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया.. और कहा कि जवाबदेही तय होनी चाहिए..
प्रदर्शनकारियों ने फूल देकर पुलिसकर्मियों का अभिवादन किया.. उन्होंने इसे करुणा, सम्मान और अहिंसक विरोध का प्रतीक बताया.. पूरे प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बना रहा.. कहीं भी हिंसा या तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई.. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आज के समय में युवा सबसे अधिक परेशान हैं.. प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होना आम बात बनता जा रहा है.. कोचिंग संस्थान महंगे हैं, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं है.. लाखों छात्र साल भर मेहनत करते हैं.. लेकिन एक घोटाला उनके भविष्य को खतरे में डाल देता है.. बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है.. और सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाएं लंबी तथा संदिग्ध होती जा रही हैं..
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत कुछ समय पहले सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी.. इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं.. देखते ही देखते यह अभियान युवाओं के बीच वायरल हो गया.. और लाखों लोग इससे जुड़ गए.. वहीं अब यह आंदोलन ऑनलाइन दायरे से निकलकर जमीनी स्तर पर भी सक्रिय हो रहा है.. जंतर-मंतर का प्रदर्शन इसका पहला बड़ा ऑफलाइन कार्यक्रम माना जा रहा है.. CJP का कहना है कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है.. वे केवल शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.. हालांकि, कई विपक्षी दलों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है..
देश में शिक्षा क्षेत्र कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है.. NEET, CUET जैसी परीक्षाओं का दायरा लगातार बढ़ा है.. लेकिन पारदर्शिता को लेकर सवाल भी बढ़े हैं.. पेपर लीक, ग्रेस मार्किंग, गलत मूल्यांकन.. और परीक्षा प्रबंधन में खामियों जैसी खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं.. छात्रों का कहना है कि NTA और CBSE जैसी संस्थाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता है.. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.. और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.. उनका यह भी कहना है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए ताकि नई शुरुआत हो सके..
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी.. जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात किए गए.. वहीं जब अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली पहुंचे.. तो समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया.. केजरीवाल के अलावा अन्य विपक्षी नेताओं ने भी युवाओं के इस आंदोलन का समर्थन किया.. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए.. वहीं भाजपा का कहना है कि परीक्षाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.. कुछ लोगों ने CJP को राजनीतिक साजिश बताया.. लेकिन प्रदर्शन में शामिल युवाओं का गुस्सा साफ दिखाई दिया..



