प्लेन क्रैश में महाराष्ट्रके डिप्टी सीएम अजीत पवार की मौत

  • अजीत पवार की मौत से दहल गयी महाराष्ट्रकी राजनीति
  • गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपानी की हवाई हादसे में मौत के बाद डिप्टी सीएम की मौत पर सवाल?
  • पूरे देश से शोक संवेदानएं, महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति का आसमान आज फिर धधक उठा है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी की हवाई दुर्घटना में मौत के कुछ ही समय बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के प्रभावशाली नेता अजीत पवार की विमान हादसे में मौत ने पूरे भारतीय राजनीतिक ताने बाने को स्तब्ध कर दिया है। बारामती में आज सुबह हुई इस दुर्घटना ने केवल पांच लोगों के परिवारों को हिला दिया बल्कि महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरणों को भी झंझोर कर रख दिया है। अजीत पवार युवा और महत्वाकांक्षी नेता थे। एनडीए में शामिल होने के पीछे उनकी हसरत स्पष्ट थी। वह राजनीतिक शक्ति का विस्तार और महाराष्ट्र में रणनीतिक भूमिका चाहते थे। अब उनका असमय निधन न केवल राजनीतिक समीकरणों को बदलता है बल्कि कई सवाल भी खड़े करता है।

जो वार मुझ पर किये गये हैं वह आखिरी कील साबित होंगे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने 28 जनवरी 2026 को सुबह करीब 8:57 बजे सोशल मीडिया एक्स पर लाला लाजपत राय को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर की थी। यह पोस्ट प्लेन क्रैश से लगभग आधे घंटे पहले की थी जब वे बारामती जा रहे थे। पोस्ट में उन्होंने लाला लाजपत राय को पंजाब के शेर कहकर श्रद्धांजलि दी जिसमें उनकी ही कही बात लिखी थी जो वार मुझ पर किए गए हैं वह भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत की आखिरी कील साबित होंगे। अजीत पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे जब उनके प्राइवेट जेट ने लैंडिंग के दौरान क्रैश  कर लिया।

क्या होगा एनसीपी का?

अजीत पवार के जाने के बाद उनकी पार्टी एनसीपी का क्या होगा? यह बड़ा सवाल मुह बाये खड़ा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव निशान घड़ी है और ऐसा लग रहा है कि इस घड़ी की सुइयां रुक गयी यह वही पार्टी है जिसे उनके चाचा शरद पवार ने स्थापित किया और राजनीतिक विरासत पर अपना दावा ठोंकते हुए अजित पवार इसके अध्यक्ष बन गए थे। हालांकि निकाय चुनाव में पवार परिवार एकजुट होता दिखा था और चर्चा थी कि अब दोनों धड़े साथ आ जाएंगे। अब अजित पवार के निधन ने न सिर्फ पवार परिवार को बड़ा झटका लगा है बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। अब देखना यह होगा कि अजित पवार की गैरमौजूदगी और शरद पवार की कम सक्रियता के बीच एनसीपी का क्या होता है।

धुरंदर नेता की छवि

अजीत पवार के करियर में कई ऐसे मोड़ आए जब लगा कि उनका राजनीतिक सफर थम जाएगा लेकिन हर बार उन्होंने अपनी रणनीति से सबको चौंका दिया। चाहे वह सुबह-सुबह राजभवन में शपथ लेना हो या फिर अपनी अलग पार्टी बनाकर सत्ता में हिस्सेदारी पाना अजीत पवार ने साबित किया है कि महाराष्ट्र की राजनीति उनके इर्द-गिर्द ही घूमेगी।

प्रियंका गांधी ने भी किया याद

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अजित पवार के निधन को भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह होते हैं लेकिन दुख की इस घड़ी में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है। शरद पवार गुट और अजित पवार गुट दोनों ही खेमों में गहरा शोक देखा गया। एनसीपी कार्यालयों में झंडे आधे झुके रहे और कार्यकर्ताओं की आंखें नम रहीं।

राजनीतिक जगत में शोक की लहर, अजीत पवार का जाना अपूरणीय क्षति

राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पीयूष गोयल समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने अजित पवार के परिवार से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया। गडकरी ने कहा है कि अजित पवार का जाना सिर्फ एक नेता का नहीं बल्कि एक ऐसे प्रशासक का जाना है जिसने महाराष्ट्र की राजनीति को दशकों तक दिशा दी।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शोक जताया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक संदेश जारी किए। राष्ट्रपति ने कहा कि अजित पवार का सार्वजनिक जीवन अनुशासन, प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक दृढ़ता का उदाहरण रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनका अचानक जाना बेहद पीड़ादायक है। महाराष्ट्र विधानसभा से लेकर संसद परिसर तक हर जगह शोक सभाएं आयोजित की गईं। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अजित पवार की राजनीति भले ही विवादों और तीखे फैसलों से भरी रही हो लेकिन उनकी निर्णय क्षमता और जमीनी पकड़ पर कभी सवाल नहीं उठा। सिंचाई वित्त और उपमुख्यमंत्री जैसे अहम पदों पर रहते हुए उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी।

मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति : फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार के राज्य और जनता के प्रति योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया है। राज्य में मातम का माहौल है। उनके जैसे नेता को खोना एक अभूतपूर्व क्षति है। फडणवीस ने कहा कि व्यक्तिगत जीवन में वे मेरे अच्छे मित्र थे। हमने कई चुनौतियों का एक साथ सामना किया।

अजित पवार की मृत्यु के मामले में जांच होगी : एकनाथ शिंदे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को विमान हादसे में अपने सहयोगी उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में पवार की जान गई, उसकी जांच की जाएगी। शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में पवार के योगदान की सराहना की, जिन्होंने विभिन्न मंत्रिमंडलों में उनके सहयोगी के रूप में कार्य किया और 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने कहा, ”यह बहुत पीड़ादायक घटना है… महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। विमान दुर्घटना की जांच की जाएगी। शिंदे ने कहा ‘यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं बल्कि पूरे राज्य की है। ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो।

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