यूपी में कानून-व्यवस्था चरमराई

कानपुर देहात में देवरिया जैसी खूनी वारदात

लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से परिवार पर हमला, एक की मौत और पांच घायल

4 पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कानपुर। यूपी में अपराध कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सीएम योगी की सारी मेहनत के बाद भी प्रदेश की पुलिस राज्य की कानून व्यवस्था को संभाल नहीं पा रही है। अभी देवरिया की जघन्य हत्याकांड की सुर्खियां खत्म भी नहीं हुई कि कानपुर देहात में भी देवरिया जैसी घटना सामने आ गई है। यहां जमीनी विवाद को लेकर गजनेर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक पक्ष ने लाठी, डंडों और कुल्हाड़ी से परिवार पर हमला कर दिया। इसमें छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान एक वृद्ध की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरू की है। गजनेर थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर निनायां निवासी रामवीर विश्वकर्मा को सरकारी आवास मिला था। गांव में एक जमीन पर उसने आवास निर्माण के लिए सामग्री उतरवाई थी। इसी जगह पर गांव के मोहन शुक्ला ने गुरुवार शाम लोडर खड़ा कर जमीन को अपना बताना शुरू कर दिया। शाम को विवाद के बाद मामला शांत हो गया। रात ११ बजे के करीब मोहन शुक्ला व उसके परिवार के लोगों ने चारपाई डालकर सो रहे रामवीर पर हमला कर दिया। मारपीट की जानकारी पर रामवीर के बड़े भाई सत्यनारायण व परिजन पहुंचे। बीच बचाव करने में हमलावरों ने सत्यनारायण, रामवीर की पत्नी मधु, बेटी काजल, बेटे बीनू, सोनू को लाठी डंडों व कुल्हाड़़ी से हमलाकर घायल कर दिया। चीखपुकार सुन गांव के लोग पहुंचे, तो हमलावर मौके से भाग निकले। परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर घायलों को इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां शुक्रवार तडक़े सत्यनारायण (७०) की मौत हो गई। जमीनीं विवाद को लेकर हत्या किए जाने की जाने की जानकारी पर एसपी बीबीटीजीएस मूर्ति, एएसपी राजेश पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। गांव से कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

लोडर खड़ा करने को लेकर हुआ था विवाद

एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि जिस जगह पर रामवीर आवास बनवाने के लिए निर्माण सामग्री डाल रखी थी। उसी जगह पर लोडर खड़ा करने को लेकर मोहन शुक्ला से विवाद हुआ। मारपीट में सत्यनाराण की मौत हुई है। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

नशा करके आए थे हमलावर

पुलिस जांच में पता चला है कि रामवीर से विवाद करने पहुंचे लोग नशे की हालत में थे। गांव के कुछ लोगों ने विवाद करने से मना किया। मगर कुछ देर बाद एकजुट होकर पहुंचे लोगों ने हमला कर परिवार के छह लोगों को मरणासन्न कर दिया। एसपी ने हमलावरों की नशे की हालत में होने की बात कही है। एसपी ने बताया कि रामवीर की हालत नाजुक है, जबकि बेटा व एक बेटी गंभीर रूप से घायल है।

देवरिया हत्याकांड में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट तमंचों व धारदार हथियार से किए गए थे वार

देवरिया जिले में फतेहपुर के लेड़हा टोले में सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों की हत्या गोली मारकर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो को राइफल और एक को तमंचों से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारा गया था। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्यों की हत्या धारदार हथियार से वार कर की गई थी। अब पुलिस के लिए हत्याकांड में प्रयुक्त असलहों की बरामदगी चुनौती बनी हुई है। इन असलहों की बरामदगी और उनकी बैलेस्टिक रिपोर्ट आरोपियों को दोष सिद्ध करने में अहम कड़ी साबित होगी। वहीं, इनसे घटना में और लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की पत्नी शीला के अनुसार, घटना के दिन सुबह किसी का फोन आने पर पति बाइक से निकले थे। वहीं, घटनास्थल से सत्यप्रकाश दूबे और उनके परिजनों के मोबाइल भी बरामद नहीं किए जा सके हैं।बताया जा रहा है कि दरवाजे पर प्रेम यादव की मौत के बाद सत्यप्रकाश दूबे के परिजनों ने पुलिस और सगे संबंधियों को घटना की सूचना दी थी। इसके कुछ देर बाद ही आक्रोशित भीड़ सत्यप्रकाश के दरवाजे पर पहुंच गई और पांच लोगों की हत्या कर दी गई।

मुंबई: बिल्डिंग में लगी आग, दो बच्चों समेत सात की मौत

4 पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। मुंबई के गोरेगांव इलाके में शुक्रवार तडक़े एक आवासीय इमारत में आग लगने से दो बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि आग जय भवानी भवन में तडक़े तीन बजे लगी। सात मंजिला यह इमारत गोरेगांव पश्चिम के आजाद नगर इलाके में स्थित है। अधिकारी ने कहा कि आग से प्रभावित लोगों को जोगेश्वरी में एक ट्रॉमा सेंटर में और जुहू के कूपर अस्पताल ले जाया गया। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि दो बच्चों और दो महिलाओं सहित 7 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का दोनों अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में करीब चार घंटे लगे।

घायलों को पूरी मदद मिलेगी : फडणवीस

गोरेगांव, मुंबई में आग लगने की घटना में जानमाल के नुकसान के बारे में जानकर दुख हुआ। हम बीएमसी और मुंबई पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हैं और सभी सहायता प्रदान की जा रही है। उन परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

अमृतसर: दवा की फैक्ट्री में आग से महिला समेत चार कर्मचारी जिंदा जले

अमृतसर। अमृतसर में मजीठा रोड स्थित क्वालिटी फार्मास्युटिकल फैक्टरी में गुरुवार को आग लग गई। फार्मास्युटिकल फैक्टरी में हुई आगजनी की घटना में एक किशोर और एक महिला समेत चार कर्मियों की मौत हो गई। वहीं फैक्टरी में आग लगते ही हडक़ंप मच गया। अंदर काम करने वाले कर्मचारियों को जहां से रास्ता मिला, वहां से बाहर निकल गए। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने करीब आधा दर्जन गाड़ियों की मदद से देर रात आग पर काबू पाया। इसके बाद आग में फंस कर मौत का शिकार हो चुके किशोर कुलविंदर सिंह, रानी, सुखजीत सिंह तथा गुरभेज सिंह के शव बाहर निकाले गए। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

आक्रोश

अपनी कई मांगों को लेकर एकेटीयू छात्रों ने विधानसभा गेट नंबर-8 के पास प्रदर्शन किया। जिन्हें बाद में पुलिस ने बस में बिठाकर रमाबाई स्थल भेज दिया।

एक बूंद रक्त से एक नहीं कई जान बचाई जा सकती हैं: सीएम योगी

ब्लड डोनेशन के लिए ट्रांसकॉन मील का पत्थर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सीएम योगी ने शुक्रवार को लखनऊ में इंडियन सोसायटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनोहिमैटोलॉजी की ४८वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस-2023 का शुभारंभ किया। करीब डेढ़ दशक बाद राजधानी में हो रहा इस वर्कशॉप में देशभर से २250 से ज्यादा टॉप डॉक्टर्स शामिल हो रहे हैं।
इस दौरान सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ब्लड डोनेशन की पहल के लिए यह ट्रांसकॉन मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ब्लड ट्रांसफ्यूजन के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि करीब 2 दशक पहले तक एक यूनिट ब्लड से सिर्फ एक मरीज को फायदा मिलता था। आज एक यूनिट ब्लड से अलग-अलग कम्पोनेंट निकाल कर कई जिंदगियां बचाई जा रही हैं। ब्लड डोनेशन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में प्रतिदिन डेढ़ करोड़ यूनिट ब्लड की मांग है। इस सापेक्ष ब्लड बैंक में करीब 25 लाख यूनिट मौजूद है। इसलिए इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि काल के शुरुआत में उत्तर प्रदेश में कोविड संबंधी कोई बेड ही नहीं था। पर बाद में प्रयासों की बदौलत फ्रंटलाइन वर्कर्स ने बढ़ चढक़र कार्य किया, परिणाम स्वरूप हमने उत्तर प्रदेश में मृत्यु दर न्यूनतम रखने में सफल रहे। कोविड काल खंड में अगर यूएस से तुलना करें तो भारत में संक्रमण दर कम थी और मृत्यु दर भी कम थी, इससे जागरूकता,और प्रबंधन दोनों का पता चलता है। केजीएमयू देश के पुराने चिकित्सा संस्थानों में से एक है, यहां की प्रतिदिन की ओपीडी ही दुनिया के कई देशों की आबादी होगी, इन्हें स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाना भी बड़ी चुनौती होती है। इस तरह के सेमिनार से लोगों में अवेयरनेस बढ़ेगा।

स्कूलों में हो सेमिनार

सीएम ने कहा कि ब्लड डोनेशन के लिए गांव, शहर स्कूलों मे सेमिनार होने चाहिए, आज जब ये ट्रांसकॉन हो रहा है। इसी के साथ प्रदेश में सेवा पखवाड़ा भी सम्पन्न हो रहा है। इस सेवा पखवाड़ा में एक कार्यक्रम ब्लड डोनेशन कैम्प का भी था। केवल इसी कार्यक्रम के माध्यम से ही प्रदेश भर में करीब तीस हजार यूनिट ब्लड डोनेट करवाकर और उन्हे संरक्षित किया गया। सीएम ने डेलिगेट्स से लखनऊ से डेढ़ किलोमीटर दूर अयोध्या घूमने की भी बात कही।

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