बांदा में खनन माफिया का खेल? किसानों की जमीन पर जबरन रास्ता बनाने का आरोप

बांदा के सांडी खादर मौरम खंड-1 में किसानों की जमीन पर जबरन रास्ता बनाकर खनन का आरोप लगा है। पीड़ित किसान ने डीएम से शिकायत की है। अवैध खनन, फसल नुकसान और धमकी के आरोपों से मामला गरमाया हुआ है, जांच की मांग तेज हो गई है।

4pm न्यूज नेटवर्क:  बांदा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और खनन व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैलानी तहसील क्षेत्र के सांडी खादर मौरम खंड-1 में किसानों की जमीन पर जबरन रास्ता बनाकर मौरम ढुलाई करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित किसान ने सीधे जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।

खड़ी फसल रौंदी, जबरन बनाया गया रास्ता

ग्राम अलोना निवासी किसान छोटा सिंह का आरोप है कि खदान संचालकों ने दबंगई के बल पर उसकी निजी जमीन से मौरम ले जाने का रास्ता बना लिया। इस दौरान उसकी खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचाया गया। किसान का कहना है कि उसने इसका विरोध किया, तो उसे धमकियां दी गईं और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया।

पैसों का सौदा, लेकिन नहीं मिला पूरा भुगतान

पीड़ित छोटा सिंह, पुत्र फकीरे सिंह के मुताबिक, उसकी जमीन (गाटा संख्या 1131 और 1141) से रास्ता निकालने के लिए खपटिहा कला निवासी पंकज चतुर्वेदी से 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। लेकिन आरोप है कि उसे केवल 10 हजार रुपये ही दो किस्तों में दिए गए। बाकी 80 हजार रुपये मांगने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे भगा दिया गया। इतना ही नहीं, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।

कई किसानों और वन भूमि के इस्तेमाल का आरोप

किसान ने अपनी शिकायत में कहा है कि सिर्फ उसकी ही नहीं, बल्कि इलाके के दर्जनों किसानों की जमीनों का इस्तेमाल मौरम परिवहन के लिए किया जा रहा है। साथ ही कुछ वन विभाग की भूमि को भी बिना अनुमति के उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि इसके लिए प्रशासन की मंजूरी और वन विभाग की एनओसी जरूरी होती है।

कागजों और हकीकत में अंतर, उठे सवाल

सांडी खादर मौरम खंड-1 की लीज करीब 46 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीकृत बताई गई है। लेकिन शिकायत में आरोप है कि खदान के संचालन को लेकर कागजों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। बताया गया कि मूल रजिस्ट्री किसी और फर्म के नाम है, जबकि रॉयल्टी किसी दूसरी फर्म के नाम से काटी जा रही है, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।

अवैध खनन और जल व्यवस्था को नुकसान का आरोप

किसान ने यह भी आरोप लगाया है कि खदान संचालकों के संरक्षण में दिन-रात भारी मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है। इससे केन कैनाल पंप की जल आपूर्ति व्यवस्था को भी नुकसान पहुंच रहा है, जो इलाके के लिए चिंता का विषय है।

शिकायत पहुंची उच्च अधिकारियों तक

पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी, एसडीएम पैलानी, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और लोग प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

रिपोर्ट – इक़बाल खान

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