महोबा हादसा: उफनते नाले में फंसी बोलेरो, मुस्लिम युवकों की बहादुरी से बचीं 6 जिंदगियां
महोबा जिले में इंसानियत और भाईचारे की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महोबा जिले में इंसानियत और भाईचारे की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसीकला गांव के पास उफनते श्याम नाले में बारातियों से भरी बोलेरो कार बह गई। कार में दूल्हे के पिता समेत छह लोग सवार थे। चीख-पुकार सुनते ही स्थानीय मुस्लिम युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, चिचारा गांव निवासी रामऔतार के पुत्र रोहित की बारात बांदा जिले के मसारी गांव जा रही थी। रास्ते में सिरसीकला गांव के पास निर्माणाधीन पुल के बगल से बनाए गए वैकल्पिक मार्ग पर तेज बहाव के बीच बोलेरो अनियंत्रित होकर श्याम नाले में बह गई।
हादसे के समय पास में ट्रैक्टर रिपेयरिंग की दुकान पर मौजूद इसराइल के बेटे तौफीक और शफीक ने चीखें सुनते ही इरफान, जमशेद, दीनदयाल और अन्य ग्रामीणों के साथ नदी में छलांग लगा दी। सभी ने मिलकर करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू चलाया और दूल्हे के पिता रामऔतार सहित सभी छह बारातियों की जान बचा ली।
सूचना मिलते ही खन्ना थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर मंगवाकर बोलेरो को भी नाले से बाहर निकलवाया गया।
हादसे ने जहां हिंदू-मुस्लिम एकता और मानवता की मिसाल पेश की, वहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की गंभीर लापरवाही भी उजागर कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब एक वर्ष से पुल निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है। तेज बहाव वाले वैकल्पिक मार्ग पर न तो बैरिकेडिंग लगाई गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
स्थानीय निवासी कालीचरण प्रजापति ने बताया कि पुल निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और कई बार बीच में बंद भी कर दिया जाता है। ऐसे में यहां हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। फिलहाल, सभी बाराती सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी लापरवाही और ग्रामीणों की बहादुरी दोनों को सामने ला दिया।
रिपोर्ट -इकबाल खान, बांदा



