मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, TVK विधायक की विधानसभा एंट्री पर रोक

मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक आर सीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने पर रोक दिया है. कोर्ट ने यह आदेश तिरुप्पत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और DMK के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन की याचिका पर दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक आर सीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने पर रोक दिया है. कोर्ट ने यह आदेश तिरुप्पत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और DMK के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन की याचिका पर दिया है. चुनाव में सेतुपति ने पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था.

मद्रास हाईकोर्ट से तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में एक वोट से जीत हासिल करने वाले तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति को झटका लगा है. कोर्ट ने तिरुप्पत्तूर से विधायक सेतुपति को मंगलवार (12 मई) को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है. कोर्ट ने यह आदेश तिरुप्पत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन की याचिका पर दिया है.

दरअसल तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले श्रीनिवास सेतुपति ने बेहद करीबी मुकाबले में सिर्फ एक वोट से जीत दर्ज की थी. उन्हें कुल 83,365 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी डीएमके उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे. इस बेहद मामूली अंतर ने चुनाव परिणाम को लेकर विवाद खड़ा कर दिया.

पेरियाकरुप्पन ने चुनाव के परिणाम को दी चुनौती
चुनाव हारने वाले डीएमके नेता केआर पेरियाकरुप्पन ने चुनाव के परिणाम को चुनौती दी थी. कोर्ट में याचिका दाखिल कर उन्होंने आरोप लगाया कि एक पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी की गई, जिसकी वजह से TVK उम्मीदवार को जीत मिली. उनका दावा है कि तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या 185 के लिए डाला गया एक वोट गलत तरीके से वेल्लोर जिले के तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या 50 में जोड़ दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, इसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया.

हाई कोर्ट ने दिया रोक का आदेश
इधर जस्जिट विक्टोरिया गौरी और जस्जिट सेंथिलकुमार की बेंच ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और सेतुपति को अगले आदेश तक सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि श्रीनिवास सेतुपति फिलहाल विधानसभा की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

चुनाव आयोग ने क्या कहा
वहीं चुनाव आयोग ने इस मसले पर कहा है कि चुनाव के परिणाण आने के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनाव याचिका ही दायर की जा सकती है. आयोग ने यह भी कहा कि एक भी डाक मत दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं हुआ था. हालांकि, अदालत ने पाया कि पेरियाकरुप्पन द्वारा प्रस्तुत शिकायत के समर्थन में पर्याप्त सबूत मौजूद थे. इसके बाद कोर्ट ने श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के रूप में विधानसभा विश्वास मत में भाग लेने से रोक दिया.

चुनाव आयोग को निर्देश
हाई कोर्ट ने आयोग के इस मसले पर हलफनामा दाखिल कर जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने साथ ही निर्देश दिया कि यदि तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या-185 से संबंधित कोई डाक मतपत्र तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या-50 में प्राप्त हुआ हो, उसे सीलबंद, सुरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए. कोर्ट ने मतगणना, डाक मतपत्रों की जांच, डाक मतपत्रों की अस्वीकृति और पुनर्सत्यापन से संबंधित वीडियो फुटेज को उसके मूल इलेक्ट्रॉनिक रूप में बैकअप प्रतियों के साथ संरक्षित करने का आदेश दिया है.

Related Articles

Back to top button