मोदी नफरत की राजनीति पर फलते-फूलते हैं: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2०26 की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस बार राज्य में कल्याण, रोजगार और सुधार का मॉडल पेश करते हुए खुद को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के मजबूत विकल्प के रूप में खड़ा किया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह ‘‘समुदायों के बीच नफरत और विभाजन की राजनीति पर फलते-फूलते हैं’’ और ‘धार्मिक ध्रुवीकरण के आधार पर बंगाल में सत्ता हासिल करना चाहते हैं।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए खरगे ने कहा कि मतदाताओं के पास तीन विकल्प हैं-तृणमूल कांग्रेस का भ्रष्टाचार आधारित प्रशासन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति तथा कांग्रेस का कल्याण, रोजगार और सुधार केंद्रित मॉडल। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी समुदायों के बीच नफरत और विभाजन को बढ़ावा देते हैं। वह ध्रुवीकरण के आधार पर सत्ता हथियाना चाहते हैं। लोगों को अल्पकालिक राजनीति और दीर्घकालिक प्रगति में से किसी एक को चुनना होगा।’’ खरगे ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पश्चिम बंगाल में 15 साल सत्ता में रहने के बावजूद राज्य में विकासात्मक बदलाव लाने में विफल रही। उन्होंने कहा कि (तृणमूल शासन में) न तो राज्य के पास स्थिति को बदलने की कोई योजना है और न ही भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने खोखली बातों के अलावा इस बारे में कुछ किया है।

भाजपा रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने और राष्ट्रगान को मिटाने की कोशिश कर रही : जयराम

राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बीरेन नाग के निर्देशन में बनी 1962 में प्रदर्शित फिल्म बीस साल बाद का जिक्र किया। रमेश ने कहा, ‘‘फिल्म बीस साल बाद की तरह हम बंगाल में 2००6 के बाद 26 में अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। यह हमारी पार्टी, हमारे कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता के लिए एक नयी ऊर्जा का स्रोत है। कांग्रेस को यहां नयी ऊर्जा मिली है।’’ तीन महीने पहले संसद में वंदे मातरम पर हुई बहस का जिक्र करते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने और राष्ट्रगान को मिटाने की कोशिश कर रही है। रमेश ने कहा,‘‘भाजपा का इरादा बंकिम बाबू के कंधों पर बंदूक रखकर टैगोर को निशाना बनाना था। सच्चाई यह है कि 1937 में कोलकाता में हुए कांग्रेस अधिवेशन में गांधी, नेहरू, बोस और कांग्रेस के अन्य शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में टैगोर ने राष्ट्रगान को अपनाने के तरीके पर निर्णय लेने में मदद की थी। यह भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का नया रूप है।

बंगाल को अब विकास का मॉडल चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, भाजपा बंगाल की अर्थव्यवस्था की बात कभी नहीं करती। वह सिर्फ ध्रुवीकरण की बात करती है, जिसके इर्द-गिर्द उसकी राजनीति घूमती है। वह रोजगार सृजन, उद्योगों के पुनरुद्धार या युवाओं के लिए किसी भी तरह की योजना पर कोई स्पष्टता नहीं देती। वह अलगाव, नफरत और डर के फॉर्मूले पर टिकी है। उन्होंने भाजपा पर धमकी की राजनीति करने का आरोप लगाया। खरगे ने महिलाओं को दो हजार रुपये का मासिक अनुदान और किसानों को 15००० रुपये का वार्षिक अनुदान देने का वादा किया। उन्होंने राज्य के प्रत्येक परिवार के लिए 1० लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा, युवाओं के लिए रोजगार और सभी जिलों में कृत्रिम मेधा (एआई) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की बात कही।

खरगे के अपमान पर सियासी संग्राम

प्रियंका व राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस्तेमाल की गई भाषा बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे इस अपमान का समर्थन करते हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सरमा ने खरगे की इस मांग के जवाब में उनकी आलोचना की कि बुढ़ापे के कारण वे पागल की तरह बोल रहे हैं। गांधी ने हिंदी में एक पोस्ट में कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक और निंदनीय भाषा बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि खरगे देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और न केवल कांग्रेस बल्कि दलितों और हाशिए पर पड़े समुदायों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका अपमान करके भाजपा के मुख्यमंत्री ने देशभर के करोड़ों लोगों का अपमान किया है।

तीन राज्यों में थमा चुनावी शोर

9 को अब जनता करेगी अपना फैसला
असम, केरल और पुडुचेरी वोटिंग को तैयार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार आज शाम समाप्त खत्म हो गया। असम में 126, केरल में 14० और पुडुचेरी में 3० सीटों पर मतदान गुरुवार को एक ही चरण में होगा। कल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के बारपेटा, होजाई और डिब्रूगढ़ में जनसभाएं कीं। मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
उन्होंने दोहराया कि राज्य के प्रत्येक जिले और क्षेत्र का विकास उनकी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में असम में शांति और समृद्धि रही है। राज्य में सत्ताधारी पार्टी ने दावा किया कि उसने चाय बागान में काम करने वालों को ज़मीन के मालिकाना हक दिए, महिलाओं के लिए सशक्तीकरण योजनाएं लाई गईं, लड़कियों को वित्तीय मदद दी, और बाल विवाह में 84 प्रतिशत की कमी लाई। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि राज्य में बहुविवाह को रोकने के लिए समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। विपक्षी कांग्रेस और उसके गठबंधन के साथियों ने भाजपा पर नफऱत की राजनीति करने, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने, खासकर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के, और गायक जुबिन गर्ग को न्याय दिलाने के लिए गंभीर न होने का आरोप लगाया है। पुडुचेरी में चुनाव प्रचार की गहमागहमी छाई रही, जहां प्रमुख नेताओं ने केंद्र शासित प्रदेश भर में रैलियों और जनसभाओं को संबोधित किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और डीएमके नेता तथा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन दिन भर चले जोरदार चुनाव प्रचार में अग्रणी रहे। केरलम में भी चुनाव प्रचार उतना ही जीवंत रहा, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य भर में सभाएं और रोड शो आयोजित किए। चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए वोटों की गिनती अगले महीने की 4 तारीख को होगी।
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इस महीने हो रहे पांच विधानसभा चुनावों के लिए नौ अप्रैल की सुबह सात बजे से 29 अप्रैल की शाम 6.3० बजे तक एग्जिट पोल का प्रसारण नहीं किया जा सकता है। उसने यह चेतावनी भी दी है कि इस अवधि में एग्जिट पोल आयोजित करना या प्रसारित करना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 ए का उल्लंघन है और दो साल तक की कैद, या जुर्माना या दोनों दंड दिया जा सकता है। केरल, असम और पुडुचेरी में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव होंगे, वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को चुनावी प्रक्रिया होगी। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे। केरल और पुडुचेरी में मंगलवार शाम छह बजे और असम में पांच बजे से चुनाव प्रचार थम जाएगा। आमतौर पर मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होता है, लेकिन इलाके और सुरक्षा स्थिति के कारण समय अलग-अलग हो सकता है।

हफ्तेभर में बिहार में नई सरकार का गठन

नीतीश कुमार सीएम पद से 14 को इस्तीफा देंगे

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार में नई सरकार का गठन एक हफ्ते में हो सकता है। इससे पूर्व 1०अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे। 14 अप्रैल को वे इस्तीफा देंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है।
मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अगले दिन राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद 11 अप्रैल को वे पटना लौट जाएंगे। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया होगी। इधर बताया जा रहा है कि राज्यसभा के लिए उस दिन केवल नीतीश कुमार ही शपथ लेंगे। बिहार से निर्वाचित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर व राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का शपथ 16 अप्रैल को होगा। 11 अप्रैल को नीतीश कुमार के पटना लौटने पर एनडीए विधानमंडल दल की बैठक की संभावना भी है। इसमें वे पद छोडऩे की जानकारी देंगे। इसके बाद सीएम पद से इस्तीफा का पत्र राज्यपाल को सौंपेंगे। इस बीच बुधवार 8 अप्रैल को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक की चर्चा भी चल रही है। इसमें अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद है। नीतीश कुमार पूर्व में ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल और भारत निर्वाचन आयोग के बीच बुधवार को हुई बैठक तनावपूर्ण हो गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की खबरें आईं। सूत्रों के अनुसार, चर्चा जल्द ही गरमागरम बहस में बदल गई।
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कथित तौर पर बैठक के दौरान चिल्लाकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जवाब न देने के लिए कहा। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने बार-बार पत्र भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नौ पत्र भेजे और छह उदाहरण दिए, लेकिन उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला।सूत्रों के अनुसार, टीएमसी नेताओं ने कहा कि हम इन मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए थे, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने आयोग पर अपनी चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। ओ ब्रायन ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि बैठक के सात मिनट के भीतर ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने हमसे क्या कहा, चले जाओ।
हम संसद में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। सूत्रों ने आगे दावा किया कि बैठक सात मिनट के भीतर ही समाप्त कर दी गई, और अधिकारियों ने कथित तौर पर प्रतिनिधिमंडल को बैठक छोडऩे के लिए कहा। टीएमसी नेताओं ने इस बातचीत को अपमानजनक बताया और कहा कि यह संस्था के कामकाज पर बुरा असर डालती है। यह टकराव एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बीच हुआ है, जिसमें संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग वाले नोटिस कथित तौर पर प्रस्तुत किए गए हैं। बैठक के बाद, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि नेता जल्द ही दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों द्वारा संविधान क्लब में शाम 5बजे एक संयुक्त ब्रीफिंग निर्धारित है। हालांकि, आयोग के सूत्रों ने बताया कि जब टीएमसी सांसद ने अपनी आवाज ऊंची की, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे आयोग कक्ष में मर्यादा बनाए रखने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि चिल्लाना और अभद्र व्यवहार उचित नहीं है। इससे पहले एक्स पर एक पोस्ट में आयोग ने कहा था कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव डर और हिंसा से मुक्त कराए जाएंगे। आयोग ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को चुनाव आयोग का सीधा संदेश: इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त, प्रलोभनमुक्त और बिना छापेमारी, बूथ जामिंग या स्रोत जामिंग के होंगे।

ईरान में सीजफायर के बाद भारत ने जारी की एडवाइजरी

नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोडऩे की सलाह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तेहरान। पश्चिम एशिया में एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी युद्ध के बाद ईरान और अमेरिका ने सीजफायर की घोषणा की है। इसी बीच तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने आज यानी आठ अप्रैल को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
दूतावास ने हालातों को देखते हुए वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोडऩे की सलाह दी गई है। यह सूचना सात अप्रैल को जारी हुई पिछली एडवाइजरी, जिसमें लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई थी उसी का ही अगला हिस्सा है। दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिक दूतावास के अधिकारियों के साथ संपर्क करें और उनके बताए सुरक्षित रास्तों से ही ईरान से बाहर निकलें। दूतावास ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी भारतीय नागरिक बिना सलाह लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करे। किसी भी सीमा पर जाने से पहले दूतावास से तालमेल बिठाना अनिवार्य है। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दूतावास ने चार इमरजेंसी हेलपलाइन नंबर जारी किए हैं।
ये नंबर +9891281०9115, +9891281०91०2, +9891281०91०9 और +989932179359 हैं। इसके अलावा लोग अपनी समस्या या जानकारी के ईमेल भी कर सकते हैं। ईरान में हो रहे नए बदलावों और सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। सरकार चाहती है कि सभी भारतीय सुरक्षित तरीके से अपने वतन वापस लौट आएं।

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